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Faridabad News: खुले में जांच कराने को मजबूर टीबी मरीज
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जिला नागरिक अस्पताल में नहीं है पर्याप्त व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिला नागरिक अस्पताल में तपेदिक (टीबी) सहित संक्रामक बीमारियों की जांच व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ जहां टीबी मरीजों को धूप और भीषण गर्मी से बचने की सलाह देते हैं, वहीं अस्पताल में आने वाले टीबी मरीजों की खुले में जांच की जा रही है। खुले में जांच होने से मरीजों में खांसी और बलगम के लक्षण गंभीर होने का खतरा रहता है। मरीजों ने बताया कि कई बार इसके बारे में शिकायत की गई है लेकिन कोई समाधान नहीं निकाला जाता है।
अस्पताल की मुख्य बिल्डिंग के पीछे स्थित पुरानी इमारत में टीबी और अन्य संक्रामक रोगों की जांच होती है। यहां मरीजों को लंबे समय तक खुले में खड़ा रहना पड़ता है, जिससे उन्हें तेज धूप और लू का सामना करना पड़ता है। मौजूदा गर्मी के मौसम में यह स्थिति मरीजों की सेहत के लिए हानिकारक है। चिकित्सकों के अनुसार, टीबी मरीजों को अत्यधिक गर्मी से बचना चाहिए, क्योंकि इससे डिहाइड्रेशन, थकान और सांस लेने में दिक्कत बढ़ सकती है। इससे खांसी और बलगम जैसे लक्षण भी गंभीर हो सकते हैं। हालांकि, हल्की धूप शरीर में विटामिन-डी के लिए लाभकारी होती है, लेकिन तेज धूप इम्युनिटी को कमजोर कर सकती है।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयंत अहूजा ने कहा कि फिलहाल खुले स्थान पर जांच की व्यवस्था की गई है, ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके। अस्पताल में निर्माण कार्य चल रहा है। जल्द ही पर्याप्त प्रबंध किए जाएंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिला नागरिक अस्पताल में तपेदिक (टीबी) सहित संक्रामक बीमारियों की जांच व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ जहां टीबी मरीजों को धूप और भीषण गर्मी से बचने की सलाह देते हैं, वहीं अस्पताल में आने वाले टीबी मरीजों की खुले में जांच की जा रही है। खुले में जांच होने से मरीजों में खांसी और बलगम के लक्षण गंभीर होने का खतरा रहता है। मरीजों ने बताया कि कई बार इसके बारे में शिकायत की गई है लेकिन कोई समाधान नहीं निकाला जाता है।
अस्पताल की मुख्य बिल्डिंग के पीछे स्थित पुरानी इमारत में टीबी और अन्य संक्रामक रोगों की जांच होती है। यहां मरीजों को लंबे समय तक खुले में खड़ा रहना पड़ता है, जिससे उन्हें तेज धूप और लू का सामना करना पड़ता है। मौजूदा गर्मी के मौसम में यह स्थिति मरीजों की सेहत के लिए हानिकारक है। चिकित्सकों के अनुसार, टीबी मरीजों को अत्यधिक गर्मी से बचना चाहिए, क्योंकि इससे डिहाइड्रेशन, थकान और सांस लेने में दिक्कत बढ़ सकती है। इससे खांसी और बलगम जैसे लक्षण भी गंभीर हो सकते हैं। हालांकि, हल्की धूप शरीर में विटामिन-डी के लिए लाभकारी होती है, लेकिन तेज धूप इम्युनिटी को कमजोर कर सकती है।
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इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयंत अहूजा ने कहा कि फिलहाल खुले स्थान पर जांच की व्यवस्था की गई है, ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके। अस्पताल में निर्माण कार्य चल रहा है। जल्द ही पर्याप्त प्रबंध किए जाएंगे।
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