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Faridabad News: ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में जल्द शुरू होगा कैंसर पर शोध

Mon, 12 Jun 2023 11:33 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 12 Jun 2023 11:33 PM IST
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The anger of the people of Sector-23 erupted over the drinking water shortage, demonstration
सैंपल की डीएनए जांच के माध्यम से जीन में फैले कैंसर की वजह सहित अन्य जानकारियां जुटाने का प्रयास किया जाएगा
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कैंसर की बीमारी पर जल्द शोध शुरू किया जाएगा। इसमें सैंपल की डीएनए जांच के माध्यम से जीन में फैले कैंसर की वजह सहित अन्य जानकारियां जुटाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि समय रहते बीमारी को आगे बढ़ने से रोका जा सके।
एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं शुरू होने से मरीजों को काफी राहत मिली है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज अस्पताल में ही मिलने से मरीजों को काफी राहत मिली। पेट सीटी और रेडिएशन थेरेपी की सुविधा भी अस्पताल को जल्द मिलने जा रही है। इसके साथ ही अस्पताल ने कैंसर के इलाज को और अधिक प्रभावशाली बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ाया है। अस्पताल में जल्द कैंसर पर शोध शुरू किया जाएगा।
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कैंसर विशेषज्ञों ने बताया कि शोध दो प्रकार का होता है। लैब में बायोप्सी के माध्यम से सैंपल लेकर जांच की जाती है और दूसरा कैंसर की दवाओं पर। अस्पताल में इन दोनों पर ही शोध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बायोप्सी एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें शरीर से सेल्स या कोशिका का सैंपल लेकर उसकी जांच लैब में की जाती है। बायोप्सी की मदद से कई बीमारियों और उनके कारणों का पता लगाया जाता है। इसी स्टेज को अब आगे बढ़ाया जाएगा। बायोप्सी करके ये देखा जाएगा कि मरीज के डीएनए के अंदर जो जीन होते हैं, जेनेटिक लेवल में यह देखा जाएगा कि क्या कैंसर होने के क्या कारण है, क्या उसकी वजह से कैंसर हो रहा है। यदि उसके कारण हो रहा है तो उसके लिए क्या थेरेपी कारगर हो सकती है। दूसरा क्लीनिकल ट्रायल किया जाएगा, जो दवाइयों पर किया जाएगा क्योंकि अभी विदेश में हुए ट्रायल से बनी दवाइयां मरीजों को दी जा रही हैं। ये काफी महंगी भी होती हैं। हम शोध के माध्यम से विदेश से बेहतर और ज्यादा कारगर साबित हों। शोध के परिणाम के बाद इलाज में प्रयोग होने वाली दवाइयां भी सस्ती बनाई जा सकेंगी।
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क्या कहते हैं आंकड़े
वर्ष 2019 में कैंसर के मरीज

ओरल कैंसरः 36

फेफड़ों का कैंसरः 1164

सर्वाइकल कैंसरः 455

स्तन कैंसरः 521

अन्य कैंसरः 3,233

वर्ष 2020 में कैंसर के मरीज

ओरल कैंसरः 19

फेफड़ों का कैंसरः 1124

सर्वाइकल कैंसरः 333

स्तन कैंसरः 457
अन्य कैंसरः 2225

2021 में कैंसर के मामले

ओरल कैंसरः 527

फेफड़े का कैंसरः 1177

सर्वाइकल कैंसरः 729

स्तन कैंसरः 1350
अन्य कैंसर 1872
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