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Faridabad News: निगम मुख्यालय पर धरने पर बैठी नेहरू कॉलोनी की महिलाओं को पुलिस ने हटाया
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तोड़फोड़ की कार्रवाई का विरोध, प्रभावित परिवारों ने पुनर्वास और राहत की उठाई मांग
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नेहरू कॉलोनी में हाल ही में हुई तोड़फोड़ कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठी महिलाओं को पुलिस ने हटा दिया। प्रभावित परिवारों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना पर्याप्त समय दिए उनके मकानों पर कार्रवाई की जिससे उन्हें अपना सामान तक समेटने का अवसर नहीं मिला। साथ ही अब तक पुनर्वास की कोई स्पष्ट व्यवस्था भी नहीं की गई है।
धरने में शामिल महिलाओं और स्थानीय निवासियों ने बताया कि वे अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखने के लिए निगम मुख्यालय पहुंचे थे। उनका कहना है कि कार्रवाई से पहले न तो वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी दी गई और न ही प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर कोई ठोस आश्वासन मिला। उनका आरोप है कि प्रशासन ने उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें धरनास्थल से हटाने की कार्रवाई की।
धरना दे रहे लोगों ने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित परिवारों के लिए जल्द पुनर्वास और राहत की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि जब तक रहने की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
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एसजीएम नगर थाना प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने धरना देने के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली थी। उनके अनुसार बिना अनुमति किसी सरकारी परिसर में धरना या प्रदर्शन नहीं किया जा सकता इसलिए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस ने उन्हें वहां से हटाया।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नेहरू कॉलोनी में हाल ही में हुई तोड़फोड़ कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठी महिलाओं को पुलिस ने हटा दिया। प्रभावित परिवारों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना पर्याप्त समय दिए उनके मकानों पर कार्रवाई की जिससे उन्हें अपना सामान तक समेटने का अवसर नहीं मिला। साथ ही अब तक पुनर्वास की कोई स्पष्ट व्यवस्था भी नहीं की गई है।
धरने में शामिल महिलाओं और स्थानीय निवासियों ने बताया कि वे अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखने के लिए निगम मुख्यालय पहुंचे थे। उनका कहना है कि कार्रवाई से पहले न तो वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी दी गई और न ही प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर कोई ठोस आश्वासन मिला। उनका आरोप है कि प्रशासन ने उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें धरनास्थल से हटाने की कार्रवाई की।
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धरना दे रहे लोगों ने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित परिवारों के लिए जल्द पुनर्वास और राहत की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि जब तक रहने की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
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एसजीएम नगर थाना प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने धरना देने के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली थी। उनके अनुसार बिना अनुमति किसी सरकारी परिसर में धरना या प्रदर्शन नहीं किया जा सकता इसलिए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस ने उन्हें वहां से हटाया।