{"_id":"690cf7e299002f91db002d78","slug":"students-of-dav-centenary-college-went-on-an-educational-tour-to-himachal-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-55149-2025-11-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: डीएवी सेंटेनरी कॉलेज के छात्रों ने किया हिमाचल का शैक्षणिक भ्रमण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: डीएवी सेंटेनरी कॉलेज के छात्रों ने किया हिमाचल का शैक्षणिक भ्रमण
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। डीएवी सेंटेनरी कॉलेज के पर्यटन विभाग ने छात्रों और अध्यापकों को हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले का शैक्षणिक भ्रमण कराया। इस यात्रा के दौरान छात्रों को जिले के इको-टूरिज्म स्थलों को देखने का भी अवसर मिला। इस यात्रा में 30 छात्र और 2 शिक्षक शामिल हुए। यात्रा का उद्देश्य छात्रों को प्रकृति, पर्यटन और पारिस्थितिक पर्यटन के व्यावहारिक अनुभव से अवगत कराना रहा।
छात्रों ने 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित युल्ला कांडा ट्रैक की चढ़ाई की। यात्रा के दौरान छात्रों ने सराहन गांव स्थित प्रसिद्ध भीमाकाली देवी मंदिर का भी भ्रमण किया, जो अपनी अनूठी काष्ठकला और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। छात्रों ने भ्रमण स्थल पर स्वच्छता अभियान भी चलाया। उन्होंने मंदिर परिसर से प्लास्टिक कचरा एकत्रित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके अलावा स्थानीय लोगों और पर्यटकों से हिमालय को स्वच्छ रखने की अपील की। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र कुमार ने कहा कि ऐसे भ्रमण से नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क और पर्यावरणीय जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।
विज्ञापन
फरीदाबाद। डीएवी सेंटेनरी कॉलेज के पर्यटन विभाग ने छात्रों और अध्यापकों को हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले का शैक्षणिक भ्रमण कराया। इस यात्रा के दौरान छात्रों को जिले के इको-टूरिज्म स्थलों को देखने का भी अवसर मिला। इस यात्रा में 30 छात्र और 2 शिक्षक शामिल हुए। यात्रा का उद्देश्य छात्रों को प्रकृति, पर्यटन और पारिस्थितिक पर्यटन के व्यावहारिक अनुभव से अवगत कराना रहा।
छात्रों ने 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित युल्ला कांडा ट्रैक की चढ़ाई की। यात्रा के दौरान छात्रों ने सराहन गांव स्थित प्रसिद्ध भीमाकाली देवी मंदिर का भी भ्रमण किया, जो अपनी अनूठी काष्ठकला और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। छात्रों ने भ्रमण स्थल पर स्वच्छता अभियान भी चलाया। उन्होंने मंदिर परिसर से प्लास्टिक कचरा एकत्रित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके अलावा स्थानीय लोगों और पर्यटकों से हिमालय को स्वच्छ रखने की अपील की। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र कुमार ने कहा कि ऐसे भ्रमण से नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क और पर्यावरणीय जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।
विज्ञापन