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Faridabad News: सील संपत्तियों पर निगम की सख्ती, टैक्स न देने पर अब होगी नीलामी

Thu, 29 Jan 2026 12:31 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 29 Jan 2026 12:31 AM IST
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The corporation is cracking down on sealed properties; those who fail to pay taxes will now face auction.
- फरीदाबाद में 1743 यूनिट पर कार्रवाई की तैयारी, बकायदारों को अंतिम चेतावनी
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सील की गई संपत्तियों के बावजूद टैक्स जमा न करने वालों पर निगम अब सीधे नीलामी की कार्रवाई करेगा। निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा के निर्देशों पर यह फैसला लिया गया है, जिससे नगर निगम की आय बढ़ाई जा सके और टैक्स व्यवस्था को अनुशासित किया जा सके।

नगर निगम की एडिशनल कमिश्नर सलोनी शर्मा ने स्पष्ट किया कि अब तक करीब 1743 यूनिट ऐसी चिन्हित की जा चुकी हैं, जिन पर प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। इन प्रॉपर्टी को सील किए जाने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया है। इन सभी मामलों में अब प्रॉपर्टी नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके लिए नियमों के तहत नोटिस, मूल्यांकन और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। उन्होंने बताया कि नगर निगम लंबे समय से टैक्स वसूली को लेकर अभियान चला रहा है। पहले चरण में बकायदारों को नोटिस दिए गए, फिर सीलिंग की कार्रवाई की गई, लेकिन इसके बाद भी बड़ी संख्या में लोग टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं। ऐसे में अब निगम के पास नीलामी के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
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कर वसूली में फरीदाबाद की स्थिति
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, फरीदाबाद में हर साल प्रॉपर्टी टैक्स से करोड़ों रुपये की आय होती है लेकिन बकाया राशि भी लगातार बढ़ रही है। पिछले कुछ वर्षों में नगर निगम ने ऑनलाइन टैक्स भुगतान, वन-टाइम सेटलमेंट स्कीम और ब्याज में छूट जैसी योजनाएं भी लागू कीं ताकि लोग स्वेच्छा से टैक्स जमा करें। इसके बावजूद हजारों संपत्ति मालिकों ने टैक्स नहीं दिया, जिससे निगम के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, फरीदाबाद नगर निगम क्षेत्र में सड़कों, सीवर, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और सफाई जैसे बुनियादी कार्यों के लिए टैक्स आय पर ही निर्भरता रहती है। बकाया टैक्स के कारण कई योजनाओं को समय पर पूरा करने में दिक्कतें आई हैं।
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सीलिंग के बाद भी भुगतान नहीं
निगम प्रशासन का कहना है कि सीलिंग की कार्रवाई आमतौर पर अंतिम चेतावनी मानी जाती है। इसके बाद अधिकांश मामलों में लोग टैक्स जमा कर देते हैं लेकिन इस बार 1700 से ज्यादा यूनिट ऐसे हैं जहां सीलिंग के बाद भी भुगतान नहीं हुआ। अधिकारियों के अनुसार इनमें व्यावसायिक संपत्तियों की संख्या भी अच्छी-खासी है, जहां से टैक्स की बड़ी रकम वसूली जानी है।

एडिशनल कमिश्नर सलोनी शर्मा ने कहा कि टैक्स जमा करने के लिए बकायदारों को पर्याप्त समय और अवसर दिए जा चुके हैं। अब किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी। नियमानुसार नीलामी की कार्रवाई की जाएगी और बकाया टैक्स की भरपाई की जाएगी।

नीलामी प्रक्रिया कैसी होगी
नगर निगम सूत्रों के अनुसार, नीलामी से पहले संबंधित संपत्ति मालिकों को अंतिम नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद संपत्ति का मूल्यांकन कर रिजर्व प्राइस तय की जाएगी। नियमानुसार सार्वजनिक नीलामी के जरिए संपत्ति बेची जाएगी और प्राप्त राशि से पहले बकाया टैक्स, ब्याज और जुर्माना वसूला जाएगा।


निगम की अपील

नगर निगम प्रशासन ने एक बार फिर बकायाधारकों से अपील की है कि वे नीलामी की कार्रवाई शुरू होने से पहले अपना टैक्स जमा कर दें। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते भुगतान करने से न केवल संपत्ति बचाई जा सकती है बल्कि अतिरिक्त जुर्माने और कानूनी कार्रवाई से भी बचा जा सकता है।
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