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तय समय पर खोरी के पात्रों की नहीं जारी हुई सूची, फ्लैट के ड्रॉ भी अटके
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फरीदाबाद। खोरी गांव के विस्थापितों को डबुुआ कॉलोनी व बापूनगर के ईडब्ल्यूएस फ्लैट दिए जाने हैं। इसके लिए 29 नवंबर को पात्रों की सूची जारी कर दो दिसंबर को ड्रॉ होना था लेकिन दोनों कार्य तय वक्त पर नहीं हो सके। अब 15 दिन बाद भी दोनों कार्य होने की उम्मीद है। अभी पात्रों की जांच चल रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जून में खोरी गांव में नगर निगम अवैैध निर्माणों पर कार्रवाई की थी। इस दौरान करीब 10 हजार मकानों को तोड़ दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने खोरी गांव के विस्थापितों को फ्लैट देने को कहा था। जिस पर निगम डबुआ कॉलोनी व बापूनगर में बने ईडब्ल्यूएस फ्लैट देगा। मिली जानकारी के अनुसार निगम को ऑनलाइन व कार्यालय में करीब करीब 5200 आवेदन मिले थे लेकिन,15 नवंबर को अंतिम काफी संख्या में आवेदन मिले। अब करीब सात हजार आवेदन मिले हैं।
ऐसे में पुराने और नए आवेदनों की जांच का कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इससे खोरी के पात्रों की सूची व ड्रॉ करने का काम तय वक्त पर नहीं हो पाया है। निगम की योजना थी कि दो दिसंबर को पात्रों का ड्रॉ करा दिया जाए। जिसमें उनके फ्लैट के नंबर की जानकारी दी जाती। वहीं, 15 दिसंबर तक अलॉटमेंट लेटर जारी किया जाना था। 30 अप्रैल तक पात्रों को फ्लैट देने की योजना है। इसमें लोगों द्वारा दिए गए बिजली के बिल, वोटर कार्ड व परिवार पहचान पत्र की जांच की जा रही है। बाते दें कि विस्थापितों पहले आधार कार्ड को भी स्थाई पते के रुप में मानने की मांग सुप्रीम कोर्ट में रखी थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट में स्थाई पते के रुप में मानने की बात खारिज कर दी थी। इससे करीब 1200 लोग इससे बाहर हो गए थे। वहीं,इस देरी पर निगम ने अपने वकील को जानकारी दी ताकि सुप्रीम कोर्ट को अवगत कराया जा सके। नगर निगम के नगर योजनाकार डीएस ढिल्लो ने बताया कि करीब सात हजार आवेदन मिले हैं। सभी आवेदनों को दोबारा से जांच की जा रही है। करीब 15 दिनों में पात्रों की सूची व ड्रॉ करा दिया जाएगा।
दो हजार प्रतिमाह के हिसाब से मिलेगा
खोरी के पात्र लोगों को उनके घर टूटने के बाद से फ्लैट में रहने तक कितने माह होंगे, प्रति माह दो हजार के हिसाब से सरकार देंगी। ऐसे में नगर निगम सभी आवेदनों की अब बारीकी से जांच कराएगा। जिससे फ्लैट आवंटन में कोई गड़बड़ी न होने पाए। जिसे फ्लैट मिलेगा, उसे ही पैसे मिलेंगे। खोरी गांव के विस्थापितों को डबुआ कॉलोनी व बापू नगर में बने ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स दिए जाने हैं। इसके लिए एक एजेंसी को कार्य दिया जाना है। निगम दस करोड़ से जर्जर हो चुके फ्लैटों को ठीक कराने की योजना है। एक एजेंसी को टेंडर देने का काम चल रहा है।
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ऐसे में पुराने और नए आवेदनों की जांच का कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इससे खोरी के पात्रों की सूची व ड्रॉ करने का काम तय वक्त पर नहीं हो पाया है। निगम की योजना थी कि दो दिसंबर को पात्रों का ड्रॉ करा दिया जाए। जिसमें उनके फ्लैट के नंबर की जानकारी दी जाती। वहीं, 15 दिसंबर तक अलॉटमेंट लेटर जारी किया जाना था। 30 अप्रैल तक पात्रों को फ्लैट देने की योजना है। इसमें लोगों द्वारा दिए गए बिजली के बिल, वोटर कार्ड व परिवार पहचान पत्र की जांच की जा रही है। बाते दें कि विस्थापितों पहले आधार कार्ड को भी स्थाई पते के रुप में मानने की मांग सुप्रीम कोर्ट में रखी थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट में स्थाई पते के रुप में मानने की बात खारिज कर दी थी। इससे करीब 1200 लोग इससे बाहर हो गए थे। वहीं,इस देरी पर निगम ने अपने वकील को जानकारी दी ताकि सुप्रीम कोर्ट को अवगत कराया जा सके। नगर निगम के नगर योजनाकार डीएस ढिल्लो ने बताया कि करीब सात हजार आवेदन मिले हैं। सभी आवेदनों को दोबारा से जांच की जा रही है। करीब 15 दिनों में पात्रों की सूची व ड्रॉ करा दिया जाएगा।
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दो हजार प्रतिमाह के हिसाब से मिलेगा
खोरी के पात्र लोगों को उनके घर टूटने के बाद से फ्लैट में रहने तक कितने माह होंगे, प्रति माह दो हजार के हिसाब से सरकार देंगी। ऐसे में नगर निगम सभी आवेदनों की अब बारीकी से जांच कराएगा। जिससे फ्लैट आवंटन में कोई गड़बड़ी न होने पाए। जिसे फ्लैट मिलेगा, उसे ही पैसे मिलेंगे। खोरी गांव के विस्थापितों को डबुआ कॉलोनी व बापू नगर में बने ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स दिए जाने हैं। इसके लिए एक एजेंसी को कार्य दिया जाना है। निगम दस करोड़ से जर्जर हो चुके फ्लैटों को ठीक कराने की योजना है। एक एजेंसी को टेंडर देने का काम चल रहा है।
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