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Faridabad News: टाइफाइड से बेटे की मौत, अस्पताल पर लगाया लापरवाही का आरोप

Thu, 30 May 2024 06:17 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 30 May 2024 06:17 PM IST
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Son dies of typhoid, hospital accused of negligence
15 दिनों से निजी अस्पताल में चल रहा था उपचार, बुधवार रात ईएसआई भेजा, वहां डॉक्टरों ने बताया मृत
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। गांव फतेहपुर बिल्लौच के रहने वाले 14 साल के बच्चे को टाइफाइड के चलते निजी अस्पताल में करीब 15 दिन पहले भर्ती करवाया था। बुधवार को निजी अस्पताल वालों ने एनआईटी-3 नंबर स्थित ईएसआई अस्पताल रेफर कर दिया। जहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने उपचार में लापरवाही की है। इसकी वजह से उनके बच्चों की मौत हुई है।

गांव फतेहपुर बिल्लौच निवासी राजाराम ने बताया कि वह निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। उनके एक बेटी व एक बेटा है। उनका 14 साल का बेटा अंश 15 दिनों से सेक्टर-19 स्थित सर्वोदय अस्पताल में टाइफाइड के चलते भर्ती कराया था। भर्ती करने के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उसके फेफड़ों में पानी भर गया है। इसके अलावा बुखार दिमाग में चढ़ गया है। इस कारण उसे दौरे पर पड़ रहे हैं। डॉक्टरों ने उपचार के दौरान परिजनों को बिना बताए वेंटिलेटर पर डाल दिया। इस दौरान परिजनों को मरीज से मिलने भी नहीं दिया। बुधवार को अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे का उपचार लंबा चलेगा इसलिए वह ईएसआई अस्पताल लेकर चले जाएं। वह बच्चे को शाम को ईएसआई अस्पताल लेकर चले गए। जहां डॉक्टरों ने एंबुलेंस में आकर बच्चे को चेक किया। जिस पर डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे की मौत हो चुकी है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया। परिजनों का आरोप है कि निजी अस्पताल की लापरवाही के कारण उनके बच्चे की मौत हुई है।
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बच्चे को उपचार के लिए 15 मई को सेक्टर-19 के अस्पताल में भर्ती करवाया था। उस दौरान बच्चे की हालत काफी गंभीर थी, जिसके चलते उसको आईसीयू में ही भर्ती किया गया। उपचार के दौरान किडनी में परेशानी होने की वजह से दो डायलिसिस भी की गईं। बुधवार को परिजन अपनी मर्जी से चिकित्सा सलाह के विरुद्ध छुट्टी (लामा) लेकर चले गए। अब रास्ते में या दूसरे अस्पताल में उसकी मृत्यु कैसे हुई इसके बारे में उनको कोई जानकारी नहीं है। उनके अस्पताल की ओर से बच्चे का अच्छे से उपचार परिजनों को बता कर दिया गया। परिजनों द्वारा जो आरोप लगए जा रहे हैं, वह गलत हैं। - डॉ सौरव गहलौत, चिकित्सा अधीक्षक, सर्वाेदय अस्पताल, सेक्टर-8
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