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जगह-जगह से जुड़ता गया काफिला
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फरीदाबाद में प्रदर्शन करते हुए दिल्ली की तरफ जाते किसान ।
- फोटो : Faridabad
फरीदाबाद। केंद्र की ओर से पारित कृषि कानूनों के विरोध में पलवल से दिल्ली की तरफ मार्च निकालते हुए आगे बढ़ रहे किसानों का संगठन शनिवार को जिले में आसानी से प्रवेश करते हुए अजरौंदा चौक तक पहुंच गया। पुलिस ने इस दौरान किसानों के साथ टकराव से बचने के लिए संगठन के विरोध से बचने की कोशिश की। दरअसल, केंद्र में चल रही किसान नेताओं और सरकार के बीच की वार्ता को देखते हुए प्रशासन किसी तरह का रिस्क लेने के मूड में नहीं दिखा। किसानों के संगठन में भीड़ का ग्राफ जगह के हिसाब से घटता बढ़ता रहा। थोड़ी-थोड़ी दूर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद कुछ संगठन वापस हो लिए तो कुछ नए भी जुड़ते चले गए।
रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण ज्यादा भीड़ होने की उम्मीद है क्योंकि अब दिल्ली दूर नहीं है, इसलिए किसानों ने भी ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। किसान झाड़सैतली से जब निकले, उस समय उनके साथ आसपास के अन्य किसान नेता व संगठन भी जुड़ गए। यहां से पूर्व पार्षद जगन डागर, किसान मंच के प्रवक्ता सतबीर डागर और एनआईटी विधानसभा से कांग्रेस के विधायक नीरज शर्मा अपने समर्थकों के साथ शामिल हुए। इन नेताओं के जुड़ जाने से संगठन की संख्या बढ़ गई। शांतिपूर्ण पैदल मार्च के लिए पुलिस ने भी किसानों को अनुमति दे दी और भारी दल बल के साथ पुलिस अधिकारी भी साथ-साथ चलने लगे।
कई लोग थोड़ी देर ठहर कर हुए अलग
बल्लभगढ़ बस अड्डे पर विधायक शर्मा जुलूस से अलग हो गए। यहां रोडवेज कर्मचारियों ने किसानों का स्वागत किया और उनके साथ हो लिए। गुडईयर चौक पर आकर सतबीर डागर व पूर्व पार्षद जगन डागर अपने समर्थकों के साथ वापस झाड़सैतली चले गए। यहां से पूर्व मंत्री करण दलाल का भतीजा नरबीर दलाल, पूर्व विधायक रघुवीर तेवतिया का बेटा व युवा कांग्रेस का राष्ट्रीय प्रवक्ता तरुण तेवतिया, पूर्व विधायक योगेश शर्मा की बेटी पराग शर्मा सहित कई लोग मार्च के साथ हो लिए।
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25 गाड़ियों में वापस हुए लोग
हरियाणा किसान संघ से ब्रिजमोहन, विजय चहल व डीके शर्मा भी अपने साथियों के साथ मार्च में शामिल हुए। बाटा चौक तक आते आते करीब बीस से 25 लोग गाड़ियों से वापस हो गए। अजरौंदा चौक पर आने के बाद सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारी नेता नरेश शास्त्री, बलबीर बालगुहेर सहित करीब 30 कर्मचारियों ने किसानों का ढोल व फूल मालाओं से स्वागत किया। कुछ देर रुकने के बाद काफिला अजरौंदा चौक स्थित बसंत वाटिका में रुक गया। यहां संत सुरक्षा मिशन, अखिल भारतीय किसान यूनियन, इंकलाबी मजदूर केंद्र, संस्कार फाउंडेशन जैसे कई छोटे बड़े संगठन भी किसानों के साथ जुड़ गए। वाटिका में नरबीर तेवतिया की तरफ से नाश्ते का इंतजाम किया गया था। नाश्ता करने के बाद कई संगठन व आसपास के लोग वापस चले गए जबकि पलवल से चले किसानों ने रात को यहीं रुकने का फैसला लिया। रविवार सुबह करीब ग्यारह बजे किसान दिल्ली की तरफ कूच करेंगे। (संवाद)
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रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण ज्यादा भीड़ होने की उम्मीद है क्योंकि अब दिल्ली दूर नहीं है, इसलिए किसानों ने भी ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। किसान झाड़सैतली से जब निकले, उस समय उनके साथ आसपास के अन्य किसान नेता व संगठन भी जुड़ गए। यहां से पूर्व पार्षद जगन डागर, किसान मंच के प्रवक्ता सतबीर डागर और एनआईटी विधानसभा से कांग्रेस के विधायक नीरज शर्मा अपने समर्थकों के साथ शामिल हुए। इन नेताओं के जुड़ जाने से संगठन की संख्या बढ़ गई। शांतिपूर्ण पैदल मार्च के लिए पुलिस ने भी किसानों को अनुमति दे दी और भारी दल बल के साथ पुलिस अधिकारी भी साथ-साथ चलने लगे।
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कई लोग थोड़ी देर ठहर कर हुए अलग
बल्लभगढ़ बस अड्डे पर विधायक शर्मा जुलूस से अलग हो गए। यहां रोडवेज कर्मचारियों ने किसानों का स्वागत किया और उनके साथ हो लिए। गुडईयर चौक पर आकर सतबीर डागर व पूर्व पार्षद जगन डागर अपने समर्थकों के साथ वापस झाड़सैतली चले गए। यहां से पूर्व मंत्री करण दलाल का भतीजा नरबीर दलाल, पूर्व विधायक रघुवीर तेवतिया का बेटा व युवा कांग्रेस का राष्ट्रीय प्रवक्ता तरुण तेवतिया, पूर्व विधायक योगेश शर्मा की बेटी पराग शर्मा सहित कई लोग मार्च के साथ हो लिए।
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25 गाड़ियों में वापस हुए लोग
हरियाणा किसान संघ से ब्रिजमोहन, विजय चहल व डीके शर्मा भी अपने साथियों के साथ मार्च में शामिल हुए। बाटा चौक तक आते आते करीब बीस से 25 लोग गाड़ियों से वापस हो गए। अजरौंदा चौक पर आने के बाद सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारी नेता नरेश शास्त्री, बलबीर बालगुहेर सहित करीब 30 कर्मचारियों ने किसानों का ढोल व फूल मालाओं से स्वागत किया। कुछ देर रुकने के बाद काफिला अजरौंदा चौक स्थित बसंत वाटिका में रुक गया। यहां संत सुरक्षा मिशन, अखिल भारतीय किसान यूनियन, इंकलाबी मजदूर केंद्र, संस्कार फाउंडेशन जैसे कई छोटे बड़े संगठन भी किसानों के साथ जुड़ गए। वाटिका में नरबीर तेवतिया की तरफ से नाश्ते का इंतजाम किया गया था। नाश्ता करने के बाद कई संगठन व आसपास के लोग वापस चले गए जबकि पलवल से चले किसानों ने रात को यहीं रुकने का फैसला लिया। रविवार सुबह करीब ग्यारह बजे किसान दिल्ली की तरफ कूच करेंगे। (संवाद)