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Faridabad News: तेज रफ्तार कार ने डिलिवरी बॉय को 50 मीटर तक घसीटा

Fri, 01 Dec 2023 10:57 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 01 Dec 2023 10:57 PM IST
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Speeding car dragged delivery boy for 50 meters
संवाद न्यूज एजेंसी
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फरीदाबाद। सूरजकुंड रोड पर बाइक से गुरुग्राम जा रहे एक फूड डिलिवरी बाॅय की बाइक में कार ने टक्कर मार दी। हादसे को अंजाम देने के बाद आरोपी वाहन चालक मौके से फरार हो गया। घटना बुधवार देर रात करीब ढाई बजे की है। आरोपी कार चालक हादसे के बाद मदद की बजाय बाइक सवार को करीब 50 मीटर तक घसीटता रहा। सड़क पर रगड़ने से बाइक सवार बुरी तरह घायल हो गया। करीब एक से डेढ़ घंटे तक पीड़ित सड़क पर पड़ा रहा और मदद की गुहार लगाता रहा। एक राहगीर ने ऑटो रुकवाकर उसे बीके अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

मूलरूप से मध्यप्रदेश के दामोह स्थित गांव बिल खिरवा निवासी प्रीतम अहिरवार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह गुरुग्राम स्थित एक रेस्त्रां में डिलीवरी बॉय का काम करता है। बुधवार देर रात वह गांव से बाइक पर सवार होकर गुरुग्राम के लिए जा रहा था। रास्ते की सही जानकारी न होने के कारण वह गूगल मैप द्वारा बताए रास्ते पर सूरजकुंड रोड होते हुए गुरुग्राम जा रहा रहा था। सिद्धदाता आश्रम के पास पीछे से आई एक तेज रफ्तार कार ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। जोरदार झटके के साथ वह उछलकर गिर गया। आरोप है कि कार चालक उसे करीब 50 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया। हादसे में बुरी तरह से घायल प्रीतम बेहोश हो गया। कुछ देर बाद उसे होश आया तो उसने अपने को देर तक सड़क किनारे पाया। घायलावस्था में वह लोगों से मदद की गुहार लगाता रहा। एक राहगीर ने उसे देखा और एक ऑटो चालक को रुकवाकर उसे बीके अस्पताल तक पंहुचाया। राहगीर ने ही पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने बीके अस्पताल में घायल युवक के बयान लिए। सूरजकुंड थाना पुलिस ने आरोपी कार चालक के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस को मौके से बाइक सवार का हेलमेट नहीं मिला।
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समय पर नहीं मिलती मदद तो जा सकती थी जान
घायल की हालत इतनी खराब है कि उसे समय रहते मदद नहीं मिलती तो जान भी जा सकती थी। सड़क पर घसीटे जाने के कारण पैरों का मांस घिस गया। काफी खून भी बह गया था। सर्दी का मौसम होने के कारण धुंध में पीड़ित को दिखाई भी कम दे रहा था। जिस जगह पर दुर्घटना हुई, वहां एक तीव्र मोड़ भी है। ज्यादातर वाहन रात के समय स्पीड से ही निकल रहे थे। किस्मत ने बाइक सवार का साथ दिया और एक राहगीर ने मदद के लिए वाहन रोक दिया और ऑटो रुकवाकर पीड़ित को बीके अस्पताल भिजवाया।
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अस्पताल पहुंचाने वाले को तंग नहीं करेगी पुलिस
पुलिस आयुक्त राकेश आर्य का कहना है कि लोग एक्सीडेंट करने के बाद पीड़ित की मदद करने की बजाय मौके से फरार होने के बारे में सोचते हैं। कई मामलों में लोग केवल वीडियो बनाने में लगे रहते हैं। जबकि सही समय पर इलाज मिलने से पीड़ित की जान बचाई जा सकती है। बाटा फ्लाईओवर के पास दो घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले ऑटो चालक को पुलिस आयुक्त कार्यालय में बुलाकर सम्मानित किया गया था। घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को थाने या अदालत में चक्कर नहीं लगवाए जाते। उसे जांच या पूछताछ के नाम पर परेशान भी नहीं किया जाएगा।
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