फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Seven women in the city will experience the joy of motherhood through surrogacy.

Faridabad News: सरोगेसी के जरिये शहर में सात महिलाओं को मिलेगा मातृत्व का सुख

Sun, 18 Jan 2026 11:56 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jan 2026 11:56 PM IST
विज्ञापन
Seven women in the city will experience the joy of motherhood through surrogacy.
जरूरतमंद परिवारों को कानूनी संरक्षण के साथ नई उम्मीद भी मिली है
विज्ञापन




संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी में संतान की चाह रखने वाले दंपतियों के लिए सरोगेसी अब एक भरोसेमंद और सुरक्षित विकल्प के रूप में सामने आ रही है। सरोगेसी अधिनियम लागू होने के बाद न केवल प्रक्रिया पारदर्शी हुई है, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को कानूनी संरक्षण के साथ नई उम्मीद भी मिली है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शहर में अब तक सात महिलाओं का सरोगेसी के लिए पंजीकरण हो चुका है, जिन्होंने इस प्रक्रिया के तहत गर्भ धारण किया है और वे जल्द ही मातृत्व का सुख प्राप्त करेंगी।

वर्तमान समय में करियर, सामाजिक जिम्मेदारियों और निजी कारणों से कई महिलाएं देर से विवाह कर रही हैं। ऐसे में उम्र बढ़ने के साथ गर्भधारण जटिल हो जाता है। इसके अलावा कुछ महिलाओं में गर्भाशय से जुड़ी जन्मजात समस्याएं होती हैं या बीमारी, सर्जरी अथवा दुर्घटना के कारण गर्भाशय निकालना पड़ता है। ऐसी स्थिति में महिला स्वयं गर्भ धारण नहीं कर पाती, लेकिन यदि अंडाणु स्वस्थ हों तो सरोगेसी के माध्यम से संतान प्राप्ति संभव हो जाती है।
विज्ञापन


चिकित्सकों के अनुसार बार-बार गर्भपात की समस्या झेल रही महिलाओं के लिए भी सरोगेसी एक विकल्प हो सकता है। वहीं हृदय रोग, किडनी की गंभीर बीमारी, कैंसर, मधुमेह या उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों में गर्भधारण महिला के जीवन के लिए खतरा बन सकता है। ऐसे मामलों में डॉक्टर गर्भ न ठहराने की सलाह देते हैं और सरोगेसी को सुरक्षित समाधान माना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसएस दहिया ने बताया कि सरोगेसी के लिए न केवल महिला का पंजीकरण जरूरी है, बल्कि जिस अस्पताल में प्रक्रिया की जा रही है, उसका भी अधिकृत रूप से पंजीकृत होना अनिवार्य है। स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी प्रक्रिया पर नियमित निगरानी रखती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून के तहत केवल निशुल्क सरोगेसी ही मान्य है। किसी भी प्रकार से पैसे लेकर सरोगेसी कराना या कराना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।


सरोगेसी अधिनियम के तहत अपनाई जा रही यह व्यवस्था उन दंपतियों के लिए राहत लेकर आई है, जिनके लिए प्राकृतिक रूप से संतान प्राप्ति संभव नहीं थी। अब सुरक्षित, नियंत्रित और कानूनी ढांचे में मातृत्व का सपना साकार हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed