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अध्यापकों ने प्रदर्शन कर नई शिक्षा नीति का किया विरोध
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फरीदाबाद। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने सरकार की नई शिक्षा नीति के विरोध में सोमवार को फरीदाबाद और बल्लभगढ़ के खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। अध्यापकों ने कहा कि सरकार नई शिक्षा नीति लागू कर पूरी तरह निजीकरण करना चाहती है, जो कि ठीक नहीं है।
इस दौरान संघ के पदाधिकारियों ने खंड शिक्षा अधिकारी को शिक्षा मंत्री और अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा विभाग के नाम ज्ञापन सौंपा। हरियाणा विद्यालय संघ के फरीदाबाद प्रधान सतीश अधाना और बल्लभगढ़ प्रधान उपकार ने बताया कि संघ नई शिक्षा नीति का विरोध करता है। सरकार से मांग हैं कि शिक्षा नीति को रद्द किया जाए। अध्यापकों की गैर शैक्षणिक कार्यों की ड्यूटी हटाई जाए, ऑनलाइन शिक्षा को बंद करके सभी बच्चों को स्कूल में बुलाया जाए और बच्चों की पढ़ाई के समय को बढ़ाकर छह घंटे किया जाए। अध्यापकों से ऑनलाइन कार्य का बोझ हटाया जाए, मॉडल संस्कृति स्कूलों में छात्रों की फीस के नाम से लूट बंद हो और शिक्षा अधिकार नियम 2009 की पालना की जाए। साथ ही बच्चों को पुस्तकें प्रदान की जाए। जिला प्रधान भीम सिंह ने कहा कि समान काम के लिए समान वेतन मिले। इस मौके पर सचिव वीरेंद्र सिंह और गोविंद सिंह तोमर ने विचार रखे।
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इस दौरान संघ के पदाधिकारियों ने खंड शिक्षा अधिकारी को शिक्षा मंत्री और अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा विभाग के नाम ज्ञापन सौंपा। हरियाणा विद्यालय संघ के फरीदाबाद प्रधान सतीश अधाना और बल्लभगढ़ प्रधान उपकार ने बताया कि संघ नई शिक्षा नीति का विरोध करता है। सरकार से मांग हैं कि शिक्षा नीति को रद्द किया जाए। अध्यापकों की गैर शैक्षणिक कार्यों की ड्यूटी हटाई जाए, ऑनलाइन शिक्षा को बंद करके सभी बच्चों को स्कूल में बुलाया जाए और बच्चों की पढ़ाई के समय को बढ़ाकर छह घंटे किया जाए। अध्यापकों से ऑनलाइन कार्य का बोझ हटाया जाए, मॉडल संस्कृति स्कूलों में छात्रों की फीस के नाम से लूट बंद हो और शिक्षा अधिकार नियम 2009 की पालना की जाए। साथ ही बच्चों को पुस्तकें प्रदान की जाए। जिला प्रधान भीम सिंह ने कहा कि समान काम के लिए समान वेतन मिले। इस मौके पर सचिव वीरेंद्र सिंह और गोविंद सिंह तोमर ने विचार रखे।
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