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Faridabad News: शिक्षकों के सामने पढ़ाई और प्रशासनिक काम के बीच संतुलन बनाना बना चुनौती

Tue, 27 Oct 2026 01:28 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 27 Oct 2026 01:28 AM IST
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Striking a balance between teaching and administrative tasks has become a challenge for teachers.
30 से अधिक एप और पोर्टल पर जानकारी अपडेट करने में बीत रहा शिक्षकों का समय
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प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों पर व्यक्तिगत ध्यान देना मुश्किल
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की बुनियादी शिक्षा मजबूत करने की जिम्मेदारी शिक्षकों पर है। इस उम्र में बच्चों को पढ़ना, लिखना और गणित की शुरुआती समझ देना सबसे जरूरी होता है लेकिन सरकारी स्कूलों में शिक्षकों का काफी समय ऑनलाइन रिकॉर्ड भरने और विभागीय जानकारी अपडेट करने में लग रहा है। शिक्षा विभाग से जुड़े 30 से अधिक एप और पोर्टल के इस्तेमाल से शिक्षकों के सामने पढ़ाई और प्रशासनिक काम के बीच संतुलन बनाना चुनौती बन गया है।

शिक्षकों को ऑनलाइन हाजिरी लगाने के साथ विद्यार्थियों का रिकॉर्ड, शैक्षणिक गतिविधियों और स्कूल से जुड़ी जानकारी भी अपडेट करनी पड़ती है। इसके अलावा विभागीय रिपोर्ट भेजने, बैठकों में शामिल होने और प्रशिक्षण लेने जैसे काम भी हैं। इन जिम्मेदारियों के बीच कक्षा में बच्चों को पढ़ाने, उनकी गलतियां सुधारने और कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने के लिए समय निकालना मुश्किल हो रहा है। प्राथमिक कक्षाओं में हर बच्चे की सीखने की गति अलग होती है। किसी बच्चे को पढ़ने में अधिक मदद चाहिए तो किसी को गणित समझने में समय लगता है। ऐसे में शिक्षक का बच्चों के साथ अधिक समय बिताना जरूरी है। शिक्षकों का कहना है कि ऑनलाइन काम समय पर पूरा करने की जिम्मेदारी के कारण कई बार उनका ध्यान पढ़ाई के साथ दूसरे कामों में भी बंट जाता है।
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प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष और मच्छगर स्कूल के शिक्षक विजय मुदगल ने बताया कि शिक्षकों को डिजिटल व्यवस्था से परेशानी नहीं है, बल्कि एक जैसी जानकारी अलग-अलग एप और पोर्टल पर बार-बार भरने से काम बढ़ रहा है। तकनीकी समस्या आने या रिकॉर्ड में सुधार करने की जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त समय लगता है। इससे शिक्षकों की दिनचर्या प्रभावित होती है। शिक्षकों को शिक्षा मित्र, सक्षम शिक्षा पोर्टल, दीक्षा एप, एजुकेशन पोर्टल 2.0 और 3.0, हमारे शिक्षक और सारांश एप समेत कई डिजिटल मंचों पर काम करना पड़ता है। इन पर विद्यार्थियों के रिकॉर्ड से लेकर शैक्षणिक और प्रशासनिक जानकारी तक अपडेट की जाती है।
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