{"_id":"6065b0798ebc3ee64917db9d","slug":"tb-patients-do-not-come-to-the-hospital-medicine-will-be-given-at-home-faridabad-news-noi5745810193","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्पताल न आएं टीबी मरीज, घर पर ही दी जाएगी दवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्पताल न आएं टीबी मरीज, घर पर ही दी जाएगी दवा
विज्ञापन
TB patients do not come to the hospital, medicine will be given at home
फरीदाबाद। टीबी नियंत्रण कार्यक्रम एक बार फिर घर-घर जाकर चलाया जाएगा। इसके लिए टीबी के उपचाराधीन मरीजों को घर पर ही दवा दी जाएगी। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह रणनीति तैयार की गई है।
जिले में कोरोना संक्रमण के मामले बीते एक सप्ताह में तीन गुना हुए हैं। ऐसे में टीबी नियंत्रक नोडल डॉ. शीला भगत ने एक बार फिर से पुरानी व्यवस्था लागू की है। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में जिले में चार हजार उपचाराधीन मरीज हैं। योजना अनुसार संबंधित टीबी मरीज अपने क्षेत्र के स्वास्थ्य अधिकारी से फोन पर संपर्क कर दवा खत्म होने की जानकारी दे सकता है। फिर आशा और एएनएम घर पर ही लोगों को दवा पहुंचाएंगे। इससे पहले बीते वर्ष भी जिला टीबी नियंत्रण कार्यक्रम विभाग ने लॉकडाउन के दौरान भी मरीजों को घर पर दवा पहुंचाने का कार्य किया था। इस दौरान टीबी मरीजों के सिविल अस्पताल या अन्य मेडिकल संस्थान पर जाकर दवा लेने पर रोक थी।
जांच के लिए पहुंच सकते हैं अस्पताल
डॉ. शीला भगत ने कहा कि अस्पताल में केवल मरीज जांच के लिए पहुंच सकते हैं। ऐसा बीमारी का संदेह होने पर ही करें। जिन्हें दो सप्ताह से अधिक खांसी एवं बुखार और टीबी के अन्य लक्षण है। यदि उनमें टीबी के संक्रमण की पुष्टि होती है, तो केवल एक बार कागजी कार्रवाई के लिए आना होगा। उसके बाद घर दवाएं पहुंचेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में कोरोना संक्रमण के मामले बीते एक सप्ताह में तीन गुना हुए हैं। ऐसे में टीबी नियंत्रक नोडल डॉ. शीला भगत ने एक बार फिर से पुरानी व्यवस्था लागू की है। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में जिले में चार हजार उपचाराधीन मरीज हैं। योजना अनुसार संबंधित टीबी मरीज अपने क्षेत्र के स्वास्थ्य अधिकारी से फोन पर संपर्क कर दवा खत्म होने की जानकारी दे सकता है। फिर आशा और एएनएम घर पर ही लोगों को दवा पहुंचाएंगे। इससे पहले बीते वर्ष भी जिला टीबी नियंत्रण कार्यक्रम विभाग ने लॉकडाउन के दौरान भी मरीजों को घर पर दवा पहुंचाने का कार्य किया था। इस दौरान टीबी मरीजों के सिविल अस्पताल या अन्य मेडिकल संस्थान पर जाकर दवा लेने पर रोक थी।
विज्ञापन
जांच के लिए पहुंच सकते हैं अस्पताल
डॉ. शीला भगत ने कहा कि अस्पताल में केवल मरीज जांच के लिए पहुंच सकते हैं। ऐसा बीमारी का संदेह होने पर ही करें। जिन्हें दो सप्ताह से अधिक खांसी एवं बुखार और टीबी के अन्य लक्षण है। यदि उनमें टीबी के संक्रमण की पुष्टि होती है, तो केवल एक बार कागजी कार्रवाई के लिए आना होगा। उसके बाद घर दवाएं पहुंचेंगी।
विज्ञापन