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एसटीपी के शोधित पानी से कमी होगी दूर
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फरीदाबाद (धनंजय चौहान)। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण ने बादशाहपुर एसटीपी के पानी की गुणवत्ता सुधार के लिए सैंपल भरे हैं। इन्हें जांच के लिए दिल्ली लैब भेजा गया है। रिपोर्ट के आधार पर पानी गुणवत्ता सुधार कर कंपनियों को सप्लाई किया जाएगा। इससे जहां शहरी क्षेत्र को नगर निगम के रैनीवेल से ज्यादा पानी की आपूर्ति हो सकेगी। वहीं, कंपनियों में भी निर्धारित मात्रा में पानी मिल सकेगा।
बादशाहपुर स्थित स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की क्षमता45 एमएलडी है। यहां से ग्रेटर फरीदाबाद की छोटी बड़ी करीब 40 सोसाइटियों के अलावा कई गांवों के सीवर का पानी शोधित कर यमुना में छोड़ा जाता है। लेकिन शोधित होने के बावजूद पानी की गुणवत्ता खराब पाई जाती है। इसे लेकर समय-समय पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एफएमडीए को नोटिस जारी करता है। ऐसे में एफएमडीए ने अपने स्तर पर पानी की गुणवत्ता सुधार की कवायद शुरू की है।
कंपनियों को किया जाएगा सप्लाई
ग्रेटर फरीदाबाद स्थित आईएमटी स्थित कंपनियों को पानी सप्लाई नगर निगम के रेनीवेल से की जाती है। इससे शहरी क्षेत्र को पानी कम मिल पाता है। कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां अभी भी पूर्ण रूप से पानी नहीं पहुंच रहा है। लोग आए दिन पानी की समस्या को लेकर धरना प्रदर्शन करते हैं। बादशाहपुर एसटीपी के पानी में सुधार करके उसे कंपनियों को सप्लाई किया जाएगा और कंपनियों में सप्लाई होने वाले पानी की शहरी क्षेत्र में आपूर्ति की जाएगी।
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तेजी से गिर रहा भूजल स्तर
नगर निगम अधिकारियों की रिपोर्ट के मुताबिक यमुना किनारे बने रेनीवेल का भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है। इससे जलस्तर में भी गिरावट आई है। पिछले करीब 10 साल में रेनीवेल का पानी करीब 50 फीसदी कम हो गया है। पानी कितने दिनों के लिए बचा है और इसमें कैसे बढ़ोतरी होगी। इसके लिए भी जांच करवाई जाएगी। करीब 170 एमएलडी क्षमता वाले रेनीवेल से करीब 90 एमएलडी पानी ही मिल रहा है।
शहर में विभिन्न स्रोतों के माध्यम से करीब 260 एमएलडी पानी उपलब्ध करवाया जाता है, जबकि मांग 360 एमएलडी की है। ऐसे में 100 एमएलडी पानी की प्रतिदिन कमी बनी हुई है। एफएमडीए ने पानी प्रबंधन पर काम शुरू किया है। एसटीपी के पानी की गुणवत्ता में सुधार करके कंपनियों को सप्लाई किया जाएगा। कंपनियों में दिए जाने वाले पानी को लोगों दिया जाएगा।
- डॉ. गरिमा मित्तल, अतिरिक्त सीईओ, एफएमडीए
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बादशाहपुर स्थित स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की क्षमता45 एमएलडी है। यहां से ग्रेटर फरीदाबाद की छोटी बड़ी करीब 40 सोसाइटियों के अलावा कई गांवों के सीवर का पानी शोधित कर यमुना में छोड़ा जाता है। लेकिन शोधित होने के बावजूद पानी की गुणवत्ता खराब पाई जाती है। इसे लेकर समय-समय पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एफएमडीए को नोटिस जारी करता है। ऐसे में एफएमडीए ने अपने स्तर पर पानी की गुणवत्ता सुधार की कवायद शुरू की है।
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कंपनियों को किया जाएगा सप्लाई
ग्रेटर फरीदाबाद स्थित आईएमटी स्थित कंपनियों को पानी सप्लाई नगर निगम के रेनीवेल से की जाती है। इससे शहरी क्षेत्र को पानी कम मिल पाता है। कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां अभी भी पूर्ण रूप से पानी नहीं पहुंच रहा है। लोग आए दिन पानी की समस्या को लेकर धरना प्रदर्शन करते हैं। बादशाहपुर एसटीपी के पानी में सुधार करके उसे कंपनियों को सप्लाई किया जाएगा और कंपनियों में सप्लाई होने वाले पानी की शहरी क्षेत्र में आपूर्ति की जाएगी।
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तेजी से गिर रहा भूजल स्तर
नगर निगम अधिकारियों की रिपोर्ट के मुताबिक यमुना किनारे बने रेनीवेल का भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है। इससे जलस्तर में भी गिरावट आई है। पिछले करीब 10 साल में रेनीवेल का पानी करीब 50 फीसदी कम हो गया है। पानी कितने दिनों के लिए बचा है और इसमें कैसे बढ़ोतरी होगी। इसके लिए भी जांच करवाई जाएगी। करीब 170 एमएलडी क्षमता वाले रेनीवेल से करीब 90 एमएलडी पानी ही मिल रहा है।
शहर में विभिन्न स्रोतों के माध्यम से करीब 260 एमएलडी पानी उपलब्ध करवाया जाता है, जबकि मांग 360 एमएलडी की है। ऐसे में 100 एमएलडी पानी की प्रतिदिन कमी बनी हुई है। एफएमडीए ने पानी प्रबंधन पर काम शुरू किया है। एसटीपी के पानी की गुणवत्ता में सुधार करके कंपनियों को सप्लाई किया जाएगा। कंपनियों में दिए जाने वाले पानी को लोगों दिया जाएगा।
- डॉ. गरिमा मित्तल, अतिरिक्त सीईओ, एफएमडीए