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Faridabad News: चार दिन के नवजात की सफल सर्जरी
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-88 स्थित एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए जन्म के मात्र चार दिन बाद एक समयपूर्व नवजात की जटिल ट्रेकियो-इसोफेजियल फिस्टुला (टीईएफ) सर्जरी सफलतापूर्वक कर उसकी जान बचाई। 33 सप्ताह में जन्मे और केवल 1.7 किलोग्राम वजन वाले शिशु को गंभीर श्वसन संकट के चलते अस्पताल रेफर किया गया था।
जांच में शिशु को टीईएफ नामक दुर्लभ जन्मजात विकार से पीड़ित पाया गया, जिसमें भोजन नली और सांस नली के बीच असामान्य जुड़ाव बन जाता है। नवजात गहन चिकित्सा इकाई में स्थिर करने के बाद डॉक्टरों की टीम ने जन्म के चौथे दिन सफल सर्जरी की। सर्जरी के बाद शिशु को कुछ दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया।
करीब दो सप्ताह तक उपचार और निगरानी के बाद शिशु की स्थिति में लगातार सुधार हुआ। वह सामान्य रूप से दूध पीने लगा और स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल प्रबंधन ने इसे क्षेत्र में अपनी तरह की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
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फरीदाबाद। सेक्टर-88 स्थित एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए जन्म के मात्र चार दिन बाद एक समयपूर्व नवजात की जटिल ट्रेकियो-इसोफेजियल फिस्टुला (टीईएफ) सर्जरी सफलतापूर्वक कर उसकी जान बचाई। 33 सप्ताह में जन्मे और केवल 1.7 किलोग्राम वजन वाले शिशु को गंभीर श्वसन संकट के चलते अस्पताल रेफर किया गया था।
जांच में शिशु को टीईएफ नामक दुर्लभ जन्मजात विकार से पीड़ित पाया गया, जिसमें भोजन नली और सांस नली के बीच असामान्य जुड़ाव बन जाता है। नवजात गहन चिकित्सा इकाई में स्थिर करने के बाद डॉक्टरों की टीम ने जन्म के चौथे दिन सफल सर्जरी की। सर्जरी के बाद शिशु को कुछ दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया।
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करीब दो सप्ताह तक उपचार और निगरानी के बाद शिशु की स्थिति में लगातार सुधार हुआ। वह सामान्य रूप से दूध पीने लगा और स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल प्रबंधन ने इसे क्षेत्र में अपनी तरह की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
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