फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Sit-in protest outside Sahupura School against sending children to another school.

Faridabad News: बच्चों को दूसरे स्कूल भेजने के विरोध में साहूपुरा स्कूल के बाहर धरना

Wed, 16 Sep 2026 12:42 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2026 12:42 AM IST
विज्ञापन
Sit-in protest outside Sahupura School against sending children to another school.
अभिभावकों का आरोप- छठी से आठवीं तक के बच्चों को दूसरे स्कूल में भेजने की तैयारी
विज्ञापन

स्कूल की व्यवस्थाओं पर भी उठाए सवाल

संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। साहूपुरा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों को दूसरे स्कूल भेजे जाने के विरोध में अभिभावकों और विद्यार्थियों ने स्कूल के बाहर धरना दिया। अभिभावकों ने बच्चों की पढ़ाई वर्तमान स्कूल में ही जारी रखने की मांग की। धरने में करीब 150 से 200 लोग शामिल रहे।

अभिभावकों का आरोप है कि छठी से आठवीं तक के बच्चों को सेक्टर-65 स्थित राजकीय स्कूल में भेजा जा रहा है। इससे साहूपुरा के साथ आसपास के गांवों से आने वाले विद्यार्थियों को परेशानी होगी। उनका कहना है कि बच्चों को रोजाना अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। अभिभावकों ने स्कूल में पर्याप्त जगह होने के बावजूद बच्चों को दूसरे विद्यालय में भेजने के निर्णय पर सवाल उठाया। धरने पर बैठे अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर बच्चों से स्कूल से संबंधित काम कराने और सफाई में लगाने का आरोप लगाया। अभिभावक जितेंद्र कुमार ने बताया कि उनके तीन बच्चे इसी स्कूल में पढ़ते हैं। उनका आरोप है कि सफाई के दौरान कुछ विद्यार्थियों के बीमार होने की शिकायत भी सामने आई है। अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि सफाई नहीं करने पर विद्यार्थियों की टीसी काटने की धमकी दी गई।
विज्ञापन


स्कूल परिसर में कचरा, बाथरूम की हालत खराब

अभिभावकों ने स्कूल की साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि परिसर में कई जगह कचरा पड़ा है और बाथरूम की स्थिति भी ठीक नहीं है। टूटे नल, भवन की रंगाई-पुताई और रखरखाव की जरूरत की ओर भी उन्होंने ध्यान दिलाया। अभिभावकों ने कहा कि बच्चों को दूसरे स्कूल भेजने के बजाय मौजूदा स्कूल की व्यवस्थाओं में सुधार किया जाए। अभिभावकों ने स्कूल के बाहर सड़क पर स्पीड ब्रेकर लगाने और बच्चों की सुरक्षा के लिए यातायात संबंधी इंतजाम करने की मांग की। उन्होंने कुछ शिक्षकों के समय पर स्कूल नहीं पहुंचने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे पढ़ाई प्रभावित होती है। वहीं, बच्चों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में ले जाने का वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों ने विद्यार्थियों की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए। डीडीओ सरोज ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि कुछ शिक्षक एसआईआर ड्यूटी में लगे हैं। छठी से आठवीं तक के बच्चों को दूसरे स्कूल भेजने के आदेश उच्च स्तर से मिले हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉली में बच्चों को नहीं, बल्कि स्कूल का सामान शिफ्ट किया जा रहा था। जिस स्कूल में बच्चों को भेजा जा रहा है, वहां वे खुश हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed