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कोविड नियमों के साथ 6 महीने बाद खुले कुछ स्कूल
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फरीदाबाद। अनलॉक 4.0 में कोरोना महामारी के छह महीने बाद सोमवार को शहर के कुछ स्कूल खुले। इस दौरान थर्मल स्क्रीनिंग के बाद विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया। कुछ स्कूलों में सुरक्षा के मद्देनजर कक्षाएं खुले में लगाई गईं। 15 से 20 छात्रों के समूह में दो-दो घंटे की कक्षाएं चलीं। हालांकि कई स्कूल अभी भी बंद हैं।
केंद्र सरकार की ओर से अनलॉक की प्रक्रिया के तहत मॉल, पार्क, धार्मिक स्थल, उद्योग आदि को खोल दिया गया है। सोमवार से 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल भी खुल गए। सुबह तय समय पर विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। सेक्टर-15ए स्थित विद्या मंदिर स्कूल में सुबह 8.30 बजे से विद्यार्थी आने लगे। एनआईटी पांच स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सुबह आठ बजे विद्यार्थी पहुंचे। वहीं रावल एजुकेशन सोसाइटी के अनेक स्कूल बंद रहे।
स्कूलों में थर्मल जांच और सैनिटाइजेशन के बाद बच्चों को प्रवेश दिया गया। कई बच्चे ऐसे भी थे जो बिना मास्क के स्कूल पहुंचे। उन्हें प्रबंधन की ओर से मास्क उपलब्ध कराए गए। स्कूलों में तीन बैच में सुबह 8 बजे से 10 बजे, 10 बजे से 12 बजे और 12 बजे से 2 बजे तक कक्षाएं लगीं। इस बीच काफी बच्चे ऐसे भी थे जो अभिभावकों के साथ अपना पंजीकरण करवाने पहुंचे। वहीं कुछ लोग कोविड-19 से बचाव से संबंधित तैयारियां देखने पहुंचे।
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विद्या मंदिर स्कूल के प्राचार्य आनंद गुप्ता ने बताया कि विद्यार्थियों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से शिक्षा उपलब्ध करवा रहे हैं। जो बच्चे स्कूल नहीं आएंगे, उनके लिए ऑनलाइन कक्षाएं पहले की तरह ही जारी रहेंगी।
शिक्षा अधिकारी ने किया निरीक्षण
जिला शिक्षा अधिकारी सतेंद्र कौर ने सोमवार को पांच स्कूलों का निरीक्षण किया। सबसे पहले वह अजरौंदा गांव स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, इसके बाद तिकानो पार्क स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मेट्रो मोड़ स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और एनआईटी पांच स्थित राजकीय आदर्श कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पहुंचीं। सभी जगहों पर कोरोना से बचाव के लिए किए गए इंतजामों की जांच की। स्कूल संचालकों को हिदायत दी कि सरकार की कोविड-19 संबंधी गाइडलाइन का सख्ती से पालन किया जाए।
विद्यार्थियों से बातचीत
कई महीनों बाद स्कूल जाना काफी अच्छा लगा। ऑनलाइन कक्षा में कई सवाल ठीक से समझ नहीं आते थे। इसलिए स्कूल आना जरूरी था। पहले तो कोरोना का डर जरूर था, मगर स्कूल में बचाव के अच्छे इंतजाम से राहत मिली है। - पीतांबर, छात्र, विद्या मंदिर स्कूल, सेक्टर-15ए
स्कूल में कोरोना से बचाव के इंतजाम काफी अच्छे हैं। गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग के बाद प्रवेश दिया गया। क्लॉस रूम में बैठाने की बजाय खुले में बैठाया गया। - सूर्यांश, छात्र, विद्या मंदिर स्कूल, सेक्टर-15ए
कोरोना का डर है, लेकिन बोर्ड परीक्षा भी देनी है। पहले ही काफी पढ़ाई छूट चुकी है। इसलिए पूरी सुरक्षा के साथ स्कूल आई हूं। घर से अपना सैनिटाइजर लेकर आई हूं। स्कूल में किसी भी चीज को हाथ लगाने के लिए मना किया गया है। - योगिता, छात्रा, राजकीय आदर्श कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय
स्कूल आकर काफी अच्छा लग रहा है। कई महीने बाद अपने दोस्तों से मिलने का मौका मिला। स्कूल में पहले जो पढ़ाई का मजा आता था, वो अब नहीं है। दोस्तों के साथ बैठकर बात नहीं कर सकते। - कोमल, छात्रा, राजकीय आदर्श कन्या वरिष्ठ माध्यमिक, विद्यालय
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केंद्र सरकार की ओर से अनलॉक की प्रक्रिया के तहत मॉल, पार्क, धार्मिक स्थल, उद्योग आदि को खोल दिया गया है। सोमवार से 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल भी खुल गए। सुबह तय समय पर विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। सेक्टर-15ए स्थित विद्या मंदिर स्कूल में सुबह 8.30 बजे से विद्यार्थी आने लगे। एनआईटी पांच स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सुबह आठ बजे विद्यार्थी पहुंचे। वहीं रावल एजुकेशन सोसाइटी के अनेक स्कूल बंद रहे।
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स्कूलों में थर्मल जांच और सैनिटाइजेशन के बाद बच्चों को प्रवेश दिया गया। कई बच्चे ऐसे भी थे जो बिना मास्क के स्कूल पहुंचे। उन्हें प्रबंधन की ओर से मास्क उपलब्ध कराए गए। स्कूलों में तीन बैच में सुबह 8 बजे से 10 बजे, 10 बजे से 12 बजे और 12 बजे से 2 बजे तक कक्षाएं लगीं। इस बीच काफी बच्चे ऐसे भी थे जो अभिभावकों के साथ अपना पंजीकरण करवाने पहुंचे। वहीं कुछ लोग कोविड-19 से बचाव से संबंधित तैयारियां देखने पहुंचे।
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विद्या मंदिर स्कूल के प्राचार्य आनंद गुप्ता ने बताया कि विद्यार्थियों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से शिक्षा उपलब्ध करवा रहे हैं। जो बच्चे स्कूल नहीं आएंगे, उनके लिए ऑनलाइन कक्षाएं पहले की तरह ही जारी रहेंगी।
शिक्षा अधिकारी ने किया निरीक्षण
जिला शिक्षा अधिकारी सतेंद्र कौर ने सोमवार को पांच स्कूलों का निरीक्षण किया। सबसे पहले वह अजरौंदा गांव स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, इसके बाद तिकानो पार्क स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मेट्रो मोड़ स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और एनआईटी पांच स्थित राजकीय आदर्श कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पहुंचीं। सभी जगहों पर कोरोना से बचाव के लिए किए गए इंतजामों की जांच की। स्कूल संचालकों को हिदायत दी कि सरकार की कोविड-19 संबंधी गाइडलाइन का सख्ती से पालन किया जाए।
विद्यार्थियों से बातचीत
कई महीनों बाद स्कूल जाना काफी अच्छा लगा। ऑनलाइन कक्षा में कई सवाल ठीक से समझ नहीं आते थे। इसलिए स्कूल आना जरूरी था। पहले तो कोरोना का डर जरूर था, मगर स्कूल में बचाव के अच्छे इंतजाम से राहत मिली है। - पीतांबर, छात्र, विद्या मंदिर स्कूल, सेक्टर-15ए
स्कूल में कोरोना से बचाव के इंतजाम काफी अच्छे हैं। गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग के बाद प्रवेश दिया गया। क्लॉस रूम में बैठाने की बजाय खुले में बैठाया गया। - सूर्यांश, छात्र, विद्या मंदिर स्कूल, सेक्टर-15ए
कोरोना का डर है, लेकिन बोर्ड परीक्षा भी देनी है। पहले ही काफी पढ़ाई छूट चुकी है। इसलिए पूरी सुरक्षा के साथ स्कूल आई हूं। घर से अपना सैनिटाइजर लेकर आई हूं। स्कूल में किसी भी चीज को हाथ लगाने के लिए मना किया गया है। - योगिता, छात्रा, राजकीय आदर्श कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय
स्कूल आकर काफी अच्छा लग रहा है। कई महीने बाद अपने दोस्तों से मिलने का मौका मिला। स्कूल में पहले जो पढ़ाई का मजा आता था, वो अब नहीं है। दोस्तों के साथ बैठकर बात नहीं कर सकते। - कोमल, छात्रा, राजकीय आदर्श कन्या वरिष्ठ माध्यमिक, विद्यालय