{"_id":"6acbe6491548cae9910b3300","slug":"streetlights-are-out-of-order-at-several-places-on-the-national-highway-faridabad-news-c-26-1-fbd1023-82418-2026-10-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई जगह स्ट्रीट लाइटें खराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई जगह स्ट्रीट लाइटें खराब
विज्ञापन
हर साल लाखों रुपये टोल टैक्स वसूलने के बावजूद नहीं मिल रहीं सुविधाएं
वाहन चालकों को करना पड़ता है परेशानी का सामना
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद।
राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर वाहन चालकों से हर साल लाखों रुपये टोल टैक्स वसूलने के बावजूद मूलभूत सुविधाएं बदहाल हैं। एनएचपीसी चौक से बदरपुर टोल प्लाजा तक हाईवे के दोनों ओर कई जगह स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से खराब पड़ी हैं। रात के समय इन स्थानों पर अंधेरा छा जाता है। सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को होती है। मेवला महाराजपुर फ्लाईओवर के पास भी कई लाइटें खराब होने से रात में सड़क का बड़ा हिस्सा अंधेरे में रहता है।
गौरतलब है कि दिल्ली-आगरा हाईवे देश के प्रमुख मार्गों में शामिल है। इस पर रोजाना दो लाख से अधिक वाहन आवागमन करते हैं। देश-विदेश से आने वाले लोग भी इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में हाईवे पर पर्याप्त रोशनी और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होना जरूरी है। इसके बावजूद लाइटें खराब होने के बाद उन्हें ठीक कराने में संबंधित एजेंसी गंभीरता नहीं दिखा रही।
यातायात पुलिस कई बार लिख चुकी पत्र
स्ट्रीट लाइट खराब होने का मुद्दा यातायात पुलिस की ओर से कई बार एनएचएआई के अधिकारियों के सामने उठाया जा चुका है। पत्र लिखकर खराब लाइटों को ठीक कराने की मांग भी की गई है, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। रात में अंधेरे के कारण वाहन चालकों को आगे की सड़क, कट और आसपास खड़े वाहनों को देखने में परेशानी होती है। इससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
विज्ञापन
टोल बढ़ रहा, सुविधाएं जस की तस
बदरपुर बॉर्डर और गदपुरी पर रोजाना 20 लाख रुपये से अधिक टोल टैक्स की वसूली होती है। यहां से गुजरने वाले वजीरपुर गांव निवासी लक्की ने बताया कि टोल दरें हर साल बढ़ती हैं, लेकिन सुविधाओं में उसी अनुपात में सुधार नहीं होता। हादसे के बाद दुर्घटनाग्रस्त वाहन या सड़क पर आए पशु को हटाने में भी कई बार घंटों लग जाते हैं, जिससे हाईवे पर यातायात रेंगने लगता है।
बैठकों में मुद्दे उठते हैं, समाधान नहीं
जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में हर महीने होने वाली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में एनएचएआई, नगर निगम, एचएसवीपी, एफएमडीए और लोक निर्माण विभाग समेत संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होते हैं। हाईवे पर जलभराव, सीवर ओवरफ्लो और अन्य समस्याएं नियमित रूप से उठती हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर और जिला विकास एवं निगरानी समिति की बैठकों में भी एनएचएआई अधिकारियों को इन समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद हाईवे की कई समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
वर्जन-
एनएचएआई को हाईवे पर खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को ठीक कराने के लिए कई बार पत्र लिखकर अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। खराब लाइटों को जल्द ठीक कराने के लिए एनएचएआई को दोबारा पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए कहा जाएगा।- अनोज कुमार, यातायात प्रभारी फरीदाबाद
विज्ञापन
वाहन चालकों को करना पड़ता है परेशानी का सामना
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद।
राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर वाहन चालकों से हर साल लाखों रुपये टोल टैक्स वसूलने के बावजूद मूलभूत सुविधाएं बदहाल हैं। एनएचपीसी चौक से बदरपुर टोल प्लाजा तक हाईवे के दोनों ओर कई जगह स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से खराब पड़ी हैं। रात के समय इन स्थानों पर अंधेरा छा जाता है। सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को होती है। मेवला महाराजपुर फ्लाईओवर के पास भी कई लाइटें खराब होने से रात में सड़क का बड़ा हिस्सा अंधेरे में रहता है।
गौरतलब है कि दिल्ली-आगरा हाईवे देश के प्रमुख मार्गों में शामिल है। इस पर रोजाना दो लाख से अधिक वाहन आवागमन करते हैं। देश-विदेश से आने वाले लोग भी इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में हाईवे पर पर्याप्त रोशनी और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होना जरूरी है। इसके बावजूद लाइटें खराब होने के बाद उन्हें ठीक कराने में संबंधित एजेंसी गंभीरता नहीं दिखा रही।
विज्ञापन
यातायात पुलिस कई बार लिख चुकी पत्र
स्ट्रीट लाइट खराब होने का मुद्दा यातायात पुलिस की ओर से कई बार एनएचएआई के अधिकारियों के सामने उठाया जा चुका है। पत्र लिखकर खराब लाइटों को ठीक कराने की मांग भी की गई है, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। रात में अंधेरे के कारण वाहन चालकों को आगे की सड़क, कट और आसपास खड़े वाहनों को देखने में परेशानी होती है। इससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
विज्ञापन
टोल बढ़ रहा, सुविधाएं जस की तस
बदरपुर बॉर्डर और गदपुरी पर रोजाना 20 लाख रुपये से अधिक टोल टैक्स की वसूली होती है। यहां से गुजरने वाले वजीरपुर गांव निवासी लक्की ने बताया कि टोल दरें हर साल बढ़ती हैं, लेकिन सुविधाओं में उसी अनुपात में सुधार नहीं होता। हादसे के बाद दुर्घटनाग्रस्त वाहन या सड़क पर आए पशु को हटाने में भी कई बार घंटों लग जाते हैं, जिससे हाईवे पर यातायात रेंगने लगता है।
बैठकों में मुद्दे उठते हैं, समाधान नहीं
जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में हर महीने होने वाली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में एनएचएआई, नगर निगम, एचएसवीपी, एफएमडीए और लोक निर्माण विभाग समेत संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होते हैं। हाईवे पर जलभराव, सीवर ओवरफ्लो और अन्य समस्याएं नियमित रूप से उठती हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर और जिला विकास एवं निगरानी समिति की बैठकों में भी एनएचएआई अधिकारियों को इन समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद हाईवे की कई समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
वर्जन-
एनएचएआई को हाईवे पर खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को ठीक कराने के लिए कई बार पत्र लिखकर अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। खराब लाइटों को जल्द ठीक कराने के लिए एनएचएआई को दोबारा पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए कहा जाएगा।- अनोज कुमार, यातायात प्रभारी फरीदाबाद