फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Stress, heat and changing routines are disrupting the menstrual cycle of young women.

Faridabad News: तनाव, गर्मी और बदलती दिनचर्या से बिगड़ रहा युवतियों का मासिक चक्र

Wed, 25 Feb 2026 11:34 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 25 Feb 2026 11:34 PM IST
विज्ञापन
Stress, heat and changing routines are disrupting the menstrual cycle of young women.
बीके अस्पताल में 20 से 27 वर्ष की युवतियों की बढ़ी संख्या
विज्ञापन



नीरज धर पाण्डेय


फरीदाबाद। बदलती जीवनशैली, बढ़ते मानसिक तनाव और मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव का असर अब युवतियों के मासिक धर्म पर भी दिखने लगा है। शहर के बीके अस्पताल में इन दिनों 20 से 27 वर्ष आयु वर्ग की युवतियां अनियमित मासिक धर्म की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में पहुंच रही हैं।



स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अपर्णा गुप्ता के अनुसार, अत्यधिक तनाव, नींद की कमी और शरीर में हार्मोनल असंतुलन मासिक चक्र को प्रभावित करते हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन और थकान भी हार्मोन पर असर डालते हैं, जिससे पीरियड समय पर नहीं आते या समय से पहले आ जाते हैं। कई मामलों में अत्यधिक या बहुत कम रक्तस्राव की समस्या भी देखने को मिलती है।
विज्ञापन




बदलती आहार शैली और दिनचर्या भी वजहः


विशेषज्ञों के अनुसार फास्ट फूड, अधिक जंक फूड, पैकेट बंद खाद्य पदार्थों का सेवन और पोषक तत्वों की कमी भी मासिक धर्म को प्रभावित करती है। आयरन और विटामिन-डी की कमी, अत्यधिक कैफीन का सेवन तथा अनियमित खानपान हार्मोनल संतुलन बिगाड़ सकते हैं। देर रात तक जागना, स्क्रीन टाइम बढ़ना और शारीरिक गतिविधि में कमी भी प्रमुख कारण हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन




कम उम्र में शुरू हो रहा मासिक धर्म


डॉ. गुप्ता ने बताया कि अब 9 से 11 वर्ष की आयु में ही मासिक धर्म शुरू होने के मामले बढ़ रहे हैं। इसका कारण मोटापा, हार्मोनल बदलाव, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का सेवन और पर्यावरणीय कारक माने जा रहे हैं। कम उम्र में पीरियड शुरू होने से आगे चलकर पीसीओएस (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) जैसी समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है।



अन्य चिकित्सीय कारण


थायरॉयड विकार, पीसीओएस, अत्यधिक वजन बढ़ना या घटना, एनीमिया और अत्यधिक व्यायाम भी मासिक चक्र को प्रभावित कर सकते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि तीन माह से अधिक समय तक अनियमितता बनी रहे तो चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।


सेक्टर-21 निवासी नेहा (27) ने बताया कि पिछले छह महीनों से उनके पीरियड कभी 20 दिन में तो कभी 40 दिन बाद आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऑफिस का तनाव और अनियमित दिनचर्या के कारण समस्या बढ़ी।



वहीं अस्पताल में समयपूर्व मासिक चक्र के चलते डॉक्टर को दिखाने आई अनीता देवी ने बताया कि उनकी बेटी को समय से पहले मासिक धर्म आने और अत्यधिक दर्द की शिकायत है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर ने जांच के बाद बताया कि परीक्षा के दौरान तनाव की वजह से हार्मोनल असंतुलन और नींद की कमी इसका कारण है।




डॉ. अपर्णा गुप्ता ने सलाह दी कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव कम करने से मासिक चक्र को काफी हद तक नियंत्रित रखा जा सकता है। समय पर जांच और उपचार से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed