{"_id":"695179bf2ba30aebb50cb994","slug":"the-family-took-the-body-of-the-teenager-from-the-mortuary-of-bk-hospital-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-59042-2025-12-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: बीके अस्पताल की मोर्चरी से किशोरी का शव उठाकर ले गए परिजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: बीके अस्पताल की मोर्चरी से किशोरी का शव उठाकर ले गए परिजन
विज्ञापन
जिंदा होने के शक में किया हंगामा, डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले के सरकारी बीके अस्पताल में रविवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक किशोरी के परिजन मोर्चरी से उसका शव जबरन उठाकर ले गए। परिजनों का कहना था कि उनकी बेटी जीवित है और अस्पताल के डॉक्टरों ने लापरवाही में उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के दौरान अस्पताल परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए।
जानकारी के अनुसार सेक्टर-23 स्थित संजय कॉलोनी निवासी एक महिला रविवार दोपहर अपनी 13 वर्षीय बेटी को इलाज के लिए बीके अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंची थी। बताया गया कि किशोरी को अचानक उल्टियां होने लगी थीं जिसके बाद वह बेहोश हो गई। अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद नियमानुसार शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया गया।
कुछ समय बाद महिला अपने अन्य परिजनों के साथ मोर्चरी पहुंची और वहां उन्होंने बेटी के जिंदा होने का दावा करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का कहना था कि शव में हरकत महसूस हो रही है और डॉक्टरों ने सही तरीके से जांच नहीं की। इसी संदेह के चलते परिजन मोर्चरी के फ्रिजर से शव निकालकर जबरन अस्पताल से बाहर ले गए। अस्पताल कर्मचारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन परिजन नहीं माने।
विज्ञापन
इसके बाद किशोरी को नीलम-बाटा रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोबारा जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को वापस बीके अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें परिजन अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते नजर आ रहे हैं।
एनआईटी-3 चौकी प्रभारी ने बताया कि परिजनों को बेटी के जिंदा होने का शक था, इसलिए वे शव को निजी अस्पताल ले गए थे। फिलहाल मामले में किसी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और उसके बाद स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले के सरकारी बीके अस्पताल में रविवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक किशोरी के परिजन मोर्चरी से उसका शव जबरन उठाकर ले गए। परिजनों का कहना था कि उनकी बेटी जीवित है और अस्पताल के डॉक्टरों ने लापरवाही में उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के दौरान अस्पताल परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए।
जानकारी के अनुसार सेक्टर-23 स्थित संजय कॉलोनी निवासी एक महिला रविवार दोपहर अपनी 13 वर्षीय बेटी को इलाज के लिए बीके अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंची थी। बताया गया कि किशोरी को अचानक उल्टियां होने लगी थीं जिसके बाद वह बेहोश हो गई। अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद नियमानुसार शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया गया।
विज्ञापन
कुछ समय बाद महिला अपने अन्य परिजनों के साथ मोर्चरी पहुंची और वहां उन्होंने बेटी के जिंदा होने का दावा करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का कहना था कि शव में हरकत महसूस हो रही है और डॉक्टरों ने सही तरीके से जांच नहीं की। इसी संदेह के चलते परिजन मोर्चरी के फ्रिजर से शव निकालकर जबरन अस्पताल से बाहर ले गए। अस्पताल कर्मचारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन परिजन नहीं माने।
विज्ञापन
इसके बाद किशोरी को नीलम-बाटा रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोबारा जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को वापस बीके अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें परिजन अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते नजर आ रहे हैं।
एनआईटी-3 चौकी प्रभारी ने बताया कि परिजनों को बेटी के जिंदा होने का शक था, इसलिए वे शव को निजी अस्पताल ले गए थे। फिलहाल मामले में किसी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और उसके बाद स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।