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Faridabad News: एंबुलेंस आई नहीं, अस्पताल पहुंचने से पहले ऑटो में हुआ प्रसव
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जच्चा व बच्चा दोनों स्वस्थ, बीके अस्पताल में हैं भर्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीके अस्पताल पहुंचने से पहले ही गर्भवती ने ऑटो में नवजात को जन्म दे दिया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि उन्हें एंबुलेंस नहीं मिली। इसके चलते अस्पताल पहुंचने में देरी हुई। फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों ही अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
सरूरपुर निवासी किरन को सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा होने लगी। पति संतोष ने बीके अस्पताल में फोन किया था, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची। मजबूरन संतोष एक हजार रुपये में ऑटो बुक कर बीके अस्पताल के लिए निकलना पड़े। उन्होंने कहा कि सरूरपुर एक औद्योगिक क्षेत्र है। इसके चलते वहां की सड़कें काफी खराब हैं। काफी झटके लग रहे थे। अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में प्रसव हो गया। संतोष ने इमरजेंसी में जाकर कार्यरत नर्सिंग स्टाफ से बच्चे को दिखाया और घर ले जाने की बात कही। इस पर नर्सिंग स्टाफ तैयार नहीं थे। संतोष के न मानने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। काफी देर तक पुलिस के समझाने के बाद वह सहमत हो गए। फिलहाल जच्चा व बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
वर्जन
इस संबंध में जानकारी नहीं है। यदि ऐसी घटना हुई है तो जच्चा व बच्चा दोनों को भर्ती करना आवश्यक है। जन्म के बाद शिशु और जच्चा दोनों को टीके लगाए जाते हैं। - डॉ. सतेंद्र वशिष्ठ, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, बीके अस्पताल, फरीदाबाद।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीके अस्पताल पहुंचने से पहले ही गर्भवती ने ऑटो में नवजात को जन्म दे दिया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि उन्हें एंबुलेंस नहीं मिली। इसके चलते अस्पताल पहुंचने में देरी हुई। फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों ही अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
सरूरपुर निवासी किरन को सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा होने लगी। पति संतोष ने बीके अस्पताल में फोन किया था, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची। मजबूरन संतोष एक हजार रुपये में ऑटो बुक कर बीके अस्पताल के लिए निकलना पड़े। उन्होंने कहा कि सरूरपुर एक औद्योगिक क्षेत्र है। इसके चलते वहां की सड़कें काफी खराब हैं। काफी झटके लग रहे थे। अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में प्रसव हो गया। संतोष ने इमरजेंसी में जाकर कार्यरत नर्सिंग स्टाफ से बच्चे को दिखाया और घर ले जाने की बात कही। इस पर नर्सिंग स्टाफ तैयार नहीं थे। संतोष के न मानने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। काफी देर तक पुलिस के समझाने के बाद वह सहमत हो गए। फिलहाल जच्चा व बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
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इस संबंध में जानकारी नहीं है। यदि ऐसी घटना हुई है तो जच्चा व बच्चा दोनों को भर्ती करना आवश्यक है। जन्म के बाद शिशु और जच्चा दोनों को टीके लगाए जाते हैं। - डॉ. सतेंद्र वशिष्ठ, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, बीके अस्पताल, फरीदाबाद।
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