फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   The rate of brick given by the government is five rupees, the rate in the market is Rs 8.30.

Faridabad News: फ्लायर या बॉटम सरकार दे रही ईंट का रेट पांच रुपये, बाजार में रेट 8.30 रुपये

Fri, 21 Jul 2023 10:41 PM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद Updated Fri, 21 Jul 2023 10:41 PM IST
विज्ञापन
The rate of brick given by the government is five rupees, the rate in the market is Rs 8.30.
कैसे हो विकास: सरकार के रेट इतने कम, ठेकेदार नहीं भर रहे टेंडर
विज्ञापन

- घाटा सहन न करना पड़े, इसके लिए लगाते हैं घटिया निर्माण सामग्री
- कार्य होने के एक महीने बाद ही टूटकर बिखर जाता है निर्माण
अनूप पाराशर
फरीदाबाद। गांवों में विकास केवल कागजों में हो रहा है, धरातल पर कुछ नहीं है, क्योंकि विकास कार्य के लिए सरकार जो ईं-टेंडर छोड़ रही है, उसमें एक ईंट के पांच रुपये मिलेंगे। जबकि, बाजार में एक ईंट 8.50 रुपये की मिल रही है, इससे ठेकेदार एक ईंट लगाने पर साढ़े 3 रुपये घाटा सहन करेगा। इस तरह का घाटा केवल ईंट पर ही नहीं, क्रशर, रोड़ी, सीमेंट तथा लेबर पर ही सहन करना पड़ रहा है। सरकार के इस नियम के चलते गांवों में विकास कार्य ठप हो गए हैं।
सरकार द्वारा छोड़े जाने वाले ई-टेंडरों को ठेकेदारों ने लेना बंद कर दिया है। ठेकेदार अब ईं-टेंडर के लिए बिट नहीं लगा रहे हैं। इससे गांवों में होने वाले विकास कार्य रुक गए हैं। क्योंकि कार्य के लिए जो रेट निर्माण सामग्री के लिए दिए जा रहे हैं, वे काफी कम हैं। ऐसे में काम लेने पर ठेकेदार पूरी तरह से घाटे में जा रहा है। घाटे को पूरा करने पर इतनी मिलावट की जाती है कि निर्माण ज्यादा दिन नहीं चलता। यही कारण है कि सड़कें बनने के बाद एक से दो महीने ही चलती हैं।
विज्ञापन

-----------
सरकार ने तय किए हैं ये रेट, बाजार में कीमत यह
प्रदेश सरकार द्वारा विकास कार्य में इस्तेमाल होने वाली निर्माण सामग्री के लिए अपने रेट तय किए हैं। यह रेट पिछले काफी सालों से चले आ रहे हैं। इनमें सरकार द्वारा अब भी इजाफा नहीं किया गया है, जबकि निर्माण सामग्री की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। सरकार द्वारा ईंट की कीमत प्रति हजार 5100 तय की हुई है। इस तरह से एक ईंट लगाने पर ठेकेदार को पांच रुपये मिलेंगे। बाजार में ईंट की कीमत 8.30 रुपये है। इसी तरह से क्रशर का रेट सरकार द्वारा 48 रुपये फुट दिया जा रहा है। बाजार में क्रशर का रेट 52 से 55 रुपये फुट है। रोड़ी-बजरी का रेट सरकार द्वारा 42 रुपये दिया जा रहा है, जबकि बाजार में इसकी कीमत 48 से 50 रुपये फुट है। सीमेंट का रेट सरकार द्वारा 315 रुपये दिया जा रहा है, जबकि बाजार में सीमेंट का एक कट्टा 370 से 380 रुपये में मिल रहा है। लेबर का रेट भी सरकार द्वारा काफी कम दिया जा रहा है। मिस्त्री को जहां सरकार द्वारा 643 रुपये प्रति दिन का दिया जा रहा है, वहीं मजदूर को 572 रुपये मिल रहा है। जबकि, ठेकेदार को मिस्त्री 800 रुपये तथा मजदूर 600 रुपये में मिल रहा है। इस तरह से ठेकेदार को सरकार द्वारा कराए जाने वाले विकास कार्य में हर तरह से घाटा सहन करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------
मिल रहा भ्रष्टाचार को बढ़ावा
सरकार द्वारा तय रेट काफी कम देने के कारण ठेकेदार को लाखों रुपये का घाटा होता है। ऐसे में ठेकेदार उस घाटे को पूरा करने के लिए अधिकारियों से साठगांठ कर घटिया निर्माण सामग्री लगाता है। इससे सड़कें, पुल व अन्य निर्माण कार्य एक से दो महीने में ही टूट जाते हैं। सरकार की इस नीति से गांव में विकास कार्य में तो गुणवत्ता रहती ही नहीं है, साथ ही सरकार द्वारा खर्च किए जाने वाले करोड़ों रुपये अधिकारियों व ठेकेदारों की जेब में पहुंच जाते हैं।

----------
काफी सरपंच मुझसे इस समस्या को लेकर मिले हैं। उनकी समस्या जायज है। मैंने इस बारे में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से बात की है। मेरा प्रयास हैं कि ऐसा नियम बनाया जाए, जिससे विकास कार्य के लिए लगने वाले टेंडर ठेकेदार लें। गुणवत्ता युक्त निर्माण सामग्री लगे और किसी को घाटा न हो।
- कृष्णपाल गुर्जर, केंद्रीय राज्यमंत्री
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed