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Faridabad News: स्मार्ट सिटी में हथियार के लिए लाइसेंसी लेेने वाले बढ़े
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- पिछले दो सालों में 165 लोगों को जारी किए गए लाइसेंस
- साल 2023 में 63 और साल 2024 में 112 लोगों को जारी किए लाइसेंस
हेमलता
बल्लभगढ़। स्मार्ट सिटी में पिस्टल, राइफल, बंदूक और रिवाल्वर के लिए लाइसेंसी लेने वालों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है। सुरक्षा और शान के लिए लोग हथियार रखना चाह रहे हैं। शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। पहले जहां हर महीने केवल पांच से छह आवेदन आते थे, वहीं अब संख्या बढ़कर 27 से 30 तक पहुंच गई है। दो साल में 165 लोगों को हथियार के लाइसेंस दिए गए है।
स्मार्ट सिटी में नेताओं, ठेकेदारों और कारोबारियों की संख्या सबसे अधिक है। सभी लाइसेंस लेते वक्त यह तर्क देते हैं कि बड़े लेन-देन और जमीन विवादों के कारण उन्हें जान का खतरा रहता है। वहीं, कुछ लोग केवल समाज में दबंग छवि बनाने और रुतबा दिखाने के लिए भी हथियार लेते हैं।
बल्लभगढ़ के रहने वाले मोहित सिंह ने आरटीआई के जरिए शस्त्र लाइसेंस शाखा से साल 2023-24 और साल 2024-25 में कितने लोगों को हथियार के लाइसेंस जारी किए गए है, उसका डाटा मांगा था। उस आंकड़ों के अनुसार पिछले दो सालों में जिले के 165 लोगों को हथियार के लाइसेंस जारी किए गए। इनमें से अधिकांश आवेदन आत्मरक्षा और निजी सुरक्षा के लिए हैं। वकील, डॉक्टर, बिल्डर और यहां तक कि खिलाड़ी भी गन लाइसेंस के लिए आवेदन किया है। हालांकि, लाइसेंस केवल तभी मंजूर किया जाता है जब दस्तावेज और कारण सही हो।
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साल 2024 में बढ़े आंकड़े
आरटीआई से मिले आंकड़ों के अनुसार साल 2023 के जनवरी में 4, फरवरी में 4, मार्च में 6, अप्रैल में 7, मई में 5, जून में 7, जुलाई में 2, अगस्त में 11, सितंबर में 2, अक्टूबर में 6, नवंबर में 2 और दिसंबर में 7 लोगों को बंदूक के लाइसेंस दिए गए हैं। साल 2023 में कुल 63 लोगों ने लाइसेंस प्राप्त किए हैं। वहीं, साल 2024 में यह आंकड़े बढ़कर 112 तक पहुंच गए हैं। आंकड़ों के अनुसार जनवरी में 8, फरवरी में 27, मार्च में 18, जून में 4, जुलाई में 30, अगस्त में 11, नवंबर में 3 और दिसंबर में 11 लोगों को लाइसेंस दिए गए हैं। इसके अलावा अप्रैल, मई, सितंबर, अक्टूबर महीने में किसी भी व्यक्ति को लाइसेंस नहीं दिए है।
लाइसेंस लेने की प्रक्रिया आसान नहीं
शस्त्र लाइसेंस की प्रक्रिया लंबी और सख्त है। ऑनलाइन आवेदन के बाद पुलिस विभाग की ओर से दस्तावेजों की जांच होती है। इसके बाद एसडीएम और एसपी कार्यालय से रिपोर्ट ली जाती है। आवेदक का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जाता है। सभी चीजें सही होने पर ही लाइसेंस मंजूर होता है। इस प्रक्रिया में दो से तीन महीने का समय लग जाता है।
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- साल 2023 में 63 और साल 2024 में 112 लोगों को जारी किए लाइसेंस
हेमलता
बल्लभगढ़। स्मार्ट सिटी में पिस्टल, राइफल, बंदूक और रिवाल्वर के लिए लाइसेंसी लेने वालों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है। सुरक्षा और शान के लिए लोग हथियार रखना चाह रहे हैं। शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। पहले जहां हर महीने केवल पांच से छह आवेदन आते थे, वहीं अब संख्या बढ़कर 27 से 30 तक पहुंच गई है। दो साल में 165 लोगों को हथियार के लाइसेंस दिए गए है।
स्मार्ट सिटी में नेताओं, ठेकेदारों और कारोबारियों की संख्या सबसे अधिक है। सभी लाइसेंस लेते वक्त यह तर्क देते हैं कि बड़े लेन-देन और जमीन विवादों के कारण उन्हें जान का खतरा रहता है। वहीं, कुछ लोग केवल समाज में दबंग छवि बनाने और रुतबा दिखाने के लिए भी हथियार लेते हैं।
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बल्लभगढ़ के रहने वाले मोहित सिंह ने आरटीआई के जरिए शस्त्र लाइसेंस शाखा से साल 2023-24 और साल 2024-25 में कितने लोगों को हथियार के लाइसेंस जारी किए गए है, उसका डाटा मांगा था। उस आंकड़ों के अनुसार पिछले दो सालों में जिले के 165 लोगों को हथियार के लाइसेंस जारी किए गए। इनमें से अधिकांश आवेदन आत्मरक्षा और निजी सुरक्षा के लिए हैं। वकील, डॉक्टर, बिल्डर और यहां तक कि खिलाड़ी भी गन लाइसेंस के लिए आवेदन किया है। हालांकि, लाइसेंस केवल तभी मंजूर किया जाता है जब दस्तावेज और कारण सही हो।
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साल 2024 में बढ़े आंकड़े
आरटीआई से मिले आंकड़ों के अनुसार साल 2023 के जनवरी में 4, फरवरी में 4, मार्च में 6, अप्रैल में 7, मई में 5, जून में 7, जुलाई में 2, अगस्त में 11, सितंबर में 2, अक्टूबर में 6, नवंबर में 2 और दिसंबर में 7 लोगों को बंदूक के लाइसेंस दिए गए हैं। साल 2023 में कुल 63 लोगों ने लाइसेंस प्राप्त किए हैं। वहीं, साल 2024 में यह आंकड़े बढ़कर 112 तक पहुंच गए हैं। आंकड़ों के अनुसार जनवरी में 8, फरवरी में 27, मार्च में 18, जून में 4, जुलाई में 30, अगस्त में 11, नवंबर में 3 और दिसंबर में 11 लोगों को लाइसेंस दिए गए हैं। इसके अलावा अप्रैल, मई, सितंबर, अक्टूबर महीने में किसी भी व्यक्ति को लाइसेंस नहीं दिए है।
लाइसेंस लेने की प्रक्रिया आसान नहीं
शस्त्र लाइसेंस की प्रक्रिया लंबी और सख्त है। ऑनलाइन आवेदन के बाद पुलिस विभाग की ओर से दस्तावेजों की जांच होती है। इसके बाद एसडीएम और एसपी कार्यालय से रिपोर्ट ली जाती है। आवेदक का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जाता है। सभी चीजें सही होने पर ही लाइसेंस मंजूर होता है। इस प्रक्रिया में दो से तीन महीने का समय लग जाता है।