{"_id":"64f9d110c7175fc9390955b4","slug":"show-cause-notice-given-to-heart-center-for-not-getting-specialist-doctor-faridabad-news-c-26-1-fbd1004-12939-2023-09-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं मिलने पर हार्ट सेंटर को दिया कारण बताओ नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं मिलने पर हार्ट सेंटर को दिया कारण बताओ नोटिस
विज्ञापन
स्वास्थ्य महानिदेशक डाॅ. रणदीप सिंह पूनिया मरीज बनकर औचक निरीक्षण किया
फोटो-
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीके अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित हार्ट सेंटर का बुधवार देर शाम को स्वास्थ्य महानिदेशक डाॅ. रणदीप सिंह पूनिया ने मरीज बनकर औचक निरीक्षण किया। उस समय हार्ट सेंटर में एमबीबीएस चिकित्सक ही उपस्थित था, जबकि एमओयू के अनुसार हृदय रोग विशेषज्ञ की ड्यूटी अवश्य होनी चाहिए। वहीं नियमित ओपीडी भी लगनी चाहिए। एमओयू के नियमों की पालना नहीं करने पर स्वास्थ्य महानिदेशक डाॅ. रणदीप सिंह पूनिया के आदेश पर कारण बताओ नोटिस दिया गया। जिसमें सेंटर को अपना पक्ष एक सप्ताह का समय दिया गया।
स्वास्थ्य महानिदेशक डा. रणदीप सिंह पूनिया ने बताया कि देर शाम को जब बीके अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे तो उन्होंने स्ट्रेचर और व्हील चेयर नहीं थे। इसके अलावा इमरजेंसी में साफ सफाई सही तरीके से नहीं होने पर दुर्गंध आ रही थी। इन दोनों व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के सख्त आदेश दिए गए। वहीं चिकित्सा अधिकारी डा. रोहित गौड़ ने डॉ रणदीप पूनिया को बताया कि फॉल सीलिंग का कार्य पीडब्ल्यूडी का भुगतान नहीं होने की वजह से रुका हुआ है। इसके बाद अस्पताल में पीपीपी पर चल रहे हार्ट सेंटर का निरीक्षण किया।
डाॅ. रणदीप ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने उप स्वास्थ्य निदेशक से लेकर स्वास्थ्य महानिदेशक अधिकारियों को जिला मुख्यालयों में जाकर निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं। जिसके चलते उन्होंने बीके अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान डाॅ. राजेश श्योकंद, डाॅ. मान सिंह, डॉ. सुशल अहलावत, डाॅ. एमपी सिंह, डाॅ. गजराज सहित चिकित्सक व स्टाफ उपस्थित रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो-
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीके अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित हार्ट सेंटर का बुधवार देर शाम को स्वास्थ्य महानिदेशक डाॅ. रणदीप सिंह पूनिया ने मरीज बनकर औचक निरीक्षण किया। उस समय हार्ट सेंटर में एमबीबीएस चिकित्सक ही उपस्थित था, जबकि एमओयू के अनुसार हृदय रोग विशेषज्ञ की ड्यूटी अवश्य होनी चाहिए। वहीं नियमित ओपीडी भी लगनी चाहिए। एमओयू के नियमों की पालना नहीं करने पर स्वास्थ्य महानिदेशक डाॅ. रणदीप सिंह पूनिया के आदेश पर कारण बताओ नोटिस दिया गया। जिसमें सेंटर को अपना पक्ष एक सप्ताह का समय दिया गया।
स्वास्थ्य महानिदेशक डा. रणदीप सिंह पूनिया ने बताया कि देर शाम को जब बीके अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे तो उन्होंने स्ट्रेचर और व्हील चेयर नहीं थे। इसके अलावा इमरजेंसी में साफ सफाई सही तरीके से नहीं होने पर दुर्गंध आ रही थी। इन दोनों व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के सख्त आदेश दिए गए। वहीं चिकित्सा अधिकारी डा. रोहित गौड़ ने डॉ रणदीप पूनिया को बताया कि फॉल सीलिंग का कार्य पीडब्ल्यूडी का भुगतान नहीं होने की वजह से रुका हुआ है। इसके बाद अस्पताल में पीपीपी पर चल रहे हार्ट सेंटर का निरीक्षण किया।
विज्ञापन
डाॅ. रणदीप ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने उप स्वास्थ्य निदेशक से लेकर स्वास्थ्य महानिदेशक अधिकारियों को जिला मुख्यालयों में जाकर निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं। जिसके चलते उन्होंने बीके अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान डाॅ. राजेश श्योकंद, डाॅ. मान सिंह, डॉ. सुशल अहलावत, डाॅ. एमपी सिंह, डाॅ. गजराज सहित चिकित्सक व स्टाफ उपस्थित रहा।
विज्ञापन