जेल में संदिग्ध आतंकी की हत्या: अरुण ने दबदबा बनाए रखने के लिए सोते समय किया कत्ल; पहले हुई थी कहासुनी
फरीदाबाद में राम मंदिर को बम से उड़ाने की साजिश में शामिल होने के आरोप में पकड़े गए 20 साल के संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान की नीमका जेल में हत्या कर दी गई है। हत्या का आरोप उसी सेल में बंद अरुण चौधरी पर लगा है।
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आतंकी संगठन एक्यूआईएस से संपर्क और हैंड ग्रेनेड व डेटोनेटर के साथ पकड़े गए संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान को लगता था कि वो बड़ा बदमाश है। हत्या, हत्या के प्रयास व रंगदारी की वारदात करने वाले, आठ एफआईआर में नामजद, पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार हुए गैंगस्टर अरुण चौधरी को लगता था कि वो बड़ा बदमाश है।
इसी को लेकर बीते सप्ताह दोनों में कहासुनी व गाली-गलौच हो गई। इसी कहासुनी व गाली-गलौच की रंजिश में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए अरुण चौधरी ने रविवार रात सो रहे अब्दुल रहमान की हत्या कर दी।
एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि 3-4 दिन पहले ही दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। जेल प्रबंधन के एक अधिकारी ने बताया कि कुख्यात आरोपियों, संदिग्ध आतंकी को चक्की में रखा जाता है। ये सामान्य बैरक की तुलना में अलग होती है और बंदी को सजा के तौर पर इनमें रखा जाता है।
जो देश के खिलाफ जाएगा उसका यही अंजाम होगा
वहीं, अब्दुल रहमान की हत्या मामले में रोहित गोदारा गैंग की एंट्री भी सोमवार दोपहर बाद हुई। गैंग के मेंबर महेंद्र डेलाना ने हत्या करने वाले अरुण चौधरी का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट की है। पोस्ट में लिखा गया कि जो देश के खिलाफ जाएगा उसका यही अंजाम होगा।
पोस्ट में लिखा कि फरीदाबाद जेल में अब्दुल रहमान को मारा है। वो एक आतंकवादी था और राम मंदिर पर हमला करने की प्लानिंग में शामिल था। जब ये फरीदाबाद में पकड़ा गया था तब इसके पास से ग्रेनेड मिले थे। अरुण चौधरी ने इसको इसके अंजाम तक पहुंचाया है।
2 मार्च 2025 को गिरफ्तार हुआ था संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान
संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान को 2 मार्च 2025 को पाली इलाके से दो हैंड ग्रेनेड व डेटोनेटर के साथ गुजरात एटीएस व पलवल एसटीएफ की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ डबुआ थाना में आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई थी।
आरोपी अरुण चौधरी जम्मू जिले के आरएस पुरा सेक्टर के गांव खौर देओनियन का रहने वाला है। इसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास जैसे संगीन अपराधों के चलते 8 एफआईआर दर्ज है। इनमें 7 एफआईआर जम्मू कश्मीर व एक एफआईआर पंजाब के अमृतसर में दर्ज है। एक ठगी का मामला भी इनमें शामिल है। अरुण चौधरी का नाम दिसंबर 2023 में हुए सांबा निवासी अक्षय शर्मा हत्याकांड के बाद चर्चा में आया था।
वर्ष 2023 में पंजाब में हुई मुठभेड़ के बाद अरुण चौधरी को गिरफ्तार किया गया था। उसे जम्मू-कमशीर के कठुआ जेल में रखा गया था। सूत्रों की मानें तो वर्ष 2024 में ही इंस्टाग्राम पर लाइव आकर अरुण ने कठुआ जेल प्रशासन पर मोबाइल फोन और सुविधा प्रदान करने के एवज में दो लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप लगाए गए थे।
फरीदाबाद में राम मंदिर को बम से उड़ाने की साजिश में शामिल होने के आरोप में पकड़े गए 20 साल के संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान की नीमका जेल में हत्या कर दी गई है। हत्या का आरोप उसी सेल में बंद अरुण चौधरी पर लगा है।
संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान को 2 मार्च 2025 को पाली इलाके से दो हैंड ग्रेनेड व डेटोनेटर के साथ गुजरात एटीएस व पलवल एसटीएफ की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ डबुआ थाना में आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई थी। जांच में पता चला कि अब्दुल रहमान अलकायदा इन इंडियन सब-कांटिनेंट (एक्यूआईएस) के कुख्यात आतंकी अबू सूफियां के संपर्क में था।
रविवार रात को तीनों बंदी सो गए थे। देर रात 2 बजे अरुण चौधरी ने अब्दुल रहमान के सिर व अन्य हिस्सों पर पत्थर से कई वार किए। इससे वो गंभीर रूप से घायल हो गया। सो रहा सोएब रियाज नींद से जागा तो अरुण ने उसे भी डराया धमकाया। जेल वॉर्डन ने ये देखकर तुरंत अन्य सहकर्मियों को सूचना दी। जेल के ही अस्पताल में अब्दुल रहमान को ले जाया गया तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को बीके अस्पताल की मोर्चरी पहुंचाया गया।