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Faridabad News: गंभीर श्रेणी में पहुंची एनआईटी क्षेत्र की हवा
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324 पहुंचा वायु गुणवत्ता सूचकांक, पूरे फरीदाबाद में औसत अरेंज जोन में है प्रदूषण का स्तर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में सोमवार को एनआईटी क्षेत्र की हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच गई। इस दौरान एनआईटी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक रेड जोन में 324 पहुंच गया। इससे लोगों को सांस लेने में हल्की दिक्कत महसूस होने लगी। हालांकि, देर शाम तक प्रदूषण कम होकर 220 पर आ गया। दूसरी ओर, पूरे फरीदाबाद में औसत प्रदूषण का अधिकतम स्तर 224 दर्ज किया गया।
जिले में पिछले दो दिनों से फरीदाबाद के एनआईटी में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंच रहा है। सोमवार दोपहर को वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर श्रेणी में 324 दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार इसके असर से लोगों को गले में खराश और आंखों में जलन महसूस हो रही है। अन्य तीन केंद्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक ऑरेंज जोन में रहा। हालांकि, यहां भी बाहर निकले लोगों को आंखों में जलन महसूस की गई। एनआईटी में सोमवार को पीएम 10 का स्तर 304 और पीएम 2.5 का स्तर 205 दर्ज किया गया। दूसरी तरफ, शहर में प्रदूषण का स्तर गंभीर स्थिति में पहुंचने के बावजूद टूटी हुई सड़कों पर धूल-मिट्टी उड़ती रही। वहीं नगर निगम के प्रत्येक स्थानों पर पानी के छिड़काव के दावे भी खोखले साबित होते रहे। इस दौरान कई स्थानों पर निर्माण सामग्री सड़कों पर पड़ी रही। इसके अलावा कुछ स्थानों पर लोग चोरी-छिपे इमारतों का निर्माण कार्य भी कराते रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में सोमवार को एनआईटी क्षेत्र की हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच गई। इस दौरान एनआईटी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक रेड जोन में 324 पहुंच गया। इससे लोगों को सांस लेने में हल्की दिक्कत महसूस होने लगी। हालांकि, देर शाम तक प्रदूषण कम होकर 220 पर आ गया। दूसरी ओर, पूरे फरीदाबाद में औसत प्रदूषण का अधिकतम स्तर 224 दर्ज किया गया।
जिले में पिछले दो दिनों से फरीदाबाद के एनआईटी में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंच रहा है। सोमवार दोपहर को वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर श्रेणी में 324 दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार इसके असर से लोगों को गले में खराश और आंखों में जलन महसूस हो रही है। अन्य तीन केंद्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक ऑरेंज जोन में रहा। हालांकि, यहां भी बाहर निकले लोगों को आंखों में जलन महसूस की गई। एनआईटी में सोमवार को पीएम 10 का स्तर 304 और पीएम 2.5 का स्तर 205 दर्ज किया गया। दूसरी तरफ, शहर में प्रदूषण का स्तर गंभीर स्थिति में पहुंचने के बावजूद टूटी हुई सड़कों पर धूल-मिट्टी उड़ती रही। वहीं नगर निगम के प्रत्येक स्थानों पर पानी के छिड़काव के दावे भी खोखले साबित होते रहे। इस दौरान कई स्थानों पर निर्माण सामग्री सड़कों पर पड़ी रही। इसके अलावा कुछ स्थानों पर लोग चोरी-छिपे इमारतों का निर्माण कार्य भी कराते रहे।
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