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Faridabad News: शीत लहर में पशुओं का रखें ध्यान, रात का रुका हुआ पानी न पिलाएं
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में शीतलहर का प्रकोप जारी है। ऐसा मौसम न केवल इंसान बल्कि पशुओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इस समय पशुओं को विशेष देखभाल की आवश्यकता है।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उपनिदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह राठी ने बताया कि ठंड के मौसम में पशुओं की ऊर्जा आवश्यकता बढ़ जाती है, जिसके कारण उन्हें अधिक आहार की आवश्यकता होती है। तापमान में अत्यधिक उतार-चढ़ाव का प्रभाव पशुओं की प्रजनन क्षमता पर भी पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि इसका असर गाय और भैंस पर अधिक देखने को मिलता है।
डॉ. वीरेंद्र सिंह ने पशुपालकों को सलाह दी है कि वे पशुओं के संतुलित आहार की मात्रा बढ़ाएं तथा गुड़ एवं खनिज मिश्रण अवश्य दें। पशुओं को रात का रुका हुआ पानी न पिलाएं, बल्कि ताजा या गुनगुना पानी ही उपलब्ध कराएं। उन्होंने बताया कि ठंड के प्रभाव से पशुओं की नाक से पानी गिरना, शरीर का तापमान कम होना, चारा छोड़ देना, सांस लेने में कठिनाई तथा उत्पादन में कमी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे किसी भी लक्षण के दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सालय से संपर्क करें।
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फरीदाबाद। जिले में शीतलहर का प्रकोप जारी है। ऐसा मौसम न केवल इंसान बल्कि पशुओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इस समय पशुओं को विशेष देखभाल की आवश्यकता है।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उपनिदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह राठी ने बताया कि ठंड के मौसम में पशुओं की ऊर्जा आवश्यकता बढ़ जाती है, जिसके कारण उन्हें अधिक आहार की आवश्यकता होती है। तापमान में अत्यधिक उतार-चढ़ाव का प्रभाव पशुओं की प्रजनन क्षमता पर भी पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि इसका असर गाय और भैंस पर अधिक देखने को मिलता है।
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डॉ. वीरेंद्र सिंह ने पशुपालकों को सलाह दी है कि वे पशुओं के संतुलित आहार की मात्रा बढ़ाएं तथा गुड़ एवं खनिज मिश्रण अवश्य दें। पशुओं को रात का रुका हुआ पानी न पिलाएं, बल्कि ताजा या गुनगुना पानी ही उपलब्ध कराएं। उन्होंने बताया कि ठंड के प्रभाव से पशुओं की नाक से पानी गिरना, शरीर का तापमान कम होना, चारा छोड़ देना, सांस लेने में कठिनाई तथा उत्पादन में कमी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे किसी भी लक्षण के दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सालय से संपर्क करें।
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