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कंपनी का डाटा चोरी कर खड़ी कर दी खुद की फर्म
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फरीदाबाद। डीएलएफ औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक कंपनी के पूर्व महाप्रबंधक ने ड्यूटी के दौरान कंपनी का महत्वपूर्ण डाटा चोरी किया और उसी तरह की एक फर्म पत्नी के नाम से शुरू कर दी। आरोपी वहां के बड़े ग्राहकों की जानकारी पत्नी की फर्म के लिए इस्तेमाल कर रहा था। करीब चार साल तक ऐसा करने के बाद आरोपी ने इस्तीफा दे दिया। मामले की जानकारी लगते ही कंपनी के निदेशक ने पूर्व महाप्रबंधक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है।
डीएलएफ औद्योगिक क्षेत्र स्थित प्रस्टो स्टेनटेस्ट प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक विशाल मल्होत्रा ने पुलिस को बताया कि उनका कागज पैकेजिंग, प्लेटिंग, कोटिंग व पेंटिंग मशीनों के निर्माता व एक्सपोर्ट का काम है। दिसंबर 2016 में गाजियाबाद के कौशांबी निवासी संजय शर्मा ने उनकी फैक्ट्री में सेल्स महाप्रबंधक के पद के लिए आवेदन किया था। नौकरी देते समय संजय व विशाल के बीच में करार हुआ था कि नौकरी में रहते हुए वे किसी भी दूसरी संस्था के साथ काम नहीं करेंगे। नौकरी छोड़ने के बाद दो साल तक उनकी कंपनी से संबंधित व्यवसाय नहीं करेंगे। आरोप है कि संजय शर्मा ने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया और साजिश के तहत उनकी फैक्ट्री के ग्राहकों को अपना मोबाइल नंबर देना शुरू कर दिया। साल 2020 में संजय ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया। प्रबंधन को कुछ महीनों बाद पता लगा कि संजय शर्मा ने उनकी फैक्ट्री में रहते हुए अपनी पत्नी स्वाति शर्मा के नाम से 22 मई 2019 को उसी व्यवसाय की दूसरी कंपनी तैयार कर ली। इतना ही नही उसने विशाल के ग्राहकों को भी अपनी पत्नी की कंपनी में लाना शुरू कर दिया। इसके अलावा संजय पर लैपटॉप व कंप्यूटर से गोपनीय डाटा चुराने का भी आरोप है।
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डीएलएफ औद्योगिक क्षेत्र स्थित प्रस्टो स्टेनटेस्ट प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक विशाल मल्होत्रा ने पुलिस को बताया कि उनका कागज पैकेजिंग, प्लेटिंग, कोटिंग व पेंटिंग मशीनों के निर्माता व एक्सपोर्ट का काम है। दिसंबर 2016 में गाजियाबाद के कौशांबी निवासी संजय शर्मा ने उनकी फैक्ट्री में सेल्स महाप्रबंधक के पद के लिए आवेदन किया था। नौकरी देते समय संजय व विशाल के बीच में करार हुआ था कि नौकरी में रहते हुए वे किसी भी दूसरी संस्था के साथ काम नहीं करेंगे। नौकरी छोड़ने के बाद दो साल तक उनकी कंपनी से संबंधित व्यवसाय नहीं करेंगे। आरोप है कि संजय शर्मा ने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया और साजिश के तहत उनकी फैक्ट्री के ग्राहकों को अपना मोबाइल नंबर देना शुरू कर दिया। साल 2020 में संजय ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया। प्रबंधन को कुछ महीनों बाद पता लगा कि संजय शर्मा ने उनकी फैक्ट्री में रहते हुए अपनी पत्नी स्वाति शर्मा के नाम से 22 मई 2019 को उसी व्यवसाय की दूसरी कंपनी तैयार कर ली। इतना ही नही उसने विशाल के ग्राहकों को भी अपनी पत्नी की कंपनी में लाना शुरू कर दिया। इसके अलावा संजय पर लैपटॉप व कंप्यूटर से गोपनीय डाटा चुराने का भी आरोप है।
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