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Faridabad News: पांच मोर्चों पर होगी नगर निगम के 10 साल के कार्यों की जांच

Fri, 12 Jun 2026 01:12 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jun 2026 01:12 AM IST
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The Municipal Corporation's work over the past 10 years will be investigated on five fronts.
सरकार ने विजिलेंस जांच का दायरा विस्तृत किया
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम में पिछले 10 वर्षों के दौरान कराए गए विकास कार्यों की जांच अब पांच अलग-अलग श्रेणियों में की जाएगी। सरकार की ओर से विजिलेंस जांच का दायरा विस्तृत करते हुए निर्माण कार्यों से लेकर टेंडर आवंटन तक की प्रक्रिया को अलग-अलग बिंदुओं पर परखा जाएगा। जांच में केवल फाइलों की समीक्षा ही नहीं बल्कि मौके पर जाकर कार्यों का भौतिक सत्यापन और आवश्यक तकनीकी परीक्षण भी कराया जाएगा।

मंत्री विपुल गोयल की ओर से मुख्य सचिव और डीजीपी विजिलेंस को भेजी गई सिफारिश के बाद जांच प्रक्रिया को व्यापक स्वरूप दिया गया है। इसके तहत पिछले एक दशक में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों और उन पर हुए खर्च की अलग-अलग स्तर पर समीक्षा होगी।
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सड़कों की गुणवत्ता की होगी तकनीकी जांच

जांच का पहला और सबसे बड़ा हिस्सा सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों से जुड़ा होगा। विजिलेंस टीम संबंधित वर्क ऑर्डर और भुगतान रिकॉर्ड की जांच करने के साथ मौके पर पहुंचकर सड़कों की मोटाई, निर्माण सामग्री और गुणवत्ता का परीक्षण भी कराएगी। आवश्यकता पड़ने पर नमूनों की लैब जांच भी कराई जाएगी।
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इंटरलॉकिंग पेवर ब्लॉक की स्पेसिफिकेशन पर रहेगा फोकस

दूसरे चरण में शहर की गलियों और फुटपाथों पर लगाए गए इंटरलॉकिंग पेवर ब्लॉक की जांच होगी। इसमें स्वीकृत मानकों, डिजाइन और गुणवत्ता के अनुरूप सामग्री लगाए जाने की पुष्टि की जाएगी। रिकॉर्ड और मौके की स्थिति का मिलान कर कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा।

पौधरोपण, गमले और ट्री-गार्ड का होगा भौतिक सत्यापन

तीसरी श्रेणी में हरित पट्टियों के विकास और पौधरोपण से जुड़े कार्यों की जांच शामिल है। पौधों, गमलों और ट्री-गार्ड की खरीद तथा उनके वास्तविक उपयोग का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। रिकॉर्ड में दर्ज कार्यों और जमीन पर मौजूद स्थिति का मिलान जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

सफाई मशीनों और सीवरेज कार्यों की भी होगी पड़ताल

चौथे बिंदु में मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों के संचालन, उनके उपयोग, डीजल खपत और लॉग बुक का परीक्षण किया जाएगा। इसके साथ ही सीवरेज लाइन बिछाने और सफाई कार्यों पर हुए खर्च तथा संबंधित टेंडरों की भी जांच होगी ताकि कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।


टेंडर आवंटन प्रक्रिया भी जांच के दायरे में

पांचवीं श्रेणी में विभिन्न विकास कार्यों के लिए एजेंसियों और ठेकेदारों को दिए गए कार्यों की समीक्षा होगी। जांच एजेंसियां यह भी देखेंगी कि टेंडर प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन हुआ या नहीं तथा कार्यों का आवंटन पारदर्शी तरीके से किया गया या नहीं।
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