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धर्मांतरण करने वालों को सरकारी योजनाओं का लाभ बंद हो: डॉ. रविंद्र नारायण
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फरीदाबाद। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नवनियुक्त अंतराराष्ट्रीय अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. रविंद्र नारायण सिंह का मानना है कि तेजी से बढ़ती जनसंख्या देश की सबसे बड़ी समस्या है और विकास की राह में रोड़ा बन कर खड़ी है। इस पर अंकुश के लिए जल्द ही कुछ न कुछ कदम उठाना होगा। असम और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जनसंख्या नियंत्रण की दिशा में बनाए जा रहे कानून की सराहना करते हुए उन्होंने कहा विहिप केंद्र सरकार से मांग करेगी कि देशभर में ऐसा ही समान कानून बनाया जाए। डॉ. रविंद्र नारायण मानव रचना शिक्षण संस्थान में चल रही विहिप के केंद्रीय प्रन्यासी मंडल और प्रबंध समिति की बैठक में शामिल होने आए हैं।
अमर उजाला से बातचीत में डॉ. रविंद्र नारायण सिंह ने कहा, जबरन धर्मांतरण को लेकर सभी राज्य सरकारों को ठोस कदम उठाने की जरूरत है। हरियणा के मेवात में धर्मांतरण और घटती हिंदू आबादी पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार को इस पर गंभीरता से ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण करवाने के बाद जो संस्थाएं धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों की सहायता कर रही उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। धर्मांतरण करने वाले लोगों को किसी सरकारी योजना का लाभ मिल रहा है तो सरकार से उसे बंद करने की मांग रखेंगे। मेवात में 85 फीसदी मुस्लिम है और 15 फीसदी हिंदू हैं। ऐसी बात हो रही है कि वहां अब हिंदुओं का रहना मुश्किल हो गया है। कानून व्यवस्था इतनी ज्यादा खराब है कि सरकार उस पर ध्यान नहीं दे रही है। कुछ समय पहले मेवात में एक कमीशन भी बैठा। मुख्यमंत्री उससे मिले भी थे और ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया था कि जो अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि वह विहिप के सभी संकल्प पूरा करने के लिए संगठन को सशक्त बनाएंगे और देश व हिंदू समाज के समक्ष आ रही नई चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक नीति बनाएंगे।
हमें डरना नहीं, पराक्रम करना होगा
डॉ. रविंद्र नारायण ने कहा धर्मांतरण को लेकर विहिप ने हाल ही हरियाणा सरकार एक ज्ञापन को दिया है। उम्मीद करते है कि सरकार उस पर जल्द कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा, हमें डरना नहीं है। हमें पराक्रम करना होगा। जब तक हम अपनी बात को आगे नहीं रखेंगे कोई ध्यान नहीं देगा। सरकार ये समझती है कि हम दबे रहेंगे तो ऐसा नहीं है। मेवात के हिंदुओं के साथ विश्व हिंदू परिषद खड़ा है। हरियाणा सरकार सहित विभिन्न राज्यों की सरकारों से मांग करते हैं कि धर्मांतरण पर कठोर कानून बनाकर लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि देश में सभी चीजें एक दिन में नहीं बदली जा सकती है। इसके लिए निरंतर प्रयास करने की जरूरत होती है। हम लोग ऐसे व्यक्ति नहीं है कि कोई कठोर कदम उठाकर सरकार से काम कराया जाए। विहिप की एक पॉलिसी है, जिसके तहत सरकार को पहले ज्ञापन देते हैं फिर धरना प्रदर्शन करते हैं और सरकार के ऊपर दबाव बनाते है कि वह इस तरह के कानून न बनाए जो देश के हित में न हो।
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भूमि खरीद में पूरी पारदर्शिता बरती
