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Faridabad News: फरीदाबाद मंडल में हैं वक्फ की 2700 से ज्यादा संपत्तियां, 500 पर चल रहा विवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। वक्फ संशोधन बिल को लेकर जिले में मौजूद विशेष समुदाय के लोगों ने विरोध किया है। विशेष समुदाय के लोगों का कहना है कि उनकी संपत्ति पर दूसरे समुदाय के लोग कब्जा करना चाहते हैं इसलिए उनके विरोध में बिल लाया गया है।
फरीदाबाद मंडल के जिला फरीदाबाद, पलवल, नूंह में 2700 से ज्यादा संपत्तियां हैं, जिनमें करीब 500 संपत्तियों पर विवाद चल रहा है। हरियाणा वक्फ बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक फरीदाबाद मंडल में वक्फ की सबसे ज्यादा संपत्तियां नूंह जिले में हैं। यहां कुल 2218 संपत्तियां हैं, जिनका क्षेत्रफल 4218 एकड़ से अधिक है। इसके मुकाबले, फरीदाबाद और पलवल में वक्फ की 527 संपत्तियां हैं, जो 626 एकड़ में फैली हुई हैं। फरीदाबाद और पलवल में वक्फ की करीब 350 और जिला नूंह में वक्फ की करीब 150 संपत्तियों पर विवाद चल रहा है।
लक्कड़पुर सूरजकुंड रोड स्थित मदरसा हिदायत तुल मस्जिद के मौलाना अब्दुल सतार रबानी का कहना है कि सरकार ने बिल के साथ जो छेड़छाड़ की है वह उनके समुदाय के लोगों के साथ नाइंसाफी हुई है। अब सरकार वक्फ प्रबंधन को नियंत्रित करना चाहती है और हस्तक्षेप की नीयत कर रही है। जो सही नहीं है। पहले जो अधिकार बोर्ड के पास हुआ करते थे वह अब अधिकार जिला उपायुक्त को दिए जा रहे हैं। वहीं ओल्ड फरीदाबाद स्थित दिल्ली वाली मस्जिद के मौलाना अशरफ अली का कहना है कि सरकार की ओर से जो बिल लाया गया है वह उसका स्वागत करते हैं। जो बिल में संशोधन किए गए हैं वह उनके हित के लिए होंगे।
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नए कानून के बनने से वर्षों से लोगों के छीने जा रहे हक के लिए अब सुनवाई हो सकेगी। पूर्व में इस बिल से मुगल समयाकालीन लोगों की भूमि ही नहीं बल्कि न्यायालय जाने के अधिकार भी छीन लिए गए थे। -पंकज रामपाल, जिलाध्यक्ष भाजपा, नूंह
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नए कानून से लोगों को उनका अधिकार नहीं मिलेगा, बल्कि वक्फ की भूमि पर नए केस अधिक बढ़ेंगे। नए कानून में सभी अधिकार जिलाधीश के पास होंगे। ऐसे में भाजपा सरकार इस बिल को लाकर एक वर्ग के अधिकारों पर हस्तक्षेप कर रही है। आफताब अहमद, विधायक नूंह
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फरीदाबाद। वक्फ संशोधन बिल को लेकर जिले में मौजूद विशेष समुदाय के लोगों ने विरोध किया है। विशेष समुदाय के लोगों का कहना है कि उनकी संपत्ति पर दूसरे समुदाय के लोग कब्जा करना चाहते हैं इसलिए उनके विरोध में बिल लाया गया है।
फरीदाबाद मंडल के जिला फरीदाबाद, पलवल, नूंह में 2700 से ज्यादा संपत्तियां हैं, जिनमें करीब 500 संपत्तियों पर विवाद चल रहा है। हरियाणा वक्फ बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक फरीदाबाद मंडल में वक्फ की सबसे ज्यादा संपत्तियां नूंह जिले में हैं। यहां कुल 2218 संपत्तियां हैं, जिनका क्षेत्रफल 4218 एकड़ से अधिक है। इसके मुकाबले, फरीदाबाद और पलवल में वक्फ की 527 संपत्तियां हैं, जो 626 एकड़ में फैली हुई हैं। फरीदाबाद और पलवल में वक्फ की करीब 350 और जिला नूंह में वक्फ की करीब 150 संपत्तियों पर विवाद चल रहा है।
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लक्कड़पुर सूरजकुंड रोड स्थित मदरसा हिदायत तुल मस्जिद के मौलाना अब्दुल सतार रबानी का कहना है कि सरकार ने बिल के साथ जो छेड़छाड़ की है वह उनके समुदाय के लोगों के साथ नाइंसाफी हुई है। अब सरकार वक्फ प्रबंधन को नियंत्रित करना चाहती है और हस्तक्षेप की नीयत कर रही है। जो सही नहीं है। पहले जो अधिकार बोर्ड के पास हुआ करते थे वह अब अधिकार जिला उपायुक्त को दिए जा रहे हैं। वहीं ओल्ड फरीदाबाद स्थित दिल्ली वाली मस्जिद के मौलाना अशरफ अली का कहना है कि सरकार की ओर से जो बिल लाया गया है वह उसका स्वागत करते हैं। जो बिल में संशोधन किए गए हैं वह उनके हित के लिए होंगे।
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नए कानून के बनने से वर्षों से लोगों के छीने जा रहे हक के लिए अब सुनवाई हो सकेगी। पूर्व में इस बिल से मुगल समयाकालीन लोगों की भूमि ही नहीं बल्कि न्यायालय जाने के अधिकार भी छीन लिए गए थे। -पंकज रामपाल, जिलाध्यक्ष भाजपा, नूंह
नए कानून से लोगों को उनका अधिकार नहीं मिलेगा, बल्कि वक्फ की भूमि पर नए केस अधिक बढ़ेंगे। नए कानून में सभी अधिकार जिलाधीश के पास होंगे। ऐसे में भाजपा सरकार इस बिल को लाकर एक वर्ग के अधिकारों पर हस्तक्षेप कर रही है। आफताब अहमद, विधायक नूंह