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Faridabad News: वेट एंड वॉच की स्थिति में बैठी रही पुलिस, क्या मेरा भाई खुद जल गया?
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-महेश पर हमले के 25 दिन तक आगजनी के नतीजे पर नहीं पहुंची एसआईटी
कैलाश गठवाल
फरीदाबाद। बिटटू बजरंगी के भाई महेश पांचाल के साथ हुई आगजनी की घटना के 25 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। सोमवार रात महेश पांचाल की इलाज के दौरान मौत हो गई। इधर हंगामा बढ़ता देख एसीपी विष्णु प्रसाद ने 48 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन भी दे दिया। तो क्या पुलिस बस मामले के गंभीर होने का इंतजार कर रही थी। बिट्टू बजरंगी लगातार पुलिस पर दबाव के आरोप लगाता रहा लेकिन पुलिस की तरफ से केस में कोई ठोस जवाब नहीं आया।
बिट्टू बजरंगी के भाई पर हमले के बाद से पुलिस केस को संदिग्ध मानती आ रही है। मामले की जांच के लिए पुलिस आयुक्त राकेश आर्य ने खुद जाकर मौके का मुआयना किया। एसीपी क्राइम अमन यादव की अगुवाई में एसआईटी गठित की गई। इन सब के बावजूद 25 दिनों में ये पता नहीं कर पाई कि आखिर आग लगी कैसे। बिटटू बजरंगी ने बाकायदा पत्रकार वार्ता कर पुलिस पर राजनीतिक दबाव के आरोप लगाए थे। बिट्टू का कहना है कि भाई की मौत के बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी जबकि पहले दिन से एक आरोपी का नाम शिकायत में दे रखा है। मजिस्ट्रेट के सामने दूसरे बयान की बात पर बिट्टू ने कहा कि भाई महेश की हालत बयान के लायक नहीं थी। क्या बयान दिए गए, वह नहीं जानते। इसके बावजूद पुलिस तो यहां तक भी नहीं पता लगा पाई कि आग किसने, कैसे और क्यूं लगाई। क्या मेरा भाई खुद ही जल गया। इधर पुलिस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है। बार-बार प्रयास के बाद भी पुलिस इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
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सबूत नहीं तो अरमान को कैसे गिरफ्तार करेगी पुलिस
महेश के अंतिम संस्कार के दौरान लोगों द्वारा रखी गई मांग पर एसीपी ने कहा 48 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जबकि मौत से पहले पुलिस का कहना था कि अरमान के खिलाफ पुलिस को कोई सबूत नहीं मिले हैं। ऐसे में अब पुलिस किस आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा कर रही है। वारदात के पांच दिन बाद 18 दिसंबर को पुलिस आयुक्त (सीपी) राकेश कुमार आर्य ने भी मौका मुआयना किया था। वह बाबा फल मंडी पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी ली थी। साथ ही आसपास के लोगों से भी पूछताछ की थी। पुलिस आयुक्त के मौका मुआयना के बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई।
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तीन भाइयों में अकेला रह गया बिट्टू
महेश की मौत के बाद बिट्टू बजरंगी उर्फ राजकुमार पांचाल तीन भाइयों में अकेला रह गया है। उसके बड़े भाई की दुर्घटना में मौत हो गई थी। बिट्टू ने शादी नहीं की और महेश की अब मौत हो गई। घर में बिट्टू के अलावा महेश की पत्नी पिंकी और चार की साल की बेटी दिव्या ही बची है। बिट्टू भी बाबा मंडी में सब्जी बेचने का काम करता है।
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कैलाश गठवाल
फरीदाबाद। बिटटू बजरंगी के भाई महेश पांचाल के साथ हुई आगजनी की घटना के 25 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। सोमवार रात महेश पांचाल की इलाज के दौरान मौत हो गई। इधर हंगामा बढ़ता देख एसीपी विष्णु प्रसाद ने 48 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन भी दे दिया। तो क्या पुलिस बस मामले के गंभीर होने का इंतजार कर रही थी। बिट्टू बजरंगी लगातार पुलिस पर दबाव के आरोप लगाता रहा लेकिन पुलिस की तरफ से केस में कोई ठोस जवाब नहीं आया।
बिट्टू बजरंगी के भाई पर हमले के बाद से पुलिस केस को संदिग्ध मानती आ रही है। मामले की जांच के लिए पुलिस आयुक्त राकेश आर्य ने खुद जाकर मौके का मुआयना किया। एसीपी क्राइम अमन यादव की अगुवाई में एसआईटी गठित की गई। इन सब के बावजूद 25 दिनों में ये पता नहीं कर पाई कि आखिर आग लगी कैसे। बिटटू बजरंगी ने बाकायदा पत्रकार वार्ता कर पुलिस पर राजनीतिक दबाव के आरोप लगाए थे। बिट्टू का कहना है कि भाई की मौत के बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी जबकि पहले दिन से एक आरोपी का नाम शिकायत में दे रखा है। मजिस्ट्रेट के सामने दूसरे बयान की बात पर बिट्टू ने कहा कि भाई महेश की हालत बयान के लायक नहीं थी। क्या बयान दिए गए, वह नहीं जानते। इसके बावजूद पुलिस तो यहां तक भी नहीं पता लगा पाई कि आग किसने, कैसे और क्यूं लगाई। क्या मेरा भाई खुद ही जल गया। इधर पुलिस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है। बार-बार प्रयास के बाद भी पुलिस इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
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सबूत नहीं तो अरमान को कैसे गिरफ्तार करेगी पुलिस
महेश के अंतिम संस्कार के दौरान लोगों द्वारा रखी गई मांग पर एसीपी ने कहा 48 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जबकि मौत से पहले पुलिस का कहना था कि अरमान के खिलाफ पुलिस को कोई सबूत नहीं मिले हैं। ऐसे में अब पुलिस किस आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा कर रही है। वारदात के पांच दिन बाद 18 दिसंबर को पुलिस आयुक्त (सीपी) राकेश कुमार आर्य ने भी मौका मुआयना किया था। वह बाबा फल मंडी पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी ली थी। साथ ही आसपास के लोगों से भी पूछताछ की थी। पुलिस आयुक्त के मौका मुआयना के बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई।
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तीन भाइयों में अकेला रह गया बिट्टू
महेश की मौत के बाद बिट्टू बजरंगी उर्फ राजकुमार पांचाल तीन भाइयों में अकेला रह गया है। उसके बड़े भाई की दुर्घटना में मौत हो गई थी। बिट्टू ने शादी नहीं की और महेश की अब मौत हो गई। घर में बिट्टू के अलावा महेश की पत्नी पिंकी और चार की साल की बेटी दिव्या ही बची है। बिट्टू भी बाबा मंडी में सब्जी बेचने का काम करता है।