फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   The fair is a living example of women empowerment and Swadeshi spirit: Bhatia

मेला महिला सशक्तीकरण और स्वदेशी भावना का सजीव उदाहरण : भाटिया

Mon, 06 Oct 2025 12:15 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 06 Oct 2025 12:15 AM IST
विज्ञापन
The fair is a living example of women empowerment and Swadeshi spirit: Bhatia
हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन ने विभिन्न स्वदेशी उत्पादों के स्टॉलों का अवलोकन किया
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। सूरजकुंड दिवाली मेले में रविवार को हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया पहुंचीं। उन्होंने मेले में लगे विभिन्न स्वदेशी उत्पादों के स्टॉलों का अवलोकन किया और महिला व पुरुष हस्तशिल्पियों व उद्यमियों की ओर से बनाए गए हस्तशिल्प, गृह सज्जा सामग्री, परिधान एवं खाद्य उत्पादों की सराहना की।

रेनू भाटिया ने कहा कि ऐसे मेले न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के अवसर प्रदान करते हैं, बल्कि ग्रामीण और शहरी महिला उद्यमिता को एक समान मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं स्वदेशी उत्पादों के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिला आयोग का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और कानूनी रूप से सशक्त बनाना है और ऐसे आयोजन उस दिशा में प्रभावी कदम हैं। उन्होंने मेले की व्यवस्था और महिला उद्यमियों की सक्रिय भागीदारी की प्रशंसा की तथा कहा कि यह मेला महिला सशक्तीकरण और स्वदेशी भावना का सजीव उदाहरण है।
विज्ञापन


----------------

स्वदेशी अभियान को बढ़ावा देकर ही भारत को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है: अरविंद शर्मा

हरियाणा के पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि स्वदेशी अभियान को बढ़ावा देकर ही भारत को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग से जहां एक ओर हमारा पैसा हमारे देश में रहेगा वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों को उनके उत्पाद का लाभ मिलेगा। मेले में ड्रेस, ज्वेलरी, होमडेकोर, उपहार एवं हस्तशिल्प आदि वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं। इस आयोजन के माध्यम से महिला उद्यमियों, कलाकारों और कारीगरों को आर्थिक आत्मनिर्भरता एवं सामाजिक पहचान मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन


लकड़ी पर होती है गजब की नक्काशी

मेले में आंध्र प्रदेश से आए हस्तशिल्पी दशरथ अचारी वोकल फॉर लोकल व आत्मनिर्भर भारत विजन को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। दशरथ अचारी को लकड़ी पर नक्काशी करने में महारथ हासिल है, जिसके माध्यम से वे लकड़ी पर गजब की नक्काशी करते हैं और लकड़ी को भगवान की मूर्तियों का रूप देते हैं। दशरथ की ओर से लगाई गई स्टॉल दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करने के साथ-साथ लोगों की आस्था का केंद्र बनी हुई है। दशरथ अचारी ने बताया कि लकड़ी से मूर्तियां बनाने की कला को वुड कार्विंग कहा जाता है। मूर्तियां बनाने में संगवान, महागनी आदि लकड़ियों का प्रयोग किया जाता है। नक्काशी से लकड़ी पर तराशे गए भगवान श्री गणेश, भगवान बुद्ध, भगवान श्री कृष्ण, श्री वैंकटेश्वर, भगवान विष्णु और तिरुपति बालाजी की मूर्तियां व अन्य सामान लोगों को सहज ही अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed