{"_id":"69308509dfcf460987073824","slug":"the-families-of-the-students-of-al-falah-university-wrote-a-letter-to-the-state-and-central-government-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-57113-2025-12-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: अल फलाह यूनिवर्सिटी के छात्रों के परिजनों ने राज्य और केंद्र सरकार को लिखा पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: अल फलाह यूनिवर्सिटी के छात्रों के परिजनों ने राज्य और केंद्र सरकार को लिखा पत्र
विज्ञापन
सरकार से हाई लेवल कमिठी गठित करने की मांग
कमिटी सुनिश्चित करे कि छात्रों की पढ़ाई, इंटर्नशिप, रजिस्ट्रेशन पर कोई खतरा न आए
300 से अधिक अभिभावक जुड़े चुके हैं व्हाट्सएप ग्रुप में
मरीजों के नाम पर फर्जी फाइल बनाने के आरोप, वीडियो वायरल
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। अल फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों के परिजनों ने केंद्र व राज्य सरकार को पत्र लिखकर छात्रों के भविष्य पर ध्यान देने की मांग की है। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री, डीजी हेल्थ व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को ये पत्र लिखा गया है। परिजनों की ओर से कहा गया है कि आतंकवाद और दिल्ली बम धमाके से जुड़े मामले में अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े कुछ डॉक्टर और अन्य स्टॉफ की गिरफ्तारी हुई है। सेंट्रल और स्टेट एजेंसियां जांच कर रही हैं।
अल-फलाह यूनिवर्सिटी और उसके मेडिकल कॉलेज को सीधे टेरर हब या टेरर से जुड़ा कैंपस बताया जा रहा है। इससे यूनिवर्सिटी की छवि को नुकसान हुआ है और छात्रों व अभिभावकों को डर है कि यह कलंक यूनिवर्सिटी के नाम के साथ हमेशा के लिए जुड़ जाएगा। कई सालों तक भारत और विदेशों में होने वाले एम्प्लॉयर्स, लाइसेंसिंग बॉडीज और हायर-एजुकेशन इंस्टीट्यूशन में अल-फलाह से पास की गई डिग्री को शक या हिचकिचाहट से देखा जाएगा।
यूनिवर्सिटी की रिकग्निशन वापस लेने या सस्पेंड करने का अंदेशा है। इसका सीधा असर छात्रों की डिग्री की वैलिडिटी और एक्सेप्टेबिलिटी पर पड़ सकता है। छात्र यह सोच रहे हैं कि क्या उनकी सालों की मेहनत उन हालात की वजह से बेकार हो जाएगी जो उनके कंट्रोल से पूरी तरह बाहर हैं।
विज्ञापन
फर्जी मरीजों की फाइल तैयार कराने का भी आरोप, वीडियो वायरल
अल फलाह यूनिवर्सिटी में व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल से जुड़े डॉ. मुजम्मिल, डॉ. उमर की ओर से मरीजों की फर्जी फाइल का रेकॉर्ड तैयार कराने के भी आरोप लग रहे हैं। आरोप है कि स्टॉफ से जबरन ये फर्जी रेकॉर्ड वाली फाइलें बनवाई जाती थी। ऐसा न करने वाले स्टॉफ का वेतन रोकने समेत अन्य तरह से परेशान किया जाता था। इसको लेकर डेढ़ मिनट की वीडियो भी वायरल है। इस वीडियो में फर्जी फाइल को दिखाकर दावा किया जा रहा है कि ये फाइल अल फलाह अस्पताल में आतंकी तैयार करवाते थे। इसके पीछे मकसद इन फर्जी फाइलों के अनुसार मरीजों का भर्ती होना दिखाकर ग्रांट के नाम पर टेरर फंडिंग लेना बताया जा रहा है।
विज्ञापन
कमिटी सुनिश्चित करे कि छात्रों की पढ़ाई, इंटर्नशिप, रजिस्ट्रेशन पर कोई खतरा न आए
300 से अधिक अभिभावक जुड़े चुके हैं व्हाट्सएप ग्रुप में
मरीजों के नाम पर फर्जी फाइल बनाने के आरोप, वीडियो वायरल
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। अल फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों के परिजनों ने केंद्र व राज्य सरकार को पत्र लिखकर छात्रों के भविष्य पर ध्यान देने की मांग की है। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री, डीजी हेल्थ व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को ये पत्र लिखा गया है। परिजनों की ओर से कहा गया है कि आतंकवाद और दिल्ली बम धमाके से जुड़े मामले में अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े कुछ डॉक्टर और अन्य स्टॉफ की गिरफ्तारी हुई है। सेंट्रल और स्टेट एजेंसियां जांच कर रही हैं।
अल-फलाह यूनिवर्सिटी और उसके मेडिकल कॉलेज को सीधे टेरर हब या टेरर से जुड़ा कैंपस बताया जा रहा है। इससे यूनिवर्सिटी की छवि को नुकसान हुआ है और छात्रों व अभिभावकों को डर है कि यह कलंक यूनिवर्सिटी के नाम के साथ हमेशा के लिए जुड़ जाएगा। कई सालों तक भारत और विदेशों में होने वाले एम्प्लॉयर्स, लाइसेंसिंग बॉडीज और हायर-एजुकेशन इंस्टीट्यूशन में अल-फलाह से पास की गई डिग्री को शक या हिचकिचाहट से देखा जाएगा।
विज्ञापन
यूनिवर्सिटी की रिकग्निशन वापस लेने या सस्पेंड करने का अंदेशा है। इसका सीधा असर छात्रों की डिग्री की वैलिडिटी और एक्सेप्टेबिलिटी पर पड़ सकता है। छात्र यह सोच रहे हैं कि क्या उनकी सालों की मेहनत उन हालात की वजह से बेकार हो जाएगी जो उनके कंट्रोल से पूरी तरह बाहर हैं।
विज्ञापन
फर्जी मरीजों की फाइल तैयार कराने का भी आरोप, वीडियो वायरल
अल फलाह यूनिवर्सिटी में व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल से जुड़े डॉ. मुजम्मिल, डॉ. उमर की ओर से मरीजों की फर्जी फाइल का रेकॉर्ड तैयार कराने के भी आरोप लग रहे हैं। आरोप है कि स्टॉफ से जबरन ये फर्जी रेकॉर्ड वाली फाइलें बनवाई जाती थी। ऐसा न करने वाले स्टॉफ का वेतन रोकने समेत अन्य तरह से परेशान किया जाता था। इसको लेकर डेढ़ मिनट की वीडियो भी वायरल है। इस वीडियो में फर्जी फाइल को दिखाकर दावा किया जा रहा है कि ये फाइल अल फलाह अस्पताल में आतंकी तैयार करवाते थे। इसके पीछे मकसद इन फर्जी फाइलों के अनुसार मरीजों का भर्ती होना दिखाकर ग्रांट के नाम पर टेरर फंडिंग लेना बताया जा रहा है।