{"_id":"69ebbb1dba39db70c60e4f55","slug":"the-noise-of-admission-outside-bal-vatika-lying-deserted-faridabad-news-c-26-1-fbd1021-68346-2026-04-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: बाहर दाखिले का शोर...सूनी पड़ी बाल वाटिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: बाहर दाखिले का शोर...सूनी पड़ी बाल वाटिका
विज्ञापन
हेडिंग : बाल वाटिका में दाखिला अनुपस्थित
50 प्राथमिक विद्यालयों की बाल वाटिका में अब तक एक भी दाखिला नहीं
शिक्षा विभाग की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के राजकीय विद्यालयों में एक अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र के लिए दाखिले की प्रक्रिया जोर-शोर से चल रही है लेकिन परिणाम उम्मीद के मुताबिक नजर नहीं आ रहे हैं। प्राथमिक विद्यालयों में नामांकन की स्थिति बेहद निराशाजनक है। शिक्षा विभाग की रिपोर्ट ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है, जिसमें जिले के राजकीय विद्यालयों की जमीनी हकीकत सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, जिले में कुल 50 ऐसे प्राथमिक विद्यालय हैं, जहां बाल वाटिका में अब तक एक भी नया दाखिला नहीं हुआ है। इन विद्यालयों में नामांकन का आंकड़ा शून्य है, जो विभाग के दावों और शिक्षकों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सरकार ने छोटे बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा से जोड़ने के लिए बाल वाटिका की शुरुआत की गई थी, लेकिन इन 50 स्कूलों में इस योजना का लाभ उठाने वाला एक भी बच्चा सामने नहीं आया है।
दाखिलों की इस सुस्त रफ्तार ने जागरूकता अभियान और हर घर सर्वे की पोल खोल दी है। विभाग की ओर से शिक्षकों को निर्देश दिए गए थे कि वे गांव-गांव जाकर अभिभावकों को राजकीय विद्यालयों की सुविधाओं के बारे में बताएं, ताकि वे अपने बच्चों का दाखिला राजकीय विद्यालय में करा सकें
विज्ञापन
वर्जन-
राजकीय विद्यालयों में दाखिला बढ़ाने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही विद्यालयों में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में अभिभावकों को जानकारी दी जा रही है, ताकि वे दाखिले के प्रति प्रेरित हो सकें।- बसंत कुमार, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
50 प्राथमिक विद्यालयों की बाल वाटिका में अब तक एक भी दाखिला नहीं
शिक्षा विभाग की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के राजकीय विद्यालयों में एक अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र के लिए दाखिले की प्रक्रिया जोर-शोर से चल रही है लेकिन परिणाम उम्मीद के मुताबिक नजर नहीं आ रहे हैं। प्राथमिक विद्यालयों में नामांकन की स्थिति बेहद निराशाजनक है। शिक्षा विभाग की रिपोर्ट ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है, जिसमें जिले के राजकीय विद्यालयों की जमीनी हकीकत सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, जिले में कुल 50 ऐसे प्राथमिक विद्यालय हैं, जहां बाल वाटिका में अब तक एक भी नया दाखिला नहीं हुआ है। इन विद्यालयों में नामांकन का आंकड़ा शून्य है, जो विभाग के दावों और शिक्षकों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सरकार ने छोटे बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा से जोड़ने के लिए बाल वाटिका की शुरुआत की गई थी, लेकिन इन 50 स्कूलों में इस योजना का लाभ उठाने वाला एक भी बच्चा सामने नहीं आया है।
विज्ञापन
दाखिलों की इस सुस्त रफ्तार ने जागरूकता अभियान और हर घर सर्वे की पोल खोल दी है। विभाग की ओर से शिक्षकों को निर्देश दिए गए थे कि वे गांव-गांव जाकर अभिभावकों को राजकीय विद्यालयों की सुविधाओं के बारे में बताएं, ताकि वे अपने बच्चों का दाखिला राजकीय विद्यालय में करा सकें
विज्ञापन
वर्जन-
राजकीय विद्यालयों में दाखिला बढ़ाने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही विद्यालयों में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में अभिभावकों को जानकारी दी जा रही है, ताकि वे दाखिले के प्रति प्रेरित हो सकें।- बसंत कुमार, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी