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Faridabad News: जीवंत हुए श्रवण कुमार और रावण-वेदवती के प्रसंग
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शहर में चल रहीं रामलीलाओं में धार्मिक और पौराणिक प्रसंगों का किया गया प्रभावशाली मंचन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में चल रहीं रामलीलाओं में बुधवार रात धार्मिक और पौराणिक प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया गया। जागृति रामलीला कमेटी के मंच पर पितृ भक्त श्रवण कुमार की कथा का मंचन हुआ। वहीं मार्केट नंबर-1 स्थित विजय रामलीला कमेटी के मंच पर रावण को भगवान शिव से चंद्रहास प्राप्त होने, वेदवती के श्राप और श्रवण कुमार के वध सहित भगवान विष्णु के धरती पर अवतार लेने की तैयारी का प्रसंग प्रस्तुत किया गया।
जागृति रामलीला कमेटी के मंच पर श्रवण कुमार के प्रसंग ने दर्शकों को भावुक कर दिया। मंचन में दिखाया गया कि कुछ बच्चों द्वारा श्रवण को उसके माता-पिता के अंधे होने को लेकर ताना मारे जाने से वह आहत हो जाता है। इसके बाद वह अपने माता-पिता को तीर्थ दर्शन कराने का संकल्प लेता है और उन्हें यात्रा पर लेकर निकल पड़ता है। इसी दौरान दशरथ के हाथों भूलवश श्रवण कुमार को तीर लग जाता है और उसकी मृत्यु हो जाती है। पूरे प्रसंग को कलाकारों ने भावपूर्ण अभिनय के साथ प्रस्तुत किया।
श्रवण कुमार की भूमिका राकेश भाटिया, दशरथ की भूमिका प्रीतम सिंह बिनटे, श्रवण के पिता की भूमिका कमल कपूर और गुरु वशिष्ठ की भूमिका ग्रंथ भाटिया ने निभाई। निर्देशक ओमप्रकाश और प्रदीप भाटिया ने मंच की रूपरेखा तैयार की। मंच संचालन गुरचरन सिंह भाटिया ने किया, जबकि कमेटी के प्रधान अनिल गांधी ने कार्यक्रम का नेतृत्व किया।
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मार्केट नंबर-1 स्थित विजय रामलीला कमेटी का कार्यक्रम देर रात तक चला। प्रथम दृश्य में रावण की भूमिका निभा रहे कमेटी के चेयरमैन टेकचंद नागपाल ने भगवान शंकर की भूमिका निभा रहे आशीष भाटिया से चंद्रहास तलवार प्राप्त की। इसके बाद सीता के पूर्व जन्म की वेदवती की भूमिका में स्योना गुलाटी ने रावण को वंश समाप्त होने का श्राप दिया। इसके बाद दशरथ की भूमिका वैभव लरोइया और श्रवण कुमार की भूमिका निमिष सलूजा ने निभाई। मंचन में दशरथ द्वारा अनजाने में श्रवण कुमार की हत्या का प्रसंग दिखाया गया। पुत्र की मृत्यु से दुखी श्रवण के माता-पिता ने दशरथ को पुत्र वियोग में तड़प-तड़पकर मरने का श्राप दिया।
विष्णु लोक के भव्य दृश्य ने मोहा मन
रामलीला में विष्णु लोक का भव्य दृश्य भी प्रस्तुत किया गया। इसमें श्रीहरि विष्णु की भूमिका निशांत नागपाल और माता लक्ष्मी की भूमिका दीपांशी अरोड़ा ने निभाई। भारत माता की भूमिका में स्योना गुलाटी ने भगवान विष्णु से धरती पर अवतार लेकर असुरों का विनाश करने की गुहार लगाई। इस प्रसंग के जरिए भगवान श्रीराम के धरती पर अवतार लेने की पृष्ठभूमि तैयार की गई।
आज होगा श्रीराम जन्म और ताड़का वध
