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Faridabad News: हनीट्रैप में फंसाकर अवैध वसूली के मामले में आरोपी को नहीं मिली जमानत

Sat, 05 Apr 2025 12:37 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 05 Apr 2025 12:37 AM IST
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The accused did not get bail in the case of illegal recovery by trapping in honeytrap
धौज थाने में 11 सितंबर 2024 को दर्ज हुई थी एफआईआर
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। हनीट्रैप में फंसाकर अवैध वसूली के मामले में पीड़ित व महिला की वीडियो बनाने के आरोपी इशुफ को अदालत से जमानत नहीं मिली। आरोपी के वकील की ओर से जमानत याचिका दायर कर दलील दी गई कि लगभग 7 महीने की देरी से एफआईआर दर्ज कराई गई है। इशुफ का नाम एफआईआर में नहीं था। जिनके नाम एफआईआर में थे वे सब जमानत व अग्रिम जमानत पर हैं। इस पर आरोप है कि इसने वीडियो बनाई थी। इससे तो सिर्फ 1 हजार रुपये बरामद होना बताया गया है जबकि मुबारिक जिससे स्विफ्ट कार बरामद हुई, उसे भी जमानत मिल चुकी है।

वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से याचिका का विरोध करते हुए दलील दी गई कि आरोपी हनीट्रैप व अवैध वसूली गैंग का सदस्य है। सीडीआर से पता चला है कि वारदात के समय आरोपी वहीं मौजूद था। आरोपी के खिलाफ चालान भी पेश नहीं हुआ है। साथ ही सह-आरोपी ने इसके खाते में 20 हजार रुपये ट्रांसफर किए हैं। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी ।
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धौज थाने में ये एफआईआर 11 सितंबर 2024 को साजिश के तहत अवैध वसूली व लूटपाट की धाराओं में दर्ज हुई थी। नूंह निवासी आरिफ ने मामले में पुलिस को शिकायत दी कि फरवरी 2024 में सानिया ने उसे प्रेम जाल में फंसा लिया। 23 फरवरी को सानिया ने आरिफ को बुलाया तो आरिफ अपने दोस्त मुबारिक उर्फ काले के साथ रात लगभग 9 बजे कार लेकर बल्लभगढ़ तेवतिया फॉर्म के पास पहुंचा तो उसे सानिया मिली। फिर सभी नेकपुर गांव पहुंचे। वहां सानिया ने आरिफ को शारीरिक संबंध बनाने के लिए उकसाया।
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आरोप है कि कुछ देर में ही सानिया का पति सलीम व अन्य लोग मौके पर पहुंचे। सानिया व आरिफ को वे सभी धमकाने लगे और ब्लैकमेल करने लगे। आरिफ से 10 लाख रुपये मांगे गए। बेइज्जती के डर से आरिफ ने 3 लाख 51 हजार रुपये अपने परिचितों से इकट्ठा कर आरोपियों को दिए। बाद में आरिफ को पता चला कि वो अपने जिस दोस्त मुबारिक उर्फ काले को साथ लेकर आया था, काले भी इसी गैंग का सदस्य है। मुबारिक उर्फ काले ने ही सानिया को आरिफ का नंबर दिया था। पुलिस अब तक केस में 10 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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