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खेत में खड़ी फसल पर गिरदावर में गड़बड़ी से दिखा दिया साफ मैैदान

Wed, 31 Mar 2021 11:20 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 31 Mar 2021 11:20 PM IST
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The crop standing in the field, but the mess in Girdawar showed a clear field
बल्लभगढ़। मंडियों में एक अप्रैल से फसल की खरीद-फरोख्त का काम शुरू होगा। एक दिन पूर्व बुधवार को इसकी तैयारियां देखने को मिलीं। इसके लिए मंडियों में मार्केट सचिव को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, प्रशासन ने मंडी में गेहूं खरीद के लिए एजेंसी नियुक्त कर दी है, बावजूद इसके फसल खरीद की तैयारियां आधी-अधूरी ही हैं। सबसे बड़ी परेशानी किसानों के सामने है, क्योंकि किसान ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर अपनी फसल का पंजीकरण ही नहीं कर पा रहे। कई किसानों की फसल खेत में पकी खड़ी है, वहीं पंजीकरण के समय खेत खाली दर्शाया जा रहा है। ऐसे में यह किसान अपनी फसल मंडी में बेच ही नहीं सकते, क्योंकि सरकार की व्यवस्था है कि पोर्टल पर पंजीकृत फसल की आवक ही मंडियों में की जा सकती है। वहीं, ऑनलाइन पोर्टल भी मौजूदा समय में बंद है। ऐसे में किसान असमंजस में हैं।
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जिला कृषि एवं कल्याण विभाग के अनुसार, जिले में छोटे-बड़ेे करीब 10 हजार से अधिक किसान हैं। इनमें से फिलहाल 4980 का ही पंजीकरण ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर है। पंजीकृत किसानों में से लगभग 177 किसानों ने सरसों व जौ की फसल का पंजीकरण करवाया है। अपनी फसल बेचने के लिए किसान पंजीकरण तो चाहते हैं, लेकिन पोर्टल पर पंजीकरण बंद होना और परिवार पहचान पत्र की अनिवार्यता किसानों के लिए समस्या बन गया है। ऐसी स्थिति में किसान फसलों का पंजीकरण न होने से परेशान हैं। वहीं, बिना पंजीकरण के किसान निजी संस्थाओं व लोगों को ओने-पौने दाम पर फसल देने को मजबूर होगा।
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क्या कहते हैं किसान
किसान धर्मवीर अधाना कहते हैं कि उनके रायपुर कलां में खेत हैं, उसके लिए वे कई बार पोर्टल पर अपनी फसल का पंजीकरण कराने पहुंचे हैं लेकिन कई बार तो पोर्टल ही बंद मिला, जब पोर्टल शुरू हुआ तो उनको बताया गया कि उनकी फसल की गिरदावरी नहीं हुई है जिसके कारण उनका खेत खाली दर्शाया जा रहा है। दरअसल, गिरदावरी के जरिये यह तय होता है कि कितनी भूमि में मौजूदा समय में कितनी फसल खड़ी है। हर छह माह में फसल पकने पर किसान पटवारी के पास फसल की गिरदावरी अपडेट कराते हैं। इसी से तय होता है कि कितनी भूमि में मौजूदा समय में कितनी फसल बोई गई है।
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गढ़ी बेगम पुर निवासी बच्चन सिंह बताते हैं कि उनके यमुना पार खेत हैं लेकिन गिरदावरी न होने से वे अपनी फसल का ब्योरा दर्ज नहीं करा सके है। गांव दयालपुर खेड़ा के किसान तिलक नंबरदार कहते हैं कि पहले तो उनको गिरदावरी को लेकर समस्या बनी हुई थी, क्योंकि फसल की बुआई कुछ और पोर्टल पर कुछ और दर्शाया हुआ था। भागदौड़ करके गिरदावरी पूरी हुई तो फिर कई दिन पोर्टल का सर्वर नहीं चला और अब पोर्टल बंद हो गया।

गेट पास से ही होगी एंट्री
मंडी में गेट पास से ही एंट्री हो सकेगी। इसके लिए किसान को मोबाइल पर आया हुआ संदेश दिखाना होगा, जिसके बाद गेट पास बनेगा।
-ऋषि कुमार, सचिव, मार्केट कमेटी
खुलेगा पोर्टल, करा सकते हैं पंजीकरण
पांच व छह अप्रैल को एक बार फिर किसान अपनी फसल का पंजीकरण करा सकता है। फिलहाल लगभग 177 किसानों ने सरसों व जौ, जबकि 4798 किसानों ने गेहूं के लिए अपना पंजीकरण कराया है।
-अनिल कुमार, जिला कृषि एवं कल्याण अधिकारी, फरीदाबाद
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