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Faridabad News: सूरजकुंड मेले में देशभर के परिधान बनेंगे आकर्षण का केंद्र
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31 जनवरी से शुरू होगा मेला, तैयारियों अंतिम चरण में
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं। मेले को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस बार सूरजकुंड मेले में देश के विभिन्न राज्यों के पारंपरिक परिधान खास आकर्षण का केंद्र रहेंगे। मेले में बनारसी साड़ी, राजस्थान का पारंपरिक घाघरा, धोती और अंगरखा और गुजरात की चनिया चोली पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करेंगी।
इसके अलावा अन्य राज्यों की हस्तशिल्प और लोक संस्कृति से जुड़े परिधान भी देखने को मिलेंगे, जो भारतीय विविधता की झलक पेश करेंगे। मेले में करीब 1300 स्टॉल्स लगाए जा रहे हैं, जहां पर्यटक जमकर खरीदारी कर सकेंगे। हस्तनिर्मित कपड़े, आभूषण, सजावटी सामान और स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों की भरमार रहेगी। इस बार मेला रंग-बिरंगे और सजे-धजे स्वरूप में नजर आएगा। आयोजन स्थल को इस तरह सजाया जा रहा है कि यहां आने वाले पर्यटकों को देश-विदेश की सांस्कृतिक विरासत की झलक एक ही स्थान पर देखने को मिले।
सूरजकुंड मेला 31 जनवरी से शुरू हो रहा है, ऐसे में वीकेंड होने के चलते पहले ही दिन भीड़ आने की संभावना है। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुख्ता इंतजाम किए हैं। हर साल की तरह इस बार भी सूरजकुंड मेला कला, संस्कृति और परंपरा का संगम बनकर देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करेगा। इसे लेकर व्यापारियों और आम लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं। मेले को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस बार सूरजकुंड मेले में देश के विभिन्न राज्यों के पारंपरिक परिधान खास आकर्षण का केंद्र रहेंगे। मेले में बनारसी साड़ी, राजस्थान का पारंपरिक घाघरा, धोती और अंगरखा और गुजरात की चनिया चोली पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करेंगी।
इसके अलावा अन्य राज्यों की हस्तशिल्प और लोक संस्कृति से जुड़े परिधान भी देखने को मिलेंगे, जो भारतीय विविधता की झलक पेश करेंगे। मेले में करीब 1300 स्टॉल्स लगाए जा रहे हैं, जहां पर्यटक जमकर खरीदारी कर सकेंगे। हस्तनिर्मित कपड़े, आभूषण, सजावटी सामान और स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों की भरमार रहेगी। इस बार मेला रंग-बिरंगे और सजे-धजे स्वरूप में नजर आएगा। आयोजन स्थल को इस तरह सजाया जा रहा है कि यहां आने वाले पर्यटकों को देश-विदेश की सांस्कृतिक विरासत की झलक एक ही स्थान पर देखने को मिले।
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सूरजकुंड मेला 31 जनवरी से शुरू हो रहा है, ऐसे में वीकेंड होने के चलते पहले ही दिन भीड़ आने की संभावना है। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुख्ता इंतजाम किए हैं। हर साल की तरह इस बार भी सूरजकुंड मेला कला, संस्कृति और परंपरा का संगम बनकर देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करेगा। इसे लेकर व्यापारियों और आम लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
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