उन्होंने कहा. अयोध्या में बन रहे राम मंदिर से जुड़े कथित भूमि घोटाले कोई आधार नहीं है। जमीन खरीद में पूरी पारदर्शिता अपनाई गई है। राममंदिर निर्माण शुरू होने के बाद विहिप अन्य बड़े लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करेगी। गौरतलब है कि डॉ. रवींद्र नारायण सिंह को शनिवार को विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष का दायित्व दिया गया था।
हिंदू मंदिर और धार्मिक संस्थाएं सरकारी नियंत्रण से मुक्त हो: विहिप
फरीदाबाद। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के केंद्रीय प्रन्यासी मंडल व प्रबंध समिति की दो दिवसीय बैठक में रविवार को अंतिम दिन हिंदू धार्मिक स्थलों, कोरोना महामारी और धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर कई प्रस्ताव पास किए गए। सूरजकुंड रोड स्थित मानव रचना शिक्षण संस्थान में आयोजित बैठक में विहिप नेताओं ने स्पष्ट कहा कि हिंदू मंदिर और धार्मिक संस्थाओं को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जाना चाहिए और इसके लिए सरकार से केंद्रीय कानून बनाने की मांग की जाएगी।
विहिप के कार्याध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक कुमार ने कहा कि देश में मंदिर वर्षों से हिंदू समाज के लिए सामाजिक, धर्मिक व सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्य है ही मंदिर सरकारी नियंत्रण में है। इन्हें सरकारी तंत्र से मुक्त करवाने के लिए सरकार से केंद्रीय कानून बनाने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि विडंबना है कि देश में आज अनेकों ऐसे समृद्ध मंदिर सरकार के आधीन हैं। मंदिरों में आने वाला चंदा सरकार के पास जाता है। इस पैसे को हिंदुत्व के प्रचार-प्रसार से जुड़े कार्यों में खर्च किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदू धार्मिक संस्थाओं पर ब्रिटिश काल से नियंत्रण चला आ रहा है। हिंदू मंदिर और धार्मिक संस्थाओं पर नियंत्रण करने के लिए 1926 में मद्रास हिंदू रिलीजियस एंडोमेंट एक्ट बनाया गया था। इस कानून के आधार पर ही ब्रिटिश सरकार ने उनका प्रबंधन अपने हाथ में लिया था। जबकि, चिदम्बरम नटराज मंदिर मामले में मद्रास हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि सरकारों को इन्हें अपने नियंत्रण से मुक्त कर देना चाहिए। इसलिए अब समय आ गया कि हिंदू मंदिरों और अन्य धार्मिक संस्थाओं के संचालन के सबंध में व्यापक विचार विमर्श किया जाए। मंदिर प्रबंधन के नए ढांचे में पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विहिप केंद्र सरकार से अपील करती है कि एक केंद्रीय कानून बनाकर हिंदू धार्मिक मंदिरों और धार्मिक संस्थाओं को हिंदू समाज को सौंप दें। ताकि संत और भक्त इनकी धार्मिक व प्रशासनिक व्यवस्थाएं कर सकें।
कोरोना का तीसरी लहर से लड़ने के लिए पांच लाख स्वयंसेवक तैयार
विहिप की बैठक में कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने की योजना भी तैयार की गई। परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि देश के एक लाख गांव और स्लम क्षेत्र के लोगों को कोरोना से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए पांच लाख स्वयंसेवक तैयार किए हैं। वहीं, टेलीमेडिसिन सुविधा के जरिए लोगों को जांच से लेकर दवाइयों तक की ऑनलाइन सुविधा मुफ्त मिलेगी।
कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर के लिए विहिप ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है। दूसरी लहर में देश को भारी नुकसान पहुंचाया है। इससे आर्थिक स्थिति को भी काफी नुकसान पहुंचा है। भारी तादाद में लोग संक्रमण की चपेट में आए। हजारों लोगों ने अपने परिजनों को खो दिया, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। इसके लिए विहिप ने व्यापक स्तर पर कार्य योजना तैयार की है। पांच लाख स्वयंसेवक तैयार किए हैं, जो घर-घर जाकर लोगों को कोरोना महामारी के प्रति लोगों को जागरूक करेंगे। भीड़भाड़ वाले इलाकों में सामाजिक दूरी का सख्ती से पालन कराया जाएगा। तीसरी लहर बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक बताई जा रही है। इसके लिए विहिप कार्यकर्ता महिलाओं को विशेष तौर पर प्रशिक्षण देंगी कि वह किस तरह से बच्चों को कोरोना से सुरक्षित रख सकती हैं।
जारी किया जाएगा टोल फ्री नंबर
विहिप के हरियाणा प्रभारी रमेश गुप्ता ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर से लोगों को बचाने के लिए विहिप की ओर से टेलीमेडिसिन की सुविधा शुरू की जा रही है। इसके लिए एक टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा। जिस पर लोग संपर्क कर किसी भी प्रकार की सहायता ले सकते हैं। डॉक्टरी सलाह से लेकर टेस्ट और दवाइयों तक सभी सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी।
जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए सख्त कानून बनाए केंद्र
फरीदाबाद। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय प्रन्यासी मंडल और प्रबंध समिति की बैठक में संविधान सभा के सदस्य रोहिणी चौधरी व लोकनाथ मिश्र ने कहा कि देश को जबरन धर्मांतरण के अभिशाप से मुक्ति मिलनी चाहिए। विशेष समुदाय द्वारा किए जा रहे धर्मांतरण के कई षड्यंत्र उजागर हुए हैं। इससे स्पष्ट हो जाता है कि देश के हर क्षेत्र में ऐसी गतिविधियां हो रही हैं। रोहिणी चौधरी ने कहा कि अभी तक केवल 11 राज्यों में अवैध धर्मांतरण के विरुद्ध अधिनियम हैं, जबकि, षड्यंत्र देशव्यापी है। इसके लिए कठोर कानून की आवश्यकता है। सरदार पटेल ने भी जरूरत पड़ने पर इसके लिए नए कानून बनाने के लिए कहा था। लोकनाथ मिश्र ने कहा कि पिछले दिनों उत्तरप्रदेश के लोनी में पकड़े गए धर्मांतरण केस से पूरा देश चिंतित है। केवल इस षड्यंत्रकारी समूह की देश के अधिकांश राज्यों में जड़े हैं। ये मूक बधिर बच्चों का धर्म परिवर्तन कराते हैं। ऐसे में आशंका है कि इनका मानव बम के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। इसे रोकने के लिए विहिप द्वारा लोगों को जागरूक किया जाएगा। बैठक में विहिप के कार्याध्यक्ष आलोक कुमार, हरियाणा प्रभारी रमेश गुप्ता, प्रचार प्रसार प्रमुख विजय शंकर तिवारी, विशेष संपर्क प्रमुख विपिन गोयल, विभाग संगठन मंत्री साहिल वालिया व विभाग अध्यक्ष प्रेमचंद उपस्थित रहे।
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अब ये हैं पदाधिकारी
बैठक में शनिवार को अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया हुई। संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने पद्मश्री डॉ. रविंद्र नरायण सिंह के नाम का प्रस्ताव रखा, जिन्हें सर्वसम्मति से विहिप का नया अध्यक्ष चुना गया। चंपतराय, जीवेश्वर मिश्र, डॉ. विजय लक्ष्मी देशमाने, ओम प्रकाश सिंहल, गंगराजू, हुकुम चंद्र सांवला, सुशील सराफ व रमेश जैन उपाध्यक्ष के रूप में काम करते रहेंगे। मिलिंद पराडे केंद्रीय महामंत्री बने रहेंगे।संयुक्त महामंत्री के रूप में डॉ. सुरेंद्र जैन व बजरंग लाल बांगड़ा का मनोनयन किया गया। हरियाणा अध्यक्ष रमेश गुप्ता ने बताया कि उड़ीसा, हिमाचल, मिजोराम और अरुणांचल में अध्यक्ष के पद खाली थे। इसलिए इन राज्यों में अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है।
