{"_id":"606755bd8ebc3e59021170de","slug":"tax-evasion-of-crores-of-rupees-by-opening-fake-firm-faridabad-news-noi57491106","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी फर्म खोलकर करोड़ों रुपये टैक्स चोरी, जीएसटी अधिकारियों की शिकायत पर चार मामले दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी फर्म खोलकर करोड़ों रुपये टैक्स चोरी, जीएसटी अधिकारियों की शिकायत पर चार मामले दर्ज
विज्ञापन
फरीदाबाद। फर्जी फर्म बनाकर टैक्स चोरी करने के आरोप में कराधान अधिकारियों ने अलग अलग थानों में चार मामले दर्ज कराए हैं। इनमें अधिकारियों ने करोड़ों रुपये के घोटाले की आशंका जाहिर की है। आरोपियों ने कई करोड़ रुपये का टैक्स भी भरा है, लेकिन इस पूरे खेल में उन्होंने कई करोड़ रुपये का टैक्स बचाया भी है। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ है।
जीएसटी उपायुक्त राजेंद्र बूरा ने बताया कि जीएसटी नंबर लेने के लिए शहर के कई लोगों ने जो दस्तावेज उपलब्ध कराए उनके आधार पर कराधान अधिकारियों ने पते पर जाकर निरीक्षण करना शुरू किया। मौके पर जाकर पता लगा कि वहां पर कोई फर्म चल ही नहीं रही। इस पर अधिकारियों ने थाना सेंट्रल, एसजीएम नगर, कोतवाली व सेक्टर-7 में मामला दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि कराधान अधिकारियों के मुताबिक शहर में बड़ी संख्या में ऐसे दुकानदार हैं जो बिल के बिना खरीद-फरोख्त करते हैं। ऐसे दुकानदार इन फर्जी फर्म से खरीद और बिक्री के बिल ले लेते हैं। इन बिलों में दुकानदार की कमाई का मार्जन कम दिखाकर टैक्स बचा लिया जाता है।
विभाग अब लगातार ऐसे मामलों की जांच में जुट गया है। यह मामले पांच माह पुराने हैं। तब विभाग ने पुलिस को शिकायत दी थी। जिन अधिकारियों ने शिकायत दी उनमें से एक सेवानिवृत्त हो चुके हैं, एक का तबादला हो चुका है। इसमें से कुछ मामलों का निपटारा हो गया है कुछ लंबित हैं।
विज्ञापन
केस-1: सेक्टर-12 स्थित कराधान विभाग की तरफ से सेंट्रल थाने में दी शिकायत में बताया गया कि दलीप इंटरनेशनल होल्डिंग नाम की फर्म ने साल 2017 में जीएसटी नंबर लिया था। फर्म के पंजीकरण के दौरान एसजीएम नगर पटेल चौक पता दिया था। तीन साल के अंदर फर्म ने 116 करोड़ रुपये का लेन-देन दिखाते हुए 18 करोड़ रुपये की जीएसटी रिटर्न भी फाइल की। इतने बड़े लेनदेन पर अधिकारियों को कुछ शक हुआ। इसके बाद जीएसटी अधिकारियों ने फर्म द्वारा दिये पते पर निरीक्षण किया, लेकिन किसी अन्य व्यक्ति की दुकान मिली। अधिकारियों का मानना है कि फर्म को टैक्स की चोरी के लिए केवल कागजों में ही चलाया जा रहा है।
