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Faridabad News: बाजार की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग बना तालाब
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- गंदे पानी में होकर गुजरने को मजबूर हैं स्थानीय निवासी, श्रद्धालु व छात्र-छात्राएं
-एक दशक से नहीं हुआ स्थायी समाधान, शिकायतों के बाद भी नहीं जागा प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। शहर के वार्ड 8 में मुख्य बाजार को जाने वाला प्रमुख मार्ग इन दिनों बदहाली का प्रतीक बना हुआ है। सड़क पर भरा गंदा पानी और कीचड़ ने इस रास्ते को तालाब का रूप दे दिया है। हालात ऐसे हैं कि पैदल चलना तो दूर, दोपहिया वाहन निकालना भी चुनौती बन गया है। स्थानीय निवासी ही नहीं, बल्कि यहां से गुजरने वाले राहगीर भी प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन को कोसते नजर आते हैं। जलभराव की समस्या से परेशान होकर तीन से चार परिवार यहां से पलायन कर चुके है। बावजूद इसके ना तो नगरपालिका और ना ही जिला प्रशासन समस्या को लेकर गंभीर नहीं है।
यह मार्ग शहर के लिए बेहद अहम है। इसी रास्ते पर तीन से चार मंदिर स्थित हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा राजकीय गर्ल सीनियर सेकेंडरी स्कूल और एक निजी विद्यालय भी इसी मार्ग पर हैं। ऐसे में छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षकों को रोजाना गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। सुबह स्कूल समय में सड़क का नजारा किसी जलभराव वाले इलाके जैसा दिखाई देता है।
स्थानीय निवासी मोहन गोयल, दिनेश कुमार, बंसत लोहिया, प्रवीन कुमार, लोकेश पुजारी, सीमा रानी, मंजू रानी, ओमलता का कहना है कि सड़क पर पानी भरने की समस्या कोई नई नहीं है। पिछले करीब एक दशक से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं हो सका।जलभराव के कारण तीन से चार परिवार अपने मकान को बेचकर दूसरी जगह बस गए है , और अधिक्तर परिवार समस्या के चलते पलायन करने को मजबूर है। बरसात के दिनों में यहां स्थिति और भी भयावह हो जाती है, महीनों तक पानी की निकासी नहीं हो पाती। जबकि अब बिना बारिश के भी मार्ग पर गंदा पानी जमा रहता है।
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लोगों का आरोप है कि नालियों की सफाई नियमित रूप से नहीं होती और जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। वहीं दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक पानी और कीचड़ देखकर दुकान तक आने से कतराते हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। वहीं, श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने के लिए जूते-चप्पल हाथ में लेकर पानी से होकर गुजरना पड़ता है। स्कूल आने वाली छात्राओं को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि बेटियों को रोज गंदे पानी से होकर स्कूल भेजना मजबूरी बन गया है। संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है।आरोप है कि जल निकासी के लिए लुहिंगा मोड़ तक बनाया गया नाला गंदगी से अटा हुआ है। माली बास सहित शहर के कई अन्य हिस्सों का पानी भी इसी नाले में डाला जा रहा है। इसके कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही है और गंदा पानी मार्ग पर भरा रहता है।
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पानी निकासी के लिए लगा हुआ पाइप जाम है जिसके कारण समस्या बनी हुई है, एक दो दिनों में पाइप की सफाई कराई जाएगी जिसके बाद जलभराव की समस्या नहीं रहेगी। फिलहाल नगर पालिका प्रशासन द्वारा पानी की निकासी पंप द्वारा की जा रही है।
बलराज सिंगला, नगर पालिका चेयरमैन, पुन्हाना
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-एक दशक से नहीं हुआ स्थायी समाधान, शिकायतों के बाद भी नहीं जागा प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। शहर के वार्ड 8 में मुख्य बाजार को जाने वाला प्रमुख मार्ग इन दिनों बदहाली का प्रतीक बना हुआ है। सड़क पर भरा गंदा पानी और कीचड़ ने इस रास्ते को तालाब का रूप दे दिया है। हालात ऐसे हैं कि पैदल चलना तो दूर, दोपहिया वाहन निकालना भी चुनौती बन गया है। स्थानीय निवासी ही नहीं, बल्कि यहां से गुजरने वाले राहगीर भी प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन को कोसते नजर आते हैं। जलभराव की समस्या से परेशान होकर तीन से चार परिवार यहां से पलायन कर चुके है। बावजूद इसके ना तो नगरपालिका और ना ही जिला प्रशासन समस्या को लेकर गंभीर नहीं है।
यह मार्ग शहर के लिए बेहद अहम है। इसी रास्ते पर तीन से चार मंदिर स्थित हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा राजकीय गर्ल सीनियर सेकेंडरी स्कूल और एक निजी विद्यालय भी इसी मार्ग पर हैं। ऐसे में छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षकों को रोजाना गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। सुबह स्कूल समय में सड़क का नजारा किसी जलभराव वाले इलाके जैसा दिखाई देता है।
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स्थानीय निवासी मोहन गोयल, दिनेश कुमार, बंसत लोहिया, प्रवीन कुमार, लोकेश पुजारी, सीमा रानी, मंजू रानी, ओमलता का कहना है कि सड़क पर पानी भरने की समस्या कोई नई नहीं है। पिछले करीब एक दशक से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं हो सका।जलभराव के कारण तीन से चार परिवार अपने मकान को बेचकर दूसरी जगह बस गए है , और अधिक्तर परिवार समस्या के चलते पलायन करने को मजबूर है। बरसात के दिनों में यहां स्थिति और भी भयावह हो जाती है, महीनों तक पानी की निकासी नहीं हो पाती। जबकि अब बिना बारिश के भी मार्ग पर गंदा पानी जमा रहता है।
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लोगों का आरोप है कि नालियों की सफाई नियमित रूप से नहीं होती और जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। वहीं दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक पानी और कीचड़ देखकर दुकान तक आने से कतराते हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। वहीं, श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने के लिए जूते-चप्पल हाथ में लेकर पानी से होकर गुजरना पड़ता है। स्कूल आने वाली छात्राओं को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि बेटियों को रोज गंदे पानी से होकर स्कूल भेजना मजबूरी बन गया है। संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है।आरोप है कि जल निकासी के लिए लुहिंगा मोड़ तक बनाया गया नाला गंदगी से अटा हुआ है। माली बास सहित शहर के कई अन्य हिस्सों का पानी भी इसी नाले में डाला जा रहा है। इसके कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही है और गंदा पानी मार्ग पर भरा रहता है।
पानी निकासी के लिए लगा हुआ पाइप जाम है जिसके कारण समस्या बनी हुई है, एक दो दिनों में पाइप की सफाई कराई जाएगी जिसके बाद जलभराव की समस्या नहीं रहेगी। फिलहाल नगर पालिका प्रशासन द्वारा पानी की निकासी पंप द्वारा की जा रही है।
बलराज सिंगला, नगर पालिका चेयरमैन, पुन्हाना