प्रांत, जिलास्तर पर भी बदले गए पदाधिकारी
बैठक में प्रांत और जिला स्तर पर भी पदाधिकारी बदल दिए गए। अभी सूची सार्वजनिक नहीं की गई है। विहिप जल्द ही संगठन से जुड़े प्रांतों और जिलों में बैठक कर नए पदाधिकारियों की सूची जारी करेगा। इसी के साथ ही आरएसएस की तरफ से विहिप को दिए गए 2022 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए अभियान शुरू किया जाएगा।
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अमर उजाला से बातचीत में डॉ. रविंद्र नारायण सिंह ने कहा, जबरन धर्मांतरण को लेकर सभी राज्य सरकारों को ठोस कदम उठाने की जरूरत है। हरियणा के मेवात में धर्मांतरण और घटती हिंदू आबादी पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार को इस पर गंभीरता से ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण करवाने के बाद जो संस्थाएं धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों की सहायता कर रही उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। धर्मांतरण करने वाले लोगों को किसी सरकारी योजना का लाभ मिल रहा है तो सरकार से उसे बंद करने की मांग रखेंगे। मेवात में 85 फीसदी मुस्लिम है और 15 फीसदी हिंदू हैं। ऐसी बात हो रही है कि वहां अब हिंदुओं का रहना मुश्किल हो गया है। कानून व्यवस्था इतनी ज्यादा खराब है कि सरकार उस पर ध्यान नहीं दे रही है। कुछ समय पहले मेवात में एक कमीशन भी बैठा। मुख्यमंत्री उससे मिले भी थे और ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया था कि जो अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि वह विहिप के सभी संकल्प पूरा करने के लिए संगठन को सशक्त बनाएंगे और देश व हिंदू समाज के समक्ष आ रही नई चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक नीति बनाएंगे।
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हमें डरना नहीं, पराक्रम करना होगा
डॉ. रविंद्र नारायण ने कहा धर्मांतरण को लेकर विहिप ने हाल ही हरियाणा सरकार एक ज्ञापन को दिया है। उम्मीद करते है कि सरकार उस पर जल्द कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा, हमें डरना नहीं है। हमें पराक्रम करना होगा। जब तक हम अपनी बात को आगे नहीं रखेंगे कोई ध्यान नहीं देगा। सरकार ये समझती है कि हम दबे रहेंगे तो ऐसा नहीं है। मेवात के हिंदुओं के साथ विश्व हिंदू परिषद खड़ा है। हरियाणा सरकार सहित विभिन्न राज्यों की सरकारों से मांग करते हैं कि धर्मांतरण पर कठोर कानून बनाकर लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि देश में सभी चीजें एक दिन में नहीं बदली जा सकती है। इसके लिए निरंतर प्रयास करने की जरूरत होती है। हम लोग ऐसे व्यक्ति नहीं है कि कोई कठोर कदम उठाकर सरकार से काम कराया जाए। विहिप की एक पॉलिसी है, जिसके तहत सरकार को पहले ज्ञापन देते हैं फिर धरना प्रदर्शन करते हैं और सरकार के ऊपर दबाव बनाते है कि वह इस तरह के कानून न बनाए जो देश के हित में न हो।
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भूमि खरीद में पूरी पारदर्शिता बरती
उन्होंने कहा. अयोध्या में बन रहे राम मंदिर से जुड़े कथित भूमि घोटाले कोई आधार नहीं है। जमीन खरीद में पूरी पारदर्शिता अपनाई गई है। राममंदिर निर्माण शुरू होने के बाद विहिप अन्य बड़े लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करेगी। गौरतलब है कि डॉ. रवींद्र नारायण सिंह को शनिवार को विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष का दायित्व दिया गया था।
हिंदू मंदिर और धार्मिक संस्थाएं सरकारी नियंत्रण से मुक्त हो: विहिप
फरीदाबाद। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के केंद्रीय प्रन्यासी मंडल व प्रबंध समिति की दो दिवसीय बैठक में रविवार को अंतिम दिन हिंदू धार्मिक स्थलों, कोरोना महामारी और धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर कई प्रस्ताव पास किए गए। सूरजकुंड रोड स्थित मानव रचना शिक्षण संस्थान में आयोजित बैठक में विहिप नेताओं ने स्पष्ट कहा कि हिंदू मंदिर और धार्मिक संस्थाओं को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जाना चाहिए और इसके लिए सरकार से केंद्रीय कानून बनाने की मांग की जाएगी।
विहिप के कार्याध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक कुमार ने कहा कि देश में मंदिर वर्षों से हिंदू समाज के लिए सामाजिक, धर्मिक व सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्य है ही मंदिर सरकारी नियंत्रण में है। इन्हें सरकारी तंत्र से मुक्त करवाने के लिए सरकार से केंद्रीय कानून बनाने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि विडंबना है कि देश में आज अनेकों ऐसे समृद्ध मंदिर सरकार के आधीन हैं। मंदिरों में आने वाला चंदा सरकार के पास जाता है। इस पैसे को हिंदुत्व के प्रचार-प्रसार से जुड़े कार्यों में खर्च किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदू धार्मिक संस्थाओं पर ब्रिटिश काल से नियंत्रण चला आ रहा है। हिंदू मंदिर और धार्मिक संस्थाओं पर नियंत्रण करने के लिए 1926 में मद्रास हिंदू रिलीजियस एंडोमेंट एक्ट बनाया गया था। इस कानून के आधार पर ही ब्रिटिश सरकार ने उनका प्रबंधन अपने हाथ में लिया था। जबकि, चिदम्बरम नटराज मंदिर मामले में मद्रास हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि सरकारों को इन्हें अपने नियंत्रण से मुक्त कर देना चाहिए। इसलिए अब समय आ गया कि हिंदू मंदिरों और अन्य धार्मिक संस्थाओं के संचालन के सबंध में व्यापक विचार विमर्श किया जाए। मंदिर प्रबंधन के नए ढांचे में पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विहिप केंद्र सरकार से अपील करती है कि एक केंद्रीय कानून बनाकर हिंदू धार्मिक मंदिरों और धार्मिक संस्थाओं को हिंदू समाज को सौंप दें। ताकि संत और भक्त इनकी धार्मिक व प्रशासनिक व्यवस्थाएं कर सकें।
कोरोना का तीसरी लहर से लड़ने के लिए पांच लाख स्वयंसेवक तैयार
विहिप की बैठक में कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने की योजना भी तैयार की गई। परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि देश के एक लाख गांव और स्लम क्षेत्र के लोगों को कोरोना से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए पांच लाख स्वयंसेवक तैयार किए हैं। वहीं, टेलीमेडिसिन सुविधा के जरिए लोगों को जांच से लेकर दवाइयों तक की ऑनलाइन सुविधा मुफ्त मिलेगी।
कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर के लिए विहिप ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है। दूसरी लहर में देश को भारी नुकसान पहुंचाया है। इससे आर्थिक स्थिति को भी काफी नुकसान पहुंचा है। भारी तादाद में लोग संक्रमण की चपेट में आए। हजारों लोगों ने अपने परिजनों को खो दिया, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। इसके लिए विहिप ने व्यापक स्तर पर कार्य योजना तैयार की है। पांच लाख स्वयंसेवक तैयार किए हैं, जो घर-घर जाकर लोगों को कोरोना महामारी के प्रति लोगों को जागरूक करेंगे। भीड़भाड़ वाले इलाकों में सामाजिक दूरी का सख्ती से पालन कराया जाएगा। तीसरी लहर बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक बताई जा रही है। इसके लिए विहिप कार्यकर्ता महिलाओं को विशेष तौर पर प्रशिक्षण देंगी कि वह किस तरह से बच्चों को कोरोना से सुरक्षित रख सकती हैं।
