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जेएनयू छात्रों और पुरानी खोरी के लोगों के आने पर शुरू हुआ बवाल

Wed, 30 Jun 2021 10:36 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 30 Jun 2021 10:36 PM IST
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The ruckus started after the arrival of JNU students and people of Purani Khori
फरीदाबाद। खोरी गांव में बुधवार को महापंचायत को लेकर जमकर बवाल हुआ। जहां एक तरफ पुलिस ने लोगों पर लाठीचार्ज किया, वहीं दूसरी तरफ लोगों ने भी जमकर पत्थरबाजी की। इस बवाल की शुरुआत अंबेडकर पार्क से हुई। अफवाह थी कि यहां जेएनयू के पूर्व छात्र नेता कन्हैया कुमार भी आएंगे। जिनके नाम पर जेएनयू के छात्रों और युवाओं की भीड़ एकत्रित हो गई थी। वहीं पुरानी खोरी के लोगों द्वारा बिजली-पानी की सुविधा मुहैया कराने को लेकर विरोध-प्रदर्शन से भी तनाव काफी बढ़ गया।
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खोरी गांव के लोगों ने अंबेडकर पार्क को महापंचायत के लिए चुना था। इसके लिए बाकायदा पर्चे भी छपवाए गए थे। इसमें भारतीय किसान यूनियन चढूनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी को मुख्य अथिति के रूप में बुलाया गया था। अफवाह थी कि यहां जेएनयू के पूर्व छात्र नेता कन्हैया कुमार भी आएंगे। कन्हैया के नाम पर युवाओं की भीड़ काफी संख्या में एकत्रित हो गई थी। करीब साढ़े ग्यारह बजे लोगों की भीड़ पार्क के सामने आ गई। लोग अंदर जाने की जिद पर अड़े रहे। लोगों को समझाने के दौरान जेएनयू के कुछ छात्र भीड़ के साथ आए और पुलिस के साथ बहस करने लगे। इसी दौरान पुरानी खोरी के कुछ लोग बिजली पानी की बहाली को लेकर सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। देखते ही देखते मामला बिगड़ गया और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। भगदड़ में एक महिला बेहोश हो गई। लोगों ने उसे जैसे तैसे संभाला। सरकारी प्राइमरी स्कूल की तरफ से लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। लोगों के पथराव करते ही पुलिस ने भी पथराव किया और मामला और बिगड़ गया। करीब 15 मिनट तक जमकर पत्थरबाजी के बाद लोग गांव की तरफ निकल गए। लोगों के पीछे-पीछे पुलिस की कई टीमें उन्हें तलाशने में जुट गईं।
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शाम पांच बजे तक धरने पर बैठे रहे चढूनी
किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी करीब साढ़े बारह बजे पुरानी खोरी के गेट पर पहुंच गए। यहां पहले से ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार जसवंत, एसीपी अनिल यादव, एसीपी पृथ्वी सिंह व एसीपी सुखबीर मौजूद थे। अधिकारियों ने चढूनी को गांव में प्रवेश करने से रोक दिया। चढूनी ने कहा कि यदि वे अंदर नही जा सकते, तो आप गांव वालों को बाहर ले आइए। करीब आधे घंटे की बहस के बाद चढूनी अपने साथियों व ग्रामीणों के साथ गांव के गेट पर ही धरने पर बैठ गए। उनके साथ भारतीय किसान यूनियन चढूनी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता पूनम पंडित, सतीश कोच मौजूद रहे। शाम करीब 5 बजे पुलिस ने उन्हें गांव में जाने की इजाजत दे दी।
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पांच सदस्यीय कमेटी का गठन
चढूनी ने गांव में जाकर लोगों की समस्या को जाना और उन्हें जल्द से जल्द बिजली-पानी की सुविधा मुहैया करवाने का आश्वासन दिया। यहां मौजूद लोगों के बीच से उन्होंने पांच लोगों की एक कमेटी का गठन किया। यह कमेटी सरकार से अपनी मांगें रखेगी। कमेटी में सलीम खान, फुलवा देवी, मोहम्मद मोहसिन, निर्मल गिराना व गवाद प्रसाद हैं। कमेटी की तीन प्रमुख मांगे हैं। पहली ये कि पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए लोगों को रिहा किया जाए, उनके खिलाफ दर्ज मामलों को खारिज किया जाए। गांव में बिजली-पानी की सुविधा को तत्काल बहाल किया जाए और भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई के बाद ही तोड़फोड़ की शुरुआत की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पैसे देकर जमीन ली है। सरकार उन्हें उचित मुआवजा दे। करीब डेढ़ घंटे तक गांव में घूमने के बाद चढूनी वापस चले गए।
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