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Faridabad News: मुख्य मार्गों पर अंधेरा, लाखों खर्च के बाद भी लाइटों की रोशनी गायब
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मुख्य मार्गों पर अंधेरा, लाखों खर्च के बाद भी नहीं चमक रही लाइट
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। शहर के मुख्य मार्गों पर रात में अंधेरा छा जाता है। लाखों रुपये खर्च कर लगाई गई स्ट्रीट लाइटें और तिरंगा लाइटें करीब पंद्रह दिनों से बंद पड़ी हैं। सबसे ज्यादा समस्या पुन्हाना-होडल रोड पर देखने को मिल रही है, जहां रात के समय राहगीरों और दुकानदारों को अंधेरे में आवाजाही करनी पड़ रही है।
लोगों का कहना है कि इन लाइटों को लगाने का उद्देश्य शहर को रोशन करना और रात में सुरक्षा सुनिश्चित करना था, लेकिन रखरखाव में लापरवाही के चलते पूरा सिस्टम ठप हो गया है। अंधेरे के कारण चोरी और लूट जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। दुकानदारों का कहना है कि वे अपने प्रतिष्ठानों के बाहर अतिरिक्त बल्ब और ट्यूबलाइट लगाकर काम चला रहे हैं, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। बाजार में किराना व्यापारी सुनील कुमार ने बताया की रात में पूरा इलाका अंधेरे में डूबा रहता है। ग्राहक भी देर शाम आने से कतराते हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर परिषद को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला, कार्रवाई नहीं की। मुख्य मार्गों पर दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। वहीं इस बारे में नगरपालिका सचिव साहिल धनखड़ से संपर्क करने की कोशिश की तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। शहर के मुख्य मार्गों पर रात में अंधेरा छा जाता है। लाखों रुपये खर्च कर लगाई गई स्ट्रीट लाइटें और तिरंगा लाइटें करीब पंद्रह दिनों से बंद पड़ी हैं। सबसे ज्यादा समस्या पुन्हाना-होडल रोड पर देखने को मिल रही है, जहां रात के समय राहगीरों और दुकानदारों को अंधेरे में आवाजाही करनी पड़ रही है।
लोगों का कहना है कि इन लाइटों को लगाने का उद्देश्य शहर को रोशन करना और रात में सुरक्षा सुनिश्चित करना था, लेकिन रखरखाव में लापरवाही के चलते पूरा सिस्टम ठप हो गया है। अंधेरे के कारण चोरी और लूट जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। दुकानदारों का कहना है कि वे अपने प्रतिष्ठानों के बाहर अतिरिक्त बल्ब और ट्यूबलाइट लगाकर काम चला रहे हैं, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। बाजार में किराना व्यापारी सुनील कुमार ने बताया की रात में पूरा इलाका अंधेरे में डूबा रहता है। ग्राहक भी देर शाम आने से कतराते हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर परिषद को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला, कार्रवाई नहीं की। मुख्य मार्गों पर दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। वहीं इस बारे में नगरपालिका सचिव साहिल धनखड़ से संपर्क करने की कोशिश की तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
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