जारी किया जाएगा टोल फ्री नंबर
विहिप के हरियाणा प्रभारी रमेश गुप्ता ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर से लोगों को बचाने के लिए विहिप की ओर से टेलीमेडिसिन की सुविधा शुरू की जा रही है। इसके लिए एक टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा। जिस पर लोग संपर्क कर किसी भी प्रकार की सहायता ले सकते हैं। डॉक्टरी सलाह से लेकर टेस्ट और दवाइयों तक सभी सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी।
जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए सख्त कानून बनाए केंद्र
फरीदाबाद। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय प्रन्यासी मंडल और प्रबंध समिति की बैठक में संविधान सभा के सदस्य रोहिणी चौधरी व लोकनाथ मिश्र ने कहा कि देश को जबरन धर्मांतरण के अभिशाप से मुक्ति मिलनी चाहिए। विशेष समुदाय द्वारा किए जा रहे धर्मांतरण के कई षड्यंत्र उजागर हुए हैं। इससे स्पष्ट हो जाता है कि देश के हर क्षेत्र में ऐसी गतिविधियां हो रही हैं। रोहिणी चौधरी ने कहा कि अभी तक केवल 11 राज्यों में अवैध धर्मांतरण के विरुद्ध अधिनियम हैं, जबकि, षड्यंत्र देशव्यापी है। इसके लिए कठोर कानून की आवश्यकता है। सरदार पटेल ने भी जरूरत पड़ने पर इसके लिए नए कानून बनाने के लिए कहा था। लोकनाथ मिश्र ने कहा कि पिछले दिनों उत्तरप्रदेश के लोनी में पकड़े गए धर्मांतरण केस से पूरा देश चिंतित है। केवल इस षड्यंत्रकारी समूह की देश के अधिकांश राज्यों में जड़े हैं। ये मूक बधिर बच्चों का धर्म परिवर्तन कराते हैं। ऐसे में आशंका है कि इनका मानव बम के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। इसे रोकने के लिए विहिप द्वारा लोगों को जागरूक किया जाएगा। बैठक में विहिप के कार्याध्यक्ष आलोक कुमार, हरियाणा प्रभारी रमेश गुप्ता, प्रचार प्रसार प्रमुख विजय शंकर तिवारी, विशेष संपर्क प्रमुख विपिन गोयल, विभाग संगठन मंत्री साहिल वालिया व विभाग अध्यक्ष प्रेमचंद उपस्थित रहे।
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अब ये हैं पदाधिकारी
बैठक में शनिवार को अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया हुई। संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने पद्मश्री डॉ. रविंद्र नरायण सिंह के नाम का प्रस्ताव रखा, जिन्हें सर्वसम्मति से विहिप का नया अध्यक्ष चुना गया। चंपतराय, जीवेश्वर मिश्र, डॉ. विजय लक्ष्मी देशमाने, ओम प्रकाश सिंहल, गंगराजू, हुकुम चंद्र सांवला, सुशील सराफ व रमेश जैन उपाध्यक्ष के रूप में काम करते रहेंगे। मिलिंद पराडे केंद्रीय महामंत्री बने रहेंगे।संयुक्त महामंत्री के रूप में डॉ. सुरेंद्र जैन व बजरंग लाल बांगड़ा का मनोनयन किया गया। हरियाणा अध्यक्ष रमेश गुप्ता ने बताया कि उड़ीसा, हिमाचल, मिजोराम और अरुणांचल में अध्यक्ष के पद खाली थे। इसलिए इन राज्यों में अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है।
प्रांत, जिलास्तर पर भी बदले गए पदाधिकारी
बैठक में प्रांत और जिला स्तर पर भी पदाधिकारी बदल दिए गए। अभी सूची सार्वजनिक नहीं की गई है। विहिप जल्द ही संगठन से जुड़े प्रांतों और जिलों में बैठक कर नए पदाधिकारियों की सूची जारी करेगा। इसी के साथ ही आरएसएस की तरफ से विहिप को दिए गए 2022 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए अभियान शुरू किया जाएगा।