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Faridabad News: सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग के आरोपों पर निगम ने शुरू की जांच
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सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग के आरोपों पर निगम ने शुरू की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सेक्टर-25 स्थित नगर निगम के जलघर परिसर में एंटी स्मॉग गन से लैस वाहन के करीब दो घंटे तक बिना उपयोग के चालू हालत में खड़े रहने का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो के आधार पर सरकारी संसाधनों और ईंधन की संभावित बर्बादी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
स्थानीय निवासी ओमप्रकाश और कर्मवीर का आरोप है कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए तैनात एंटी स्मॉग मशीनों का प्रभावी उपयोग नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि कई बार ये वाहन सड़कों पर संचालन के बजाय सरकारी परिसरों में ही खड़े दिखाई देते हैं, जिससे इनकी मॉनिटरिंग और जवाबदेही पर सवाल खड़े होते हैं।
हालांकि नगर निगम प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। नगर निगम के एक्सईएन नितिन कादियान ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है और इसकी जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वाहन के लंबे समय तक चालू रहने के पीछे तकनीकी कारण थे या मानवीय लापरवाही।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सेक्टर-25 स्थित नगर निगम के जलघर परिसर में एंटी स्मॉग गन से लैस वाहन के करीब दो घंटे तक बिना उपयोग के चालू हालत में खड़े रहने का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो के आधार पर सरकारी संसाधनों और ईंधन की संभावित बर्बादी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
स्थानीय निवासी ओमप्रकाश और कर्मवीर का आरोप है कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए तैनात एंटी स्मॉग मशीनों का प्रभावी उपयोग नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि कई बार ये वाहन सड़कों पर संचालन के बजाय सरकारी परिसरों में ही खड़े दिखाई देते हैं, जिससे इनकी मॉनिटरिंग और जवाबदेही पर सवाल खड़े होते हैं।
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हालांकि नगर निगम प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। नगर निगम के एक्सईएन नितिन कादियान ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है और इसकी जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वाहन के लंबे समय तक चालू रहने के पीछे तकनीकी कारण थे या मानवीय लापरवाही।