{"_id":"69d6ac017a6eae66d30bce3d","slug":"the-family-of-the-mbbs-student-who-lost-his-life-in-the-accident-will-get-a-compensation-of-rs-89-lakh-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-66963-2026-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: हादसे में जान गंवाने वाले एमबीबीएस छात्र के परिजनों को मिलेगा 89 लाख का मुआवजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: हादसे में जान गंवाने वाले एमबीबीएस छात्र के परिजनों को मिलेगा 89 लाख का मुआवजा
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने चार साल पहले बाटा फ्लाईओवर पर हुए एक दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले एमबीबीएस छात्र के माता-पिता को 89 लाख रुपये का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही याचिका दायर करने की तिथि से 7.5 फीसदी वार्षिक ब्याज भी दिया जाएगा। मामले के अनुसार चार अप्रैल 2022 की रात गौरव अपने भाई रवि कुमार के साथ बाइक पर सवार होकर एसएसबी अस्पताल जा रहे थे। गौरव एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र थे। रात करीब 10 बजे बाटा फ्लाईओवर पर सड़क के बीचों-बीच बिना किसी लाइट या इंडिकेटर के एक क्रेन खड़ी थी। अंधेरा होने के कारण बाइक सीधे क्रेन से जा टकराई जिससे गौरव की मौके पर ही मौत हो गई। अदालत ने माना कि एक होनहार डॉक्टर की जिंदगी विभाग या क्रेन चालक की लापरवाही की वजह से खत्म हो गई।
अदालत ने मृतक छात्र की अनुमानित आय और उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए मुआवजे की कुल राशि तय की है। अधिकरण ने स्पष्ट किया कि चूंकि दुर्घटना में शामिल क्रेन का बीमा था इसलिए यह पूरी राशि संबंधित बीमा कंपनी को जमा करानी होगी। मुआवजे की यह राशि मृतक की माता मिथलेश और पिता सत्यप्रकाश में बराबर-बराबर बांटी जाएगी।
विज्ञापन
फरीदाबाद। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने चार साल पहले बाटा फ्लाईओवर पर हुए एक दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले एमबीबीएस छात्र के माता-पिता को 89 लाख रुपये का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही याचिका दायर करने की तिथि से 7.5 फीसदी वार्षिक ब्याज भी दिया जाएगा। मामले के अनुसार चार अप्रैल 2022 की रात गौरव अपने भाई रवि कुमार के साथ बाइक पर सवार होकर एसएसबी अस्पताल जा रहे थे। गौरव एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र थे। रात करीब 10 बजे बाटा फ्लाईओवर पर सड़क के बीचों-बीच बिना किसी लाइट या इंडिकेटर के एक क्रेन खड़ी थी। अंधेरा होने के कारण बाइक सीधे क्रेन से जा टकराई जिससे गौरव की मौके पर ही मौत हो गई। अदालत ने माना कि एक होनहार डॉक्टर की जिंदगी विभाग या क्रेन चालक की लापरवाही की वजह से खत्म हो गई।
अदालत ने मृतक छात्र की अनुमानित आय और उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए मुआवजे की कुल राशि तय की है। अधिकरण ने स्पष्ट किया कि चूंकि दुर्घटना में शामिल क्रेन का बीमा था इसलिए यह पूरी राशि संबंधित बीमा कंपनी को जमा करानी होगी। मुआवजे की यह राशि मृतक की माता मिथलेश और पिता सत्यप्रकाश में बराबर-बराबर बांटी जाएगी।
विज्ञापन