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Faridabad News: सर... गोल्ड मेडल जीता हूं, प्रमाण पत्र बना दीजिए
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स्पोर्ट्स ग्रेडेशन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए खिलाड़ियों को लगाने पड़े चक्कर, कई खिलाड़ी रह गए वंचित
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। गुरुग्राम में स्पोर्ट्स ग्रेडेशन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जिले के खिलाड़ियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रमाण पत्र बनवाने के लिए खिलाड़ियों को कई बार गुरुग्राम के चक्कर लगाने पड़े, इसके बावजूद कई खिलाड़ियों का सर्टिफिकेट नहीं बन सका। शुक्रवार को प्रमाण पत्र बनवाने की अंतिम तिथि थी। ऐसे में कई खिलाड़ी समय पर ग्रेडेशन प्रमाण पत्र बनवाने से वंचित रह गए।
खिलाड़ियों का कहना है कि कभी किसी दस्तावेज की कमी बताकर वापस भेज दिया गया तो कभी संबंधित खेल फेडरेशन से सत्यापन का हवाला देकर आवेदन रोक दिया गया। बार-बार कार्यालय आने-जाने से समय और पैसे दोनों की बर्बादी हुई। खिलाड़ियों का कहना है कि यदि प्रक्रिया पहले से स्पष्ट होती और सभी दस्तावेजों की जानकारी एक साथ दी जाती तो उन्हें इतनी परेशानी नहीं उठानी पड़ती।
बातचीत-
मैंने पिछले वर्ष भी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए चक्कर लगाए थे। मैंने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में गोल्ड जीता है। इस वर्ष भी दस्तावेजों में कमी बताकर मेरा प्रमाण पत्र नहीं बन पाया।- राजकुमार
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सरकारी नौकरी और खेल कोटे में आवेदन के लिए स्पोर्ट्स ग्रेडेशन प्रमाण की आवश्यकता पड़ती है। मुझे ग्रुप-डी का फार्म भरना था।- सचिन भाटी
फेडरेशन से सत्यापन के नाम पर प्रमाण पत्र नहीं बन पाया। हर बार ऐसी ही परेशानियों का सामना खिलाड़ियों को करना पड़ता है।- जय राणा
विभाग को प्रक्रिया सरल बनानी चाहिए। इसके साथ ही प्रमाण पत्र जिले में ही बनने चाहिए ताकि खिलाड़ियों को इतनी दूर नहीं जाना पड़े।- मनोज
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। गुरुग्राम में स्पोर्ट्स ग्रेडेशन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जिले के खिलाड़ियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रमाण पत्र बनवाने के लिए खिलाड़ियों को कई बार गुरुग्राम के चक्कर लगाने पड़े, इसके बावजूद कई खिलाड़ियों का सर्टिफिकेट नहीं बन सका। शुक्रवार को प्रमाण पत्र बनवाने की अंतिम तिथि थी। ऐसे में कई खिलाड़ी समय पर ग्रेडेशन प्रमाण पत्र बनवाने से वंचित रह गए।
खिलाड़ियों का कहना है कि कभी किसी दस्तावेज की कमी बताकर वापस भेज दिया गया तो कभी संबंधित खेल फेडरेशन से सत्यापन का हवाला देकर आवेदन रोक दिया गया। बार-बार कार्यालय आने-जाने से समय और पैसे दोनों की बर्बादी हुई। खिलाड़ियों का कहना है कि यदि प्रक्रिया पहले से स्पष्ट होती और सभी दस्तावेजों की जानकारी एक साथ दी जाती तो उन्हें इतनी परेशानी नहीं उठानी पड़ती।
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बातचीत-
मैंने पिछले वर्ष भी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए चक्कर लगाए थे। मैंने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में गोल्ड जीता है। इस वर्ष भी दस्तावेजों में कमी बताकर मेरा प्रमाण पत्र नहीं बन पाया।- राजकुमार
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सरकारी नौकरी और खेल कोटे में आवेदन के लिए स्पोर्ट्स ग्रेडेशन प्रमाण की आवश्यकता पड़ती है। मुझे ग्रुप-डी का फार्म भरना था।- सचिन भाटी
फेडरेशन से सत्यापन के नाम पर प्रमाण पत्र नहीं बन पाया। हर बार ऐसी ही परेशानियों का सामना खिलाड़ियों को करना पड़ता है।- जय राणा
विभाग को प्रक्रिया सरल बनानी चाहिए। इसके साथ ही प्रमाण पत्र जिले में ही बनने चाहिए ताकि खिलाड़ियों को इतनी दूर नहीं जाना पड़े।- मनोज