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Faridabad News: अरावली क्षेत्र के प्रवेश मार्गों को जेसीबी से खुदवाया
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वन विभाग को मिल रही थी खनन और अवैध निर्माण की शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अरावली की हरियाली को बचाने के लिए वन विभाग सख्त कदम उठा रहा है। विभाग को इस क्षेत्र से लगातार खनन और अवैध निर्माण की शिकायत मिल रही थी। इस बात को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने सोमवार को अरावली क्षेत्र के प्रवेश और निकास मार्गों को एक बार फिर से जेसीबी से खुदवा दिया है। विभाग ने इससे पहले भी इन रास्तों को खुदवाया था।
पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम के अनुसार, फरीदाबाद के 15 गांवों को नॉन फोरेस्ट्री एक्टिविटी जोन घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में कोई भी ऐसी गतिविधि नहीं की जा सकती, जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती हो। फरीदाबाद के जिला वन अधिकारी सुरेंदर सिंह डांगी ने बताया कि विभाग ने अरावली के प्रवेश मार्गों को पहले भी एक बार खोद दिया था। कुछ दिनों से यह शिकायत सामने आ रही थी कि इस मार्गों पर फिर से वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है। इसके बाद इन रास्तों को फिर से खोद दिया गया है। उन्होंने कहा कि अरावली में हो रहे खनन को लेकर विभाग सख्ती से काम कर रहा है। अरावली को नुकसान पहुंचाने वालोंं के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वन प्रहरी करेंगे अरावली की देखभाल
अरावली क्षेत्र की देखभाल के लिए वन विभाग वन और अग्नि प्रहरियों को तैनात करेगा। ये वन प्रहरी सूरजकुंड, पाली और सिकरोना वन क्षेत्र की सुरक्षा करेंगे। इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया है। अरावली में अवैध निर्माण को गिराने के लिए वन विभाग ने कमर कस ली है। इस क्षेत्र में जल्द ही वन प्रहरी नियुक्त कर दिए जाएंगे।
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अरावली में पर्यावरण को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश कर दिया है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गैर वानिकी गतिविधि पाई जाती है, तो उसके खिलाफ एफआईआर की जाएगी।- सुरेंदर सिंह डांगी, जिला वन अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अरावली की हरियाली को बचाने के लिए वन विभाग सख्त कदम उठा रहा है। विभाग को इस क्षेत्र से लगातार खनन और अवैध निर्माण की शिकायत मिल रही थी। इस बात को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने सोमवार को अरावली क्षेत्र के प्रवेश और निकास मार्गों को एक बार फिर से जेसीबी से खुदवा दिया है। विभाग ने इससे पहले भी इन रास्तों को खुदवाया था।
पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम के अनुसार, फरीदाबाद के 15 गांवों को नॉन फोरेस्ट्री एक्टिविटी जोन घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में कोई भी ऐसी गतिविधि नहीं की जा सकती, जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती हो। फरीदाबाद के जिला वन अधिकारी सुरेंदर सिंह डांगी ने बताया कि विभाग ने अरावली के प्रवेश मार्गों को पहले भी एक बार खोद दिया था। कुछ दिनों से यह शिकायत सामने आ रही थी कि इस मार्गों पर फिर से वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है। इसके बाद इन रास्तों को फिर से खोद दिया गया है। उन्होंने कहा कि अरावली में हो रहे खनन को लेकर विभाग सख्ती से काम कर रहा है। अरावली को नुकसान पहुंचाने वालोंं के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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वन प्रहरी करेंगे अरावली की देखभाल
अरावली क्षेत्र की देखभाल के लिए वन विभाग वन और अग्नि प्रहरियों को तैनात करेगा। ये वन प्रहरी सूरजकुंड, पाली और सिकरोना वन क्षेत्र की सुरक्षा करेंगे। इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया है। अरावली में अवैध निर्माण को गिराने के लिए वन विभाग ने कमर कस ली है। इस क्षेत्र में जल्द ही वन प्रहरी नियुक्त कर दिए जाएंगे।
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अरावली में पर्यावरण को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश कर दिया है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गैर वानिकी गतिविधि पाई जाती है, तो उसके खिलाफ एफआईआर की जाएगी।- सुरेंदर सिंह डांगी, जिला वन अधिकारी