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पंचायत में पार्षद के खिलाफ फूटा बुढ़ैना गांव के लोगों का गुस्सा, ग्रामीणों ने बहिष्कार करने का लिया निर्णय
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फरीदाबाद। बुढैना गांव में आयोजित पंचायत में पार्षद के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा रविवार को फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि पार्षद की अनदेखी के कारण वह सड़क, सीवर, पार्क समेत कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। पंचायत में निर्णय लिया गया कि पार्षद का बहिष्कार किया जाएगा।
रविवार को मूलभूत सुविधाओं से वंचित ग्रामीणों ने छेदी मास्टर के घर पंचायत का आयोजन किया। गांव में समस्याओं का समाधान न होने के कारण पंचायत में वार्ड-28 के पार्षद नरेश नंबरदार के खिलाफ ग्रामीणों में रोष व्याप्त था। ग्रामीणों का आरोप है कि वह नारकीय जीवन जी रहे है। गलियों में सीवरेज का गंदा पानी बह रहा है। बच्चों के खेलने के लिए पार्क नहीं है। सभी लाइटें खराब पड़ी हैं, सड़के टूटी हुई हैं। गांव में सामुदायिक भवन तक नहीं है। ग्रामीण किशन चंदीला ने कहा कि वोट देकर नरेश नंबरदार को पार्षद इसलिए बनाया था कि समस्याओं का समाधान होगा। लेकिन 5 वर्ष बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
वहीं, मनोज चंदीला ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि पार्षद गांव के लिए कुछ अच्छा करेंगे लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। वासुदेव चंदीला ने कहा कि तो पार्षद मिलते नहीं और जब मिलते भी हैं तो काम करवाने की बात कहकर टरका देते हैं। आने वाले चुनाव में पार्षद को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। ग्रामीणों ने कहा कि वह जल्द ही बिजेंद्र वाल्मीकि के साथ मिलकर मंत्री चौ. कृष्णपाल गुर्जर के पास जाएंगे और उनसे गांव का विकास कराने की मांग करेंगे। सभी ने पार्षद का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। पंचायत के बाद गांव के लोगों ने सीवरेज से भरी गालियों में जाकर पार्षद के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान भंवरलाल, राजबीर, बाबूराम, राजेश नंबरदार, चौधरी कालू, पंडित सुरेंद्र शर्मा, बबली, लाला समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
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रविवार को मूलभूत सुविधाओं से वंचित ग्रामीणों ने छेदी मास्टर के घर पंचायत का आयोजन किया। गांव में समस्याओं का समाधान न होने के कारण पंचायत में वार्ड-28 के पार्षद नरेश नंबरदार के खिलाफ ग्रामीणों में रोष व्याप्त था। ग्रामीणों का आरोप है कि वह नारकीय जीवन जी रहे है। गलियों में सीवरेज का गंदा पानी बह रहा है। बच्चों के खेलने के लिए पार्क नहीं है। सभी लाइटें खराब पड़ी हैं, सड़के टूटी हुई हैं। गांव में सामुदायिक भवन तक नहीं है। ग्रामीण किशन चंदीला ने कहा कि वोट देकर नरेश नंबरदार को पार्षद इसलिए बनाया था कि समस्याओं का समाधान होगा। लेकिन 5 वर्ष बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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वहीं, मनोज चंदीला ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि पार्षद गांव के लिए कुछ अच्छा करेंगे लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। वासुदेव चंदीला ने कहा कि तो पार्षद मिलते नहीं और जब मिलते भी हैं तो काम करवाने की बात कहकर टरका देते हैं। आने वाले चुनाव में पार्षद को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। ग्रामीणों ने कहा कि वह जल्द ही बिजेंद्र वाल्मीकि के साथ मिलकर मंत्री चौ. कृष्णपाल गुर्जर के पास जाएंगे और उनसे गांव का विकास कराने की मांग करेंगे। सभी ने पार्षद का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। पंचायत के बाद गांव के लोगों ने सीवरेज से भरी गालियों में जाकर पार्षद के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान भंवरलाल, राजबीर, बाबूराम, राजेश नंबरदार, चौधरी कालू, पंडित सुरेंद्र शर्मा, बबली, लाला समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
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