विजय रामलीला कमेटी के मंच पर आज भगवान श्रीराम के जन्म का भव्य मंचन किया जाएगा। इसके साथ ही ताड़का के वध और असुरों द्वारा रुदन के रूप में पंजाबी स्यापा भी प्रस्तुत किया जाएगा। राम जन्म के प्रसंग को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में चल रहीं रामलीलाओं में बुधवार रात धार्मिक और पौराणिक प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया गया। जागृति रामलीला कमेटी के मंच पर पितृ भक्त श्रवण कुमार की कथा का मंचन हुआ। वहीं मार्केट नंबर-1 स्थित विजय रामलीला कमेटी के मंच पर रावण को भगवान शिव से चंद्रहास प्राप्त होने, वेदवती के श्राप और श्रवण कुमार के वध सहित भगवान विष्णु के धरती पर अवतार लेने की तैयारी का प्रसंग प्रस्तुत किया गया।
जागृति रामलीला कमेटी के मंच पर श्रवण कुमार के प्रसंग ने दर्शकों को भावुक कर दिया। मंचन में दिखाया गया कि कुछ बच्चों द्वारा श्रवण को उसके माता-पिता के अंधे होने को लेकर ताना मारे जाने से वह आहत हो जाता है। इसके बाद वह अपने माता-पिता को तीर्थ दर्शन कराने का संकल्प लेता है और उन्हें यात्रा पर लेकर निकल पड़ता है। इसी दौरान दशरथ के हाथों भूलवश श्रवण कुमार को तीर लग जाता है और उसकी मृत्यु हो जाती है। पूरे प्रसंग को कलाकारों ने भावपूर्ण अभिनय के साथ प्रस्तुत किया।
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श्रवण कुमार की भूमिका राकेश भाटिया, दशरथ की भूमिका प्रीतम सिंह बिनटे, श्रवण के पिता की भूमिका कमल कपूर और गुरु वशिष्ठ की भूमिका ग्रंथ भाटिया ने निभाई। निर्देशक ओमप्रकाश और प्रदीप भाटिया ने मंच की रूपरेखा तैयार की। मंच संचालन गुरचरन सिंह भाटिया ने किया, जबकि कमेटी के प्रधान अनिल गांधी ने कार्यक्रम का नेतृत्व किया।
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मार्केट नंबर-1 स्थित विजय रामलीला कमेटी का कार्यक्रम देर रात तक चला। प्रथम दृश्य में रावण की भूमिका निभा रहे कमेटी के चेयरमैन टेकचंद नागपाल ने भगवान शंकर की भूमिका निभा रहे आशीष भाटिया से चंद्रहास तलवार प्राप्त की। इसके बाद सीता के पूर्व जन्म की वेदवती की भूमिका में स्योना गुलाटी ने रावण को वंश समाप्त होने का श्राप दिया। इसके बाद दशरथ की भूमिका वैभव लरोइया और श्रवण कुमार की भूमिका निमिष सलूजा ने निभाई। मंचन में दशरथ द्वारा अनजाने में श्रवण कुमार की हत्या का प्रसंग दिखाया गया। पुत्र की मृत्यु से दुखी श्रवण के माता-पिता ने दशरथ को पुत्र वियोग में तड़प-तड़पकर मरने का श्राप दिया।
विष्णु लोक के भव्य दृश्य ने मोहा मन
रामलीला में विष्णु लोक का भव्य दृश्य भी प्रस्तुत किया गया। इसमें श्रीहरि विष्णु की भूमिका निशांत नागपाल और माता लक्ष्मी की भूमिका दीपांशी अरोड़ा ने निभाई। भारत माता की भूमिका में स्योना गुलाटी ने भगवान विष्णु से धरती पर अवतार लेकर असुरों का विनाश करने की गुहार लगाई। इस प्रसंग के जरिए भगवान श्रीराम के धरती पर अवतार लेने की पृष्ठभूमि तैयार की गई।
आज होगा श्रीराम जन्म और ताड़का वध
विजय रामलीला कमेटी के मंच पर आज भगवान श्रीराम के जन्म का भव्य मंचन किया जाएगा। इसके साथ ही ताड़का के वध और असुरों द्वारा रुदन के रूप में पंजाबी स्यापा भी प्रस्तुत किया जाएगा। राम जन्म के प्रसंग को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।