केस-2: एसजीएम नगर थाने में जोजो इंटरप्राइजेज नाम की फर्म के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। इस फर्म ने भी पटेल चौक एसजीएम नगर का पता दिया था, लेकिन मौके पर कोई अन्य दुकान चलती पाई गई। जोजो नाम की फर्म ने 42 करोड़ 83 लाख रुपये का लेनदेन दिखाया है और 6 करोड़ 78 लाख की जीएसटी रिटर्न फाइल की है। वहीं, थाना कोतवाली में कराधान विभाग से अधिकारी कुलदीप ग्रोवर की शिकायत पर आरोपी डालचंद, मंजीत सिंह, लालचंद, मोगली व गणेश लाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों ने जीएसटी नंबर के लिए जो पता बताया था वह फर्जी निकला। थाना सेक्टर सात में कराधान अधिकारी विक्रम सिंह ने केजी ट्रेडर्स के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। इस फर्म के लिए सेक्टर-3 का पता दिया गया था।
विज्ञापन
जीएसटी उपायुक्त राजेंद्र बूरा ने बताया कि जीएसटी नंबर लेने के लिए शहर के कई लोगों ने जो दस्तावेज उपलब्ध कराए उनके आधार पर कराधान अधिकारियों ने पते पर जाकर निरीक्षण करना शुरू किया। मौके पर जाकर पता लगा कि वहां पर कोई फर्म चल ही नहीं रही। इस पर अधिकारियों ने थाना सेंट्रल, एसजीएम नगर, कोतवाली व सेक्टर-7 में मामला दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि कराधान अधिकारियों के मुताबिक शहर में बड़ी संख्या में ऐसे दुकानदार हैं जो बिल के बिना खरीद-फरोख्त करते हैं। ऐसे दुकानदार इन फर्जी फर्म से खरीद और बिक्री के बिल ले लेते हैं। इन बिलों में दुकानदार की कमाई का मार्जन कम दिखाकर टैक्स बचा लिया जाता है।
विज्ञापन
विभाग अब लगातार ऐसे मामलों की जांच में जुट गया है। यह मामले पांच माह पुराने हैं। तब विभाग ने पुलिस को शिकायत दी थी। जिन अधिकारियों ने शिकायत दी उनमें से एक सेवानिवृत्त हो चुके हैं, एक का तबादला हो चुका है। इसमें से कुछ मामलों का निपटारा हो गया है कुछ लंबित हैं।
विज्ञापन
केस-1: सेक्टर-12 स्थित कराधान विभाग की तरफ से सेंट्रल थाने में दी शिकायत में बताया गया कि दलीप इंटरनेशनल होल्डिंग नाम की फर्म ने साल 2017 में जीएसटी नंबर लिया था। फर्म के पंजीकरण के दौरान एसजीएम नगर पटेल चौक पता दिया था। तीन साल के अंदर फर्म ने 116 करोड़ रुपये का लेन-देन दिखाते हुए 18 करोड़ रुपये की जीएसटी रिटर्न भी फाइल की। इतने बड़े लेनदेन पर अधिकारियों को कुछ शक हुआ। इसके बाद जीएसटी अधिकारियों ने फर्म द्वारा दिये पते पर निरीक्षण किया, लेकिन किसी अन्य व्यक्ति की दुकान मिली। अधिकारियों का मानना है कि फर्म को टैक्स की चोरी के लिए केवल कागजों में ही चलाया जा रहा है।
केस-2: एसजीएम नगर थाने में जोजो इंटरप्राइजेज नाम की फर्म के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। इस फर्म ने भी पटेल चौक एसजीएम नगर का पता दिया था, लेकिन मौके पर कोई अन्य दुकान चलती पाई गई। जोजो नाम की फर्म ने 42 करोड़ 83 लाख रुपये का लेनदेन दिखाया है और 6 करोड़ 78 लाख की जीएसटी रिटर्न फाइल की है। वहीं, थाना कोतवाली में कराधान विभाग से अधिकारी कुलदीप ग्रोवर की शिकायत पर आरोपी डालचंद, मंजीत सिंह, लालचंद, मोगली व गणेश लाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों ने जीएसटी नंबर के लिए जो पता बताया था वह फर्जी निकला। थाना सेक्टर सात में कराधान अधिकारी विक्रम सिंह ने केजी ट्रेडर्स के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। इस फर्म के लिए सेक्टर-3 का पता दिया गया था।