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Faridabad News: अदालत में केस डालने पर छात्र को मिला आरटीई के तहत दाखिला
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जब शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के अंतर्गत पात्र बच्चों को भी समय पर न्याय नहीं मिला तब न्यायालय ही अंतिम सहारा बना। चार साल के हर्षुल को कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के बाद सेक्टर-14 स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में नर्सरी क्लास में दाखिला मिला।
दरअसल, हर्षुल का नाम शिक्षा विभाग की ओर से जारी की गई दोनों चयन सूची में आया था, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने उसे दाखिला देने से इंकार कर दिया। परिजन लगातार जिला शिक्षा अधिकारी और उपायुक्त कार्यालय के चक्कर लगाते रहे लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
इसके बाद हर्षुल के पिता ने हरियाणा अभिभावक एकता मंच से संपर्क किया। मंच के प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने बताया कि मंच के लीगल एडवाइजर एडवोकेट बीएस विरदी ने छात्र की ओर से 5 अगस्त को स्थायी लोक अदालत (पब्लिक यूटिलिटी कोर्ट) फरीदाबाद में याचिका दायर की। पहली सुनवाई 12 अगस्त को हुई, जिसमें स्कूल प्रबंधन और जिला शिक्षा अधिकारी दोनों पेश हुए। अदालत ने उनके जवाब पर नाराजगी जताई।
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दूसरी सुनवाई पर डीईओ ने समय मांगा और अगली तारीख 19 अगस्त तय की गई। इसी बीच अदालत की सख्ती को देखते हुए 18 अगस्त को ही डीवीए स्कूल प्रबंधन ने हर्षुल को दाखिला दे दिया। इसके बाद परिजनों ने अदालत से अपनी शिकायत वापस ले ली।
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फरीदाबाद। जब शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के अंतर्गत पात्र बच्चों को भी समय पर न्याय नहीं मिला तब न्यायालय ही अंतिम सहारा बना। चार साल के हर्षुल को कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के बाद सेक्टर-14 स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में नर्सरी क्लास में दाखिला मिला।
दरअसल, हर्षुल का नाम शिक्षा विभाग की ओर से जारी की गई दोनों चयन सूची में आया था, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने उसे दाखिला देने से इंकार कर दिया। परिजन लगातार जिला शिक्षा अधिकारी और उपायुक्त कार्यालय के चक्कर लगाते रहे लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
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इसके बाद हर्षुल के पिता ने हरियाणा अभिभावक एकता मंच से संपर्क किया। मंच के प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने बताया कि मंच के लीगल एडवाइजर एडवोकेट बीएस विरदी ने छात्र की ओर से 5 अगस्त को स्थायी लोक अदालत (पब्लिक यूटिलिटी कोर्ट) फरीदाबाद में याचिका दायर की। पहली सुनवाई 12 अगस्त को हुई, जिसमें स्कूल प्रबंधन और जिला शिक्षा अधिकारी दोनों पेश हुए। अदालत ने उनके जवाब पर नाराजगी जताई।
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दूसरी सुनवाई पर डीईओ ने समय मांगा और अगली तारीख 19 अगस्त तय की गई। इसी बीच अदालत की सख्ती को देखते हुए 18 अगस्त को ही डीवीए स्कूल प्रबंधन ने हर्षुल को दाखिला दे दिया। इसके बाद परिजनों ने अदालत से अपनी शिकायत वापस ले ली।