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Faridabad News: किराये पर कार लेकर गिरवी रखने के फर्जीवाड़े में आरोपी को नहीं मिली राहत
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। अन्य लोगों के नाम पर रजिस्टर्ड दो कार बेच 17.10 लाख रुपये की ठगी के मामले में आरोपी अभय पेरिवाल को अदालत से राहत नहीं मिली। सेक्टर-78 के रहने वाले अभय पेरिवाल के अधिवक्ता की ओर से जमानत याचिका दायर कर दलील दी गई कि यह मामला सिविल है। अभय ने कोई ठगी, चोरी, लूट या कार की झपटमारी नहीं की है। दोनों पक्षों की ओर से रुपये लेन-देन हुआ है। सभी कार भी पुलिस बरामद कर चुकी है। ये 18 सितंबर 2025 से हिरासत में है।
वहीं अभियोजन पक्ष ने याचिका का विरोध करते हुए दलील दी कि आरोपी ने दो फ्रॉन्क्स कार किराये पर लेकर उन्हें गिरवी रखकर 21 लाख रुपये उधार ले लिए। आरोपी ने इस दौरान बताया कि ये कार उसकी है और इस तरह ठगी की गई। आरोपी के खिलाफ इसी तरह से ठगी की 5 अन्य एफआईआर भी दर्ज हैं। सभी पक्षों को सुनकर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
मामले में छांयसा थाने में एफआईआर 12 जून 2025 को दर्ज हुई थी। राजबीर नामक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी थी कि अभय पेरिवाल और प्रणव ने खुद को कार खरीदने-बेचने का काम करने वाला बताया। शिकायतकर्ता को दो फ्रॉन्क्स कार बेचने के नाम पर आरोपियों ने संपर्क किया। 17.10 लाख रुपये में सौदा तय हुआ और रुपये अदा कर दिए गए। 10 लाख रुपये नकद, 4 लाख अभय और 3.10 लाख रुपये प्रणव के खाते में अदा किए गए। बाद में पता चला कि ये दोनों कार तो इनकी थी ही नहीं। किसी अन्य लोगों से ये कार लेकर आरोपियों ने बेचने के नाम पर ठगी की। छांयसा थाना में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू हुई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा। अब आरोपी की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है।
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फरीदाबाद। अन्य लोगों के नाम पर रजिस्टर्ड दो कार बेच 17.10 लाख रुपये की ठगी के मामले में आरोपी अभय पेरिवाल को अदालत से राहत नहीं मिली। सेक्टर-78 के रहने वाले अभय पेरिवाल के अधिवक्ता की ओर से जमानत याचिका दायर कर दलील दी गई कि यह मामला सिविल है। अभय ने कोई ठगी, चोरी, लूट या कार की झपटमारी नहीं की है। दोनों पक्षों की ओर से रुपये लेन-देन हुआ है। सभी कार भी पुलिस बरामद कर चुकी है। ये 18 सितंबर 2025 से हिरासत में है।
वहीं अभियोजन पक्ष ने याचिका का विरोध करते हुए दलील दी कि आरोपी ने दो फ्रॉन्क्स कार किराये पर लेकर उन्हें गिरवी रखकर 21 लाख रुपये उधार ले लिए। आरोपी ने इस दौरान बताया कि ये कार उसकी है और इस तरह ठगी की गई। आरोपी के खिलाफ इसी तरह से ठगी की 5 अन्य एफआईआर भी दर्ज हैं। सभी पक्षों को सुनकर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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मामले में छांयसा थाने में एफआईआर 12 जून 2025 को दर्ज हुई थी। राजबीर नामक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी थी कि अभय पेरिवाल और प्रणव ने खुद को कार खरीदने-बेचने का काम करने वाला बताया। शिकायतकर्ता को दो फ्रॉन्क्स कार बेचने के नाम पर आरोपियों ने संपर्क किया। 17.10 लाख रुपये में सौदा तय हुआ और रुपये अदा कर दिए गए। 10 लाख रुपये नकद, 4 लाख अभय और 3.10 लाख रुपये प्रणव के खाते में अदा किए गए। बाद में पता चला कि ये दोनों कार तो इनकी थी ही नहीं। किसी अन्य लोगों से ये कार लेकर आरोपियों ने बेचने के नाम पर ठगी की। छांयसा थाना में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू हुई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा। अब आरोपी की